बच्चों का बदलता परिवेश

एक समय था जब घर के अधिकतर लोग शाम हुई नहीं कि घर के बच्चों को आवाज लगाने लगते कि बहुत हो चुका अब खेल खत्म करो और घर में आओ। लेकिन अब ठीक उलटा हो चुका- आज मां-बाप खुद चाहते हैं कि बच्चे बाहर जाके खेले लेकिन आज के बच्चे हैं कि दिनभर टीवी, इंटरनेट या वीडियो गेम में ही मगन रहते हैं। बाहर जाना उन्हें कम पसंद होता है। यही वजह है कि आजकल बच्चों के अंदर बीमारियां भी बढ़ रही हैं और उनके स्वभाव में भी परिवर्तन आ रहा है।
किताबों से दूर
बच्चों के बदलते इस परिवेश का असर यह भी देखा गया है कि वे किताबों से दूर हो रहे हैं। पहले बच्चों को कॉमिक्स पढ़ने का शौक रहता था। कॉमिक्स पढ़ने की यह आदत किताबों की तरफ आकर्षित करती थी। लेकिन आज हालात अलग है। आज किताबों का मतलब बच्चों की नजर में सिर्फ कोर्स की किताबों से होत