पीडिता की आत्मा को शांति मिले: बॉलीवुड

नई दिल्ली। बीते 13 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही दिल्ली गैंग रेप पीडिता 23 वर्षीय पैरामेडिकल स्टूडेंट की शनिवार थड़के सांसे थम गई। पीडिता की मौत की खबर के बाद बॉलीवुड समेत कई हस्तियां सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उसकी आत्मा की शांति के लिए दुआएं की।
अमिताभ बच्चन: अमानत कहें या दामिनी। अब सिर्फ एक नाम। उसके शरीर की मौत हो गई है लेकिन उसकी आत्मा हमेशा हमारे दिल को उत्तेजित करती रहेंगी।
नेहा धूपिया: इस साल का अंत बहुत ही दर्दनाक खबर के साथ हो रहा है। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे।
जावेद अख्तर : दिल्ली गैंगरेप पीडिता की मौत हो गई। उसकी मौत ने न केवल सरकार,पुलिस,आपको,मुझे बल्कि हर एक को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
कुनाल कोहली : दिल्ली गैंगरेप की शिकार लड़की की मौत हो गई है। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे।
अनुपम खेर: यह मानवीय गरिमा की मौत है,भारतीय होने की मौत है,मासूमियत की मौत है और यह एक सिस्टम की मौत है। भारत का दिल टूट गया है।
सुहैल सेठ: पीडिता की मौत से पुरूषों के लिए ये सबक छोड़ सकी है कि उन्हें महिलाओं से कैसे बर्ताव करना है और कैसे उनका सम्मान करना है तभी यह असल जीत होगी।
निर्मल सुरी: पीडिता की मौत बहुत दुखद है। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे।
शबाना आजमी: शोक की इस घड़ी में हम शांति बनाए रखें। हम महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लड़ रहे हैं और हमें हिंसक नहीं होना चाहिए।
विशाल ददलानी: दुनिया दिल्ली को देख रही है। यह सुनिश्चित करना होगा कि हम कड़े बलात्कार विरोधी कानून हासिल करने की जंग हार न जाएं। कानून में इस तरह बदलाव करना होगा,ताकि हर भारतीय महिला सुरक्षा का अहसास कर पाए।
अभिषेक बच्चन: मुझे हमेशा से एक भारतीय होने का गर्व रहा है। आज हम सभी को शर्मिदा होना चाहिए। क्या एक देश को जगाने के लिए हमेशा किसी निर्दोष की मौत जरूरी है। यह वह देश नहीं है जिसमें मैं बड़ा हुआ हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरी बेटी बड़ी होने पर देश के इस रूप को देखे।
लता मंगेश्कर: बहुत हो चुका। यह निर्भय दामिनी की मौत नहीं है बल्कि यह हमारे देश में मानवता की मौत है। अब सरकार को गहरी नींद से जागना चाहिए और इस बर्बर अपराध के दोषियों को सजा देनी चाहिए।
अनुराग कश्यप: मैं शर्मिदा हूं,दुखी हूं और क्रोधित भी।
बोमन ईरानी: वह एक क्रांति के सैनिक की तरह थी। अगर उसे भुला दिया गया तो हमारे लिए उस दोषी से ज्यादा शर्मनाक स्थिति होगी।