मन को जोड़ें सांसों से

मन को काबू में करने का मतलब है अपनी अनियंत्रित विचारशैली को नियंत्रित करना। मन को सांसों से जोडिए। प्राणवायु से जुड़ते ही बेलगाम मन पर नियंत्रण करना आसान हो जाएगा। अपने विचारों को रोकने का प्रयास करें। विचार रूकते ही मन धीमा होगा, इसे फिर सांसों से जोड़ दें। मन का सांस से गहरा संबंध है।
मन सारी इंद्रियों का स्वामी है और सांस मन का। इसलिए श्वास के नियंत्रण से हम चित्त को स्थिर करके आंतरिक शांति प्राप्त कर सकते हैं। जब भी बेचैनी हो, मन अशांत हो, तनाव हो, तो पkासन में बैठकर सांस भीतर खींचे, उसे थोड़ी देर भीतर ही रोकें, फिर धीरे-धीरे छोड़ दें। ऎसा प्रयोग दिन में दो-तीन बार करने से आप काफी सहज महसूस करेंगे।