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नवरात्र से ग्रह दोष शांति
नौ दिनों तक देवी की आराधना, पूजा और व्रत करके न सिर्फ शक्ति संचय किया जाता है, वरन् नवग्रहों से जनित दोषों का शमन भी इस अवधि में सुगमता से किया जा सकता है। जन्म कुंडली में यदि सूर्य ग्रह कमजोर हो तो स्वास्थ्य लाभ के लिए श्ौल पुत्री की उपासना से लाभ मिलता है। चंद्रमा के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए कूष्मांडा देवी की आराधना करें।
मंगल ग्रह के लिए स्कंदमाता, व्यापार और अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए बुध की शांति के लिए कात्यायनी देवी, गुरू के लिए महागौरी, शुक्र के शुभत्व के लिए सिद्धिदात्री और शनि के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए कालरात्रि की उपासना सार्थक रहती है। राहु की शुभता के लिए ब्रह्मचारिणी की उपासना और केतु के विपरीत प्रभाव को दूर करने के लिए चंद्रघंटा देवी की साधना करनी चाह
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