Last updated - Wed, May 22, 2013
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राजनीति में महिलाएं
देश में आधी आबादी (महिलाएं) पिछले एक दशक से अपना प्रतिनिधित्व बढाने की मांग कर रही हैं लेकिन पुरूष प्रधान राजनीति संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने दे रही। यह अप्रत्याशित और सुखद है कि पन्द्रहवीं लोकसभा में उपेक्षित महिला वर्ग का प्रतिनिधित्व बढा है। यह पहला मौका है जब 58 महिलाएं लोकसभा में पहुंची हैं, जो अब तक का सर्वाधिक आंकडा है। इस बार कुल 556 ने चुनाव लडा था। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 12, पश्चिम बंगाल से 7 और राजस्थान से 3 (गिरिजा व्यास, चन्द्रेश कुमारी, ज्योति मिर्धा) महिला सांसद चुनी गई हैं।
14वीं लोकसभा में देशभर में 355 महिला उम्मीदवार चुनावी रणक्षेत्र में कूदी थी। इनमें से महज 45 लोकसभा में पहुंच पाई, जो 543 सदस्यीय सदन का 10 फीसदी भी नहीं है। नई लोकसभा में पिछली की तुलना में 13 महिल
 
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