दीपोत्सव पर लक्ष्मी को रिझाएं

दीपावली की रात को महानिशा, कालरात्रि, महाकृष्णा, दिव्यरंजनी आदि नामों से जाना जाता है जिनका उल्लेख पुराणों में मिलता है। तंत्र-मंत्र साधना के लिए यह रात अति उत्तम है। शास्त्रों के अनुसार तो दीपावली का सम्पूर्ण दिन ही विभिन्न साधनाओं और उपासनाओं के लिए उपयुक्त माना गया है। शुक्र धन, सुख व समृद्धि का दाता है।
दिवाली के दिन शुक्र अपनी मूलत्रिकोण राशि तुला में होने के कारण अति शुभ फलदायक बनता है। इस दिन शुक्र की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी की पूजा, साधना आदि कर जातक अपने लक्ष्य व मनोरथ की पूर्ति कर ऎश्वर्य, सुख, धन, सौभाग्य, आरोग्य आदि की प्राप्ति कर सकता है। इस दिन सभी घरों, दुकानों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी पूजन के साथ देहली विनायक, मां काली, सरस्वती एव