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मस्तिष्क रेखा और आपकी सफलता
हाथ की मुख्य रेखाओं में मस्तिष्क रेखा दूसरी प्रमुख रेखा होती है। इसे भारतीय सामुद्रिक शास्त्र में मातृ रेखा या मानव रेखा भी कहते हैं। घड़ी में मुख्य लीवर की भांति इसका कार्य है। स्मरण शक्ति, अनुभूति, कार्य प्रणाली, व्यवस्था, विचार आदि समस्त क्रियाएं अकेली मस्तिष्क रेखा पर आधारित हैं। यह रेखा हाथ में आर-पार या कुछ गोलाई लिए हुए तथा आयु रेखा के पास से अथवा अंदर से या थोड़ी दूरी से प्रारंभ होती है। यह रेखा छोटी भी हो सकती है और दोहरी भी। यह कई आकृतियों में हाथ में बनती है। योग्यता, जीवन में सफलता और असफलता इसी रेखा पर आधारित है। इस रेखा को शीर्ष रेखा के भी नाम से जाना जाता है। इसका फल इस प्रकार होना संभव है-
- मस्तिष्क रेखा से सूर्य रेखा निकलने पर व्यक्ति गुण व योग्यता के आधार पर प्रसिद्ध व ध
 
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