ईशान कोण में बनाएं पूजा घर

ईश्वर का स्मरण करने के लिए हालांकि किसी भी तरह की औपचारिकता की जरूरत नहीं होती, लेकिन विद्वानों के अनुसार पाठ-पूजा यदि विधि-विधान से की जाए तो परिणाम शीघ्र आने लगते हैं। विद्वानों के अनुसार घर में भगवान की आराधना के लिए वास्तु शास्त्र के अनुरूप पूजा कक्ष ईशान कोण में बनाएं। बृहत्संहिता के अनुसार ईशान कोण को हमेशा स्वच्छ व भार रहित रिक्त स्थान रखना चाहिए।
जातक को विशेष लक्ष्य सिद्धि व विद्या प्राप्ति के लिए उत्तर दिशा में धन धान्य और लक्ष्मी के ठहराव के लिए पूर्व दिशा में मुखकर पूजा करनी चाहिए। विद्या प्राप्ति के लिए ? ऎं ह्रीं क्लीं सरस्वत्यै नम: का 101 बार और लक्ष्मी आगम के लिए ? ऎं ह्रीं क्लीं लक्ष्म्यै नम: का 101 बार जाप करने चाहिए। देवताओं की निश्चितता के लिए शिव, विष्णु व सूर्य आदि कí