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फिर रेल की पटरी काटने की कोशिश, आतंकी साजिश की आशंका

पुलिस अधिकारी इस घटना को आतंकी साजिश होने की आशंका जाता रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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Prashant Mishra

Jan 16, 2016

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके के कनकहा रेलवे स्टेशन के पास पिछले साल दो अक्टूबर 2015 को गांधी जयंती के दिन रेलवे लाइन की 50 सेंटीमीटर पटरी काट दी गई थी। इससे बड़ा रेल हादसा होने से बचा था। इसे आतंकी साजिश के चलते काटा गया था। आगामी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है वहीं,उसी क्षेत्र में फिर रेल की पटरी काटने का प्रयास किया। पटरी काटे जाने के प्रयास की सूचना मिलते ही रेल विभाग में हड़कम्प मच गया। मौके पर पहुंचे रेलवे के अधिकारी जांच में जुट गए है। पुलिस अधिकारी इस घटना को आतंकी साजिश होने की आशंका जाता रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे लखनऊ अजीत सिन्हा ने बताया, की मैन दीपू ने सूचना दी कि कनकहा रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक का करीब 2.23 मीटर टुकड़े को काटने का प्रयास किया गया। दीपू की सूचना पर पीडब्ल्यू राकेश तिवारी तथा स्टेशन मास्टर मोहनलालगंज सर्वेश चौबे मौके पर पहुंचे। मौके पर रेलवे अधिकारीयों ने पटरी को दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों को सावधानी के साथ वहां से निकलवाया। उन्होंने बताया सबसे पहले चोपन से बरेली जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को वहां से निकाला गया।

रेलवे के अधिकारियों का कहना है पटरी को इलाकाई चोर भी काट सकते हैं। फिलहाल आतंकी साजिश को देखते हुए इसकी जांच की जा रही है। इस संबंध में थानाप्रभारी मोहनलालगंज एसएन राय ने बताया अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। अगर तहरीर दी जायेगी तो आगे की कार्यवाही की जाएगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों पूछताछ की जा रही है।


इससे पहले भी काटी जा चुकी है पटरी

आपको बता दें लखनऊ-रायबरेली रेलवे ट्रैक पर कनकहा-मोहनलालगंज के बीच पिछले साल 02 अक्टूबर 2015 को ट्रैक से 50 सेंटीमीटर पटरी काट दी गई थी। उस समय प्रयाग पैसेंजर ट्रेन गुजर रही थी। ड्राइवर ने जब आवाज आने पर ट्रेन को रोका और पटरी चेक की, तो पता लगा ट्रैक से पटरी कटी हुई थी। इस घटना में इंजन का फ्यूल टैंक डैमेज हुआ था। इसकी जांच एटीएस और एसटीएफ कर रही थी। आईजी एसटीएफ सुजीत पांडेय ने इस घटना को ट्रेन डिरेल करने की साजिश बताया था। जबकि जांच अधिकारियों ने सिमी आतंकियों द्वारा घटना को अंजाम देने की आशंका जताई थी।

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