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54 लाख रूपयों का घोटाला, मंत्री ने 9 इंजीनियरों पर की कार्रवाई झारखंड में चेकडैम को अनुपयोगी बनाने तथा 54 लाख 62 हजार 132 रुपये का दुरुपयोग करने पर 9 इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है...
कोल्हान के प्रभारी आयुक्त के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय जांच टीम ने मौके पर ही जमशेदपुर प्रखंड के राजस्व कर्मचारी यदुपति राज को निलंबित कर दिया...

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State Employee
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यकर्मियों को दिया तोहफा, चार फीसदी बढ़ा महंगाई भत्ता
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य कर्मियों को तोहफा दिया है, मंहगाई भत्ता में चार फीसदी का इजाफा किया है। राज्य कर्मचारियों को अब 132 प्रतिशत की जगह 136 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2017 से
झांसी। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान एक बार फिर अलग ही अंदाज में सरकारी दफ्तरों की साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लेने निकले। इस निरीक्षण में उन्हें पुराने विकास भवन परिसर में स्थित भूमि विकास एवं जल संसाधन विकास कार्यालय में बेहद चौंकाने वाली स्थिति नजर आई। दफ्तर में खाना बनाने का सामना देखकर उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि यह कार्यालय है या किचन? इसके साथ ही उन्होंने तुरंत ही कार्यालय से खाना बनाने का सामान हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा विकासखंड स्तर के अधिकारी को संबंधित विकासखंड में मुख्यालय बनाए जाने को कहा। वहीं, उन्होंने इसी परिसर में खड़ी कंडम गाड़ियों को भी डिस्पोज करने के निर्देश दिए। सफाई की जरूरत बताईपुराने विकास भवन परिसर में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने झांसी विकास प्राधिकरण कार्यालय को भी देखा। यहां पर उन्होंने कई स्थानों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छत की सफाई कराए जाने की जरूरत बताई। इसके साथ ही उन्होंने कार्यालय के सामने बने पार्क की सफाई व्यवस्था को भी देखा और उसे विकसित करने का सुझाव विभागीय अधिकारियों को दिया। इससे पहले जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की जा रही साप्ताहिक दिवस पर सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम और प्रोबेशन कार्यालय को भी देखा। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक पटल का निरीक्षण व वहां की सफाई व्यवस्था को देखा। इसके अलावा उन्होंने कार्यालय के सामने सफाई की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। ये लोग रहे उपस्थितइस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट जी पी गुप्ता, जेडीए सचिव आर पी मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव शर्मा, कर्मचारी कल्याण निगम के मैनेजर डा.वहीद, डीआईओ दीपक सक्सेना, जेई रवींद्र गुप्ता, प्रमोद पटैरिया, संतोष रायकवार व दीपक कुमार समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर. पिछले छह दिनों से लेखपालों के धरने के बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं कर पाने व एक साथ 117 लेखपालों का ट्रांसफर कर दिए जाने को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी भी खासे नाराज हैं। राज्य कर्मचारी महांसघ के पदाधिकारियों की सोमवार को हुई बैठक में निर्णय लिया किया गया कि अगर लेखपालों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता है कि महासंघ भी लेखपालों के समर्थन में आन्दोलन की शुरूआत करेगा। महासंघ के जिलाध्यक्ष जय गोविन्द यादव की अध्यक्षता में पदाधिकारियों की हुई की बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि सदर तहसील में 240 लेखपाल तैनात हैं, जिसमें से शासन की मंशा के विपरीत जिलाधिकारी द्वारा 117 लेखपालों का ट्रांसफर इधर से उधर कर दिया गया। इसे लेकर लेखपालों में रोष है। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि 20 फीसदी लोगों का ही ट्रांसफर किया जाय, वह भी उनका जो दस वर्ष से एक ही स्थान पर जमे हैं। जबकि डीएम द्वारा ऐसे भी लेखपालों का ट्रांसफर किया गया जो अभी तक एक तहसील में दस वर्ष पूरा भी नहीं कर सकें हैं। साथ ही दिव्यांग कर्मचारियों का भी स्थानान्तरण प्रशासन द्वारा मनमाने तरीके से किया गया है, जिसको लेकर कर्मचारियों का नाराज होना जायज है। READ MORE- तार ठीक करते समय लाइट आने से लाइनमैन की मौत, लोगों ने लगाया जामपदाधिकारियों ने मांग की है कि अगर प्रशासन लेखपालों की जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं करता है तो आने वाले दिनों में राज्य कर्मचारी महासंघ लेखपालों के समर्थन में आन्दोलन की शुरूआत करेगा। इस दौरान राकेश सिंह, सुरेश, सीताराम, दीपक श्रीवास्तव, महेन्द्र मिश्रा, गोविन्द पाण्डेय, राघवेन्द्र, सुभाष त्रिपाठी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
ग्वालियर. एकता और एकजुटता ही संगठन को मजबूत बनाती है। जब तक संगठन मजबूत नहीं होगा तब तक हम किसी भी कार्यक्रम को सफल नहीं बना सकते है। यह बात सही है कि आज की भागदौड़ में हर कोई समय नहीं निकाल पाता है, लेकिन संगठन के लिए समय निकालना चाहिए। साथ ही समय- समय पर पदाधिकारियों से भी मेल मुलाकात करनी चाहिए। जिससे वरिष्ठों तक हमारी बात पहुंचती है। यह बात मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह कौरव ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कौरव द्वारा स्वास्थ कर्मचारियों की बैठक ली। इस दौरान मुख्य रूप से संघ की उपाध्यक्ष वीरा जोसेफ, अध्यक्ष रमेश जाट, प्रदेश मंत्री पवन भटनागर, जिला अध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह भदौरिया शामिल थे। बैठक के दौरान स्वास्थ कर्मचारियों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराए जाने की बात कही। वहीं नर्सेस प्रांतीय विभागीय समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जाट द्वारा गजराराजा मेडिकल कॉलेज में पदस्थ नर्सेस मनीष तिवारी को समिति का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके पश्चात स्वास्थ प्रबंधन संस्थान की केंटीन में मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारियों की बैठक लेकर कहा कि सातवें वेतनमान के पहले छठवें वेतनमान की विसंगतियां दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके पश्चात जुलाई से सातवें वेतनमान की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मौके पर विमल आर्य, सुनील दुबे, सोमप्रकाश मिश्रा, गिरीश मिश्रा, सुरेन्द्र भदौरिया, नरेश मांझी, केशव पांडेय, बासुदेव कौरव, अजय चौहान, दिलीप श्रीवास्तव, प्रदीप शर्मा सहित काफी संख्या में कर्मचारी शामिल थे।
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Central Employee
रतलाम। केंद्रीय कर्मचारियों ने सातवें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करते हुए अपने-अपने कार्यालयों के बाहर धरना देकर सरकार की नीतियों का विरोध जताया। केंद्र सरकार से कर्मचारी यूनियनों व संगठनों के अधिकारों की रक्षा करने की मांग भी की गई। धरना प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।बीएसएनएल कर्मचारियों का धरनाभारतीय दूर संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर धरना दिया। अधिकारी व कर्मचारी एक ही मंच पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष अशोक माली ने बताया धरने के दौरान दिन में कई बार अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक दिन के धरने के दौरान जिला सचिव दिनेश ऊंटवाल, कमलेश पारिख, संदीप नारले, प्रवीण कुरील, राजीव गुप्ता, थानसिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। डाक विभाग का धरनाडाक विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों ने भी विभाग की यूनियनों के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। मुख्य डाकघर के बाहर जमकर नारेबाजी की गई। यह आंदोलन पूरे देश में डाक कर्मचारियों व अधिकारियों ने एक साथ किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इसी क्रम में रतलाम में भी संभागीय कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आईएल पुरोहित, एनके गिरी, टीआर मारू, भरत राठौड़, एचएन जोशी, एबी राजीव, मनोहर ढाकरवाल, दिनेश शुक्ला, धमेंद्र रमन, गेंदालाल, रोहित, आरएस देवड़ा सहित तमाम अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
लखनऊ. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह अच्छी और बड़ी खबर है। 7वां वेतन आयोग पर मोदी सरकार बुधवार को बड़ा फैसला ले सकती है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार उन सिफारिशों पर अपनी मुहर लगा सकती है, जिससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ पहुंचेगा। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार बुधवार को उच्च स्तरीय सचिव इस संबंध में बैठक कर सकते हैं, जिसमें लवासा समिति की सिफारिशों पर चर्चा की जानी है। यूपी में हजारों केंद्रीय कर्मचारी हैं, जिसका उन्हें लाभ मिलेगा। अगर सचिवों की बैठक में लवासा समिति की सिफारिशों को सही माना जाता है तो इसी हफ्ते इसकी रिपोर्ट केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष पेश होगी। बुधवार को बैठक में शामिल होने वाले सचिवों में गृहमंत्रलाय, कार्मिक और प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समेत रेलवे के अधिकारी हिस्सा ले सकते हैं। बतादें कि भत्तों को लेकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर कमर्चारियों ने अपना विरोध जताया था। इसके बाद मोदी सरकार ने ने इस पर कमेटी का गठन किया था। आपको बतादें कि आयोग ने मकान किराए भत्ते (एचआरए) को मूल वेतन के 30 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत करने की सिफारिश की थी। छठें वेतन आयोग में मकान किराए भत्ते को 30 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया था।मीडिया के मुताबिक मकान किराए भत्ते को लेकर अशोक लवासा के नेतृत्व वाली कमेटी मौजूदा एचआरए स्लैब को मेट्रो शहरों के लिए 30 प्रतिशत करने की सिफारिश कर सकती है। इस मुद्दे पर जल्द ही घोषणा होने उम्मीद है।क्या है पूरा मामला1. भत्ता केंद्र सरकार के कमर्चारियों की सैलरी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में जब आयोग ने भत्ता घटाने की सिफारिश की, तो कमर्चारियों ने इसका विरोध कर दिया।2. सातवें वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए मौजूदा 196 भत्तों में से 53 को खत्म करने और कुछ को अन्य के साथ समाहित करने की सिफारिश की थी।3. आयोग द्वारा मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की सिफारिश पिछले 70 सालों में किसी आयोग द्वारा की गई सबसे कम है। इसके साथ भत्ते में कटौती लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा अंतर पैदा कर देता।4. भत्ते पर आयोग की सिफारिशों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने वित्त सचिव अशोक लवासा की अगुवाई में कमेटी का गठन किया।5. शुरुआत में कमेटी को अपनी रिपोर्ट वित्तमंत्री को सौंपने के लिए चार महीने का समय दिया गया था। खबरों के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर में अशोक लवासा ने कहा था कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं।6. हालांकि बाद में रिपोर्ट सौंपने के लिए 22 फरवरी 2017 का समय मिला। सातवें वेतन आयोग के अनुमान के मुताबिक भत्ते में बढ़ोत्तरी के बाद पहले साल 29,300 करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार पर आएगा।पीसीएस : डिप्टी कलेक्टरवर्तमान में पा रहे : वेतनमान : 15600ग्रेड पे : 5400डीए : मूल वेतन का 125 फीसदीनकद प्राप्ति : वेतनमान 15600+ ग्रेड पे 5400+(21000 का 125 प्रतिशत)=21000+(26250)= 21000+26250= 47250नए फार्मूले के अनुसार :21000म 2.57 = 53970नई वेतन मैट्रिक्स में मौजूदा 15600 रुपये वेतनमान व 5400 रुपये ग्रेड पे के लिए पहला स्लैब 56100 रुपये है। फार्मूले से प्राप्त रकम पहले स्लैब से कम है। नियम के मुताबिक वेतन मैट्रिक्स में पहले लेबल के स्लैब का वेतन 56100 रुपये बनेगा।नया वेतन- 56100फायदा = नई मैट्रिक्स में वेतन- पुराना वेतन= 56100-47250फायदा = 8850
भोपाल। प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सात फीसदी डीए देने का मामला मंगलवार को कैबिनेट में उठा। जब सात फीसदी को घटाकर चार फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया, तो सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नाराज होकर कहा- आखिर ये कैसे हो गया। यदि नियम के विपरीत ये ज्यादा डीए चला जाता तो? इसका जिम्मेदार कौन होता? सरकार के करोड़ों रुपए चले जाते। सीएम की नाराजगी अफसरों की ओर थी, लेकिन वित्त मंत्री जयंत मलैया ने मामला संभाला और बोले- विभाग से गलती हो जाती है। अफसरों के कैल्कुलेशन में गलती हो गई। कभी-कभी एेसा हो जाता है। पहले भी एेसा हो चुका है। डॉक्टरों के एक मामले में भी सरकार ज्यादा पैसा दे चुकी है और अभी तक रिकवरी हो रही है। इस बार हमने भुगतान नहीं किया है। इसलिए आदेश सुधार रहे हैं। ये भी पढ़ें : मुफ्ती की बहु बोली-अब बहुत हो गया ट्रिपल तलाक़... कोई तो हमें बचाओइस पर अफसरों की ओर देखकर सीएम बोले- यदि भुगतान हो जाता तो?, इस पर मलैया ने फिर संभाला और कहा कि यदि भुगतान हो जाता तो रिकवरी होती, क्योंकि केंद्र के नियम के मुताबिक ज्यादा तो दे ही नहीं सकते थे। ये हुए मुख्य फैसले - 4017 करोड़ की तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी। - आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजाति कार्य विभाग करने मंजूरी।- एनवीडीए के 94 कर्मचारियों का वेतन पुनर्निधारण व एरियर भुगतान को हरी झंडी। - हाईकोर्ट जबलपुर के लिए छह व राज्य न्यायिक अकादमी जबलपुर के लिए 17 नए पद। - पुलिस कर्मचारी वर्ग के लिए पेशंन महंगाई के हिसाब से बढऩे के प्रस्ताव को मंजूरी। 366 करोड़ का असर पड़ताराज्य सरकार ने कर्मचारियों को सात फीसदी डीए का आदेश जारी कर दिया था, लेकिन बाद में उसे संशोधित कर दिया। केंद्र के नियमों के हिसाब से तीन फीसदी डीए ज्यादा दे दिया गया था। इसलिए ताबड़तोड इसका भुगतान रोककर कैबिनेट में तीन प्रतिशत की कटोती का प्रस्ताव लाया गया। मंगलवार को कैबिनेट ने संशोधन मंजूर करके 4 फीसदी डीए को मंजूरी दे दी। यदि यह 3 प्रतिशत डीए ज्यादा दे दिया जाता, तो राज्य सरकार करीब 366 करोड़ रुपए अधिक दे देती। इसमें सीधे वित्त विभाग के अफसर जिम्मेदार थे।ये भी पढ़ें : ये 4 तरीके अपनाएंगे तो कम आएगा आपका बिजली का बिलइधर,गुस्सा हो गए शासकीय कर्मचारीसरकारी कर्मचारी जो 7 फीसदी महंगाई भत्ते की सौगात का इंतजार कर रहे थे,उनमें अब इस नए फैसले से नाराजगी छा गई है। कर्मचारियों का मानना है कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब सरकार को महंगाई भत्ते के आदेश जारी होने के बाद उसे घटाने का फैसला करना पड़ा हो।कैबिनेट में यह भी हुए फैसले- डीए को 7 से घटनाकर 4 फीसदी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। -मप्र निजी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2017 के जरिये 1द्बह्ल भोपाल विवि सीहोर, सेज विवि इंदौर और रैनेसा विवि इंदौर की स्थापना एवं डीसी विश्वविद्यालय इंदौर का परिसमापन का प्रस्ताव मंजूर।ये भी पढ़ें : स्कूल शुरू होने से पहले बच्चों को ऐसे सिखाएं गुड और बैड टच का सबक-नक्सली ऑपरेशन या कानून व्यवस्था के दौरान घायल अथवा मृत पुलिस कर्मियों को मप्र पुलिस कमज़्चारी वगज़् असाधारण परिवार पेंशन नियम 1965 का लाभ देना। यह प्रस्ताव भी मंजूर हो गया।-नर्मदा घाटी विकास विभाग के कर्मचारी एएल ठाकुर और अन्य 55 के मामले में हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा पारित निर्णय का अन्य प्रकरणों में अनुपालन का प्रस्ताव मंजूर-बीना संयुक्त सिंचाई और बहुउद्देशीय परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव स्वीकृत।-आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव स्वीकृत, इस परियोजना से खंडवा जिले के 31 गांव को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।ये भी पढ़ें : भाजपा के इतिहास से अंग्रेज और गांधी गायब- हिरवार सूक्ष्म सिंचाई नहर परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव।-पिछली कैबिनेट में तय हुआ था कि हर मंत्री अपने विभाग का रोडमेप प्रस्तुत करेंगे, अभी कृषि विभाग और उद्यानकी विभाग के रोड मैप का प्रजेंटेशन हो रहा है।
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Bank Employee
इस बैंक में नहीं चला ऊपर से आया तुगलकी फरमान
बरेली। यूनियन बैंक में जींस और टी-शर्ट पर बैन का आदेश उसी दिन वापस हो गया। बुधवार को मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय से सर्कुलर आया कि अब बैंक कर्मी जींस, टी-शर्ट पहन कर बैंक नहीं आएंगे। जिसका बैंक कर्मियों ने
भोपाल। बैंक कर्मचारी अब बैंकों के निजीकरण और विलय के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। आज शाम वे धरना प्रदर्शन करेंगे। यही नहीं खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर कदम उठाने के लिए भी उन्होंने विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं। ये भी पढ़ें : बैरसिया में हुआ अंधा मर्डर, भोपाल एसपी आज करेंगे खुलासाये भी पढ़ें : गर्मी में एग्जाम, एक्पर्ट कहते हैं ऐसे रहें फिट एंड फ्रेशये भी पढ़ें : तम्बाकू निषेध दिवस आपको खेलना होगा क्रिकेट, आखिर क्यों, पढ़ें पूरी खबरजानकारी के मुताबिक आज शाम 5.45 बजे पीएनबी जोनल ऑफिस अरेरा हिल्स भोपाल के सामने बैंक कर्मी धरना प्रदर्शन करेंगे। दरअसल बैंक कर्मचारियों में आक्रोश है कि बैंकों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है, उनका विलय किया जा रहा है। वहीं उनकी मांग है कि खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर कदम उठाए जाने की जरूरत है। इसलिए कठोर से कठोर कदम उठाए जाएं।
कुशीनगर. जिले के पटहेरवा थानाक्षेत्र के फाजिलनगर कस्बे में स्थित पीएनबी की शाखा में बैंक कर्मियों ने खुलेआम गुंडई करते हुए दो युवकों को पीट दिया। युवक बैंक में अपने अकाउंट से आधार नंबर जोड़ने के लिये आये थे। लेकिन बैंककर्मियों ने छोटे से काम के लिये उन्हें घंटो खड़ा रखा और फिर बैंक की कई खिड़कियों पर दौड़ाने लगे। युवकों जब बैंककर्मियों के इस कार्य का प्रतिरोध किया तो बैंककर्मी खुलेआम गुंडई पर उतर आये और सीसीटीवी बंद करने के बाद दोनों युवकों की जमकर पिटाई की। बैंककर्मियों के कृत्य को देखकर वहां मौजूद उपभोक्ता भी आक्रोशित हो गये और उन्होने बैंक में हंगामा किया। उपभोक्ताओं ने बैंक के सामने सड़क पर भी हंगामा काटा। इसके बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाबुझाकर मामला शांत कराया।फाजिलनगर निवासी विक्रम प्रताप सिंह अपने साथी के साथ कस्बे में स्थित पीएनबी की शाखा में खाते से आधार नंबर जोड़ने के लिये गये थे। काफी देर खड़ा होने के बाद उनकी बारी आई तो बैंक की खिड़की पर मौजूद बैंककर्मी ने दूसरे विंडो पर भेज दिया। वहां जाने पर उसने एक दूसरे विंडो पर भेज दिया। कई विंडो का चक्कर लगाने के बाद विक्रम नाराज हो गये और उन्होने बैंककर्मी का प्रतिरोध किया जिसके बाद एका एक बैंककर्मी भड़क गये और उसे गालियां बकने लगे बैंककर्मियों ने विक्रम और उसके साथी को एक कमरे में बंद कर दिया और सीसीटीवी बंद करने के बाद उनकी पिटाई। शोर सुनकर बैंक में मौजूद उपभोक्ताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची पटहेरवा थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया। फिलहाल अभी तक किसी पक्ष से थाने में तहरीर नहीं दी गयी है।
रायपुर. मां-बाप और गर्लफ्रेंड की हत्या करने वाले किलर उदयन दास के फर्जीवाड़े में सहयोग करने वाले सेंट्रल बैंक के क्लर्क को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बैंक के बड़े अधिकारियों पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस उनकी भूमिका की अभी भी जांच कर रही है। बैरन बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्लर्क गोपाल स्वामी ने आठ हजार रुपए लेकर उदयन दास को उसकी मां इंद्राणी दास की चेकबुक, एटीएम कार्ड और गोपनीय कोड दे दिया था। इसके अलावा इंद्राणी के लाइफ सर्टिफिकेट को भी बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट में अपलोड किया और पेंशन जारी करने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद ही इंद्राणी की पेंशन दोबारा शुरू हुई थी। सिविल लाइन पुलिस ने स्वामी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। उसे स्थानीय न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।Read More: बैंक कर्मियों पर दबाव बनाने सीरियल किलर उदयन ने अपनाया था यह हथकंडाइस तरह हुआ फर्जीवाड़ाइंद्राणी की पेंशन वर्ष 2015 में बंद हो हुई और अचानक 2016 में चालू भी हो गई, जबकि उदयन ने इंद्राणी और अपने पिता बीके दास की वर्ष 2010 में ही हत्या कर दी थी। सेंट्रल बैंक के अलावा फेडरल बैंक में भी उदयन ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अपनी मां इंद्राणी और पिता बीके दास के खातों से रकम का आहरण किया था। पुलिस के मुताबिक मां-बाप की हत्या के बाद उदयन उनकी संपत्ति और बैंक में जमा राशि से एेशोआराम करना चाहता था।Read More: बड़ा खुलासाः Psycho killer ने जिंदा दफना दिया था मां-बाप और गर्लफ्रेंड कोइंद्राणी रायपुर में सांख्यिकी विभाग में सहायक संचालक के पद से रिटायर्ड हुई थीं। उनकी हत्या के बाद उदयन सेंट्रल बैंक से इंद्राणी का पेंशन लेता रहा। वर्ष 2015 में फिजिकल वेरीफिकेशन नहीं होने के कारण इंद्राणी की पेंशन बंद हो गई। दोबारा चालू कराने के लिए उदयन ने न्यूयार्क फॉरेन एबेंसी का फर्जी लेटर बनवाया। इसमें अपनी मां इंद्राणी को न्यूयार्क में रहने और बुजुर्ग होने की वजह से सेंट्रल बैंक में फिजिकल वेरीफिकेशन के लिए उपस्थित नहीं हो सकने की जानकारी दी। और उसके जीवित रहने का फर्जी लाइफ सर्टिफिकेट लगाया। यह आवेदन उसने भोपाल स्थित सेंट्रल बैंक के रीजनल ब्रांच मैनेजर भास्कर राव के पास किया था। इस आवेदन को रायपुर सेंट्रल बैंक भेज दिया गया।Read More: साइको किलर उदयन का खुला एक और राज, पुलिस के उड़े होशपूरा मामला बैंक के क्लर्क गोपाल स्वामी के पास पहुंचा।उसने लाइफ सर्टिफिकेट के आधार पर पेंशन की प्रक्रिया पूरी की। फिजिकल वेरीफिकेशन भी नहीं किया। इसके अलावा उसने इंद्राणी के नाम से चेकबुक, एटीएम कार्ड और उसका गोपनीय कोड का लिफाफा भी उदयन को दे दिया। इसके एवज में उसे उदयन ने चेक के माध्यम से 8 हजार रुपए दिए। उस चेक में भी उदयन ने इंद्राणी के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद से वर्ष 2016 में इंद्राणी की पेंशन फिर चालू हो गई। चेकबुक और एटीएम मिल जाने के कारण उदयन हर माह पेंशन व अन्य राशि चेक से आहरण करता रहा।Read More: सीरियल किलर उदयन मामले में बैंककर्मी गिरफ्तार, पैसों के लिए इस करतूत में की थी मददसाढ़े सात लाख का आहरणपुलिस के मुताबिक चेकबुक मिलने के बाद उदयन ने इंद्राणी के खाते से चेक में फर्जी हस्ताक्षर करके एरियर्स के 7 लाख 68 हजार रुपए का आहरण किया। इस आहरण में भी गोपाल स्वामी के अलावा दूसरे बैंक अधिकारियों की भूमिका थी। किसी ने चेक में इंद्राणी के फर्जी हस्ताक्षरों की बारीकी से जांच नहीं की। पूरे मामले में गोपाल के अलावा बैंक के दूसरे अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों के मुताबिक गोपाल वर्ष 2015 में बैंक में पदस्थ हुआ है, जबकि उदयन वर्ष 2010 से अपनी मां का पेंशन ले रहा था।Read More : चौंक गए लड़की वाले, जब बारात निकलने से पहले दूल्हे के करतूतों का खुला राजफेडरल बैंक अधिकारियों पर मौनउदयन ने फर्जी दस्तावेजों से इंद्राणी की पेंशन चालू करवाया और उनके हस्ताक्षर करके चेक के माध्यम से एरियर्स को निकाला। इसी तरह उसने अपने पिता बीके दास के फेडरल बैंक में भी उनके फर्जी हस्ताक्षर वाले 7 से अधिक चेक लगाकर रकम निकाली। इस मामले में बैंक के एक भी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
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बिलासपुर . मंगला चौक पर स्थित 36 मॉल पर बैंक का 120 करोड़ रुपए कर्ज बकाया है। मेसर्स सिटी मॉल विकास प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बैंक से लिया गया कर्ज नहीं चुकाने पर उसका एकाउंट एनपीए कर दिया गया है। सरफेसी एक्ट के तहत सुनवाई के बाद जिला दंडाधिकारी ने 36 मॉल का अधिग्रहण करने के आदेश दिए हैं। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा कटोरा तालाब रायपुर जल्द ही इसका अधिग्रहण कर लेगी। सिविल लाइन थाने से पुलिस बल नहीं मिलने की वजह से कार्रवाई रुकी हुई है। कंपनी डिफाल्टर हो गई : पीएनबी ने लोन राशि का भुगतान नहीं करने पर कंपनी के खाते को एनपीए कर दिया। मेसर्स सिटी माल विकास प्रा.लि. पर कुल 19 करोड़ 14 लाख 42 हजार 565 रुपए एवं उस पर अधिरोपित ब्याज प्राप्त करना शेष है। बैंक से ली गई राशि नियमित जमा नहीं करने के कारण कंपनी को अधिनियम की घारा 13 (2) के अंतर्गत नोटिस दिया गया। इसके बाद भी कंपनी की तरफ से बैंक की लोन राशि जमा करने में असमर्थ रहा। दो बैंकों से लिया 120 करोड़ : मेसर्स सिटी माल विकास प्रायवेट लिमिटेड वगैरह ने पंजाब नेशनल बैंक के अलावा आईसीआईसीआई जेएम फायनेंशियल से 95 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया है। इस बैंक का कर्ज भी कंपनी ने चुकता नहीं किया है। आईसीआईसीआई जेएम फायनेंशियल की तरफ से ऋण राशि की अदायगी के लिए कई बार नोटिस दिया गया। लेकिन कंपनी ने यह राशि जमा नहीं की गई है। पीएनबी ने वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्गठन तथा प्रतिभूति हित का प्रवर्तन अधिनियम ,2002 की धारा 14 (सरफेसी एक्ट ) के अंतर्गत ऋण राशि की अदायगी नहीं करने पर अधिग्रहण करने के लिए जिला दंडाधिकारी के पास आवेदन किया गया। इसमें आईसीआईसीआई जेएम फाइनेंशियल ने सहमति दी है। दोनों बैंक 36 मॉल का अधिग्रहण करेंगे : छत्तीस मॉल को पीएनबी की कटोरा तालाब शाखा रायपुर और आईसीआईसीआई बैंक मॉल को अधिग्रहण करेंगे। जिला दंडाधिकारी ने इस आशय का आदेश पारित किया है। सिविल लाइन ने नहीं दिया बल : तहसीलदार ने सिविल लाइन के थाना प्रभारी को बल उपलब्ध कराने के लिए पत्र पे्रषित किया था। लेकिन थाना प्रभारी ने पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया। इसलिए छत्तीस मॉल का अधिग्रहण नहीं हो सका।पीएनबी से 18 करोड़ का लोन : मेसर्स सिटी माल विकास प्राइवेट लिमिटेड वगैरह ने ग्राम मंगला पटवारी हल्का नंबर 21 के खसरा नंबर 1002/1,1007/2 रकबा क्रमश: 0.138 एवं 0.384 हेक्टेयर कुल रकबा 0.522 हेक्टेयर (1.04 एकड़ ) एवं ग्राम मंगला के खसरा नंबर 1008/1 का टुकड़ा, रकबा 0.259 हेक्टेयर , ,1003/2 रकबा क्रमश: 0.227 हेक्टेयर 1002/2 रकबा 0.405 हेक्टेयर ,1008/2 रकबा 0.257 हेक्टेयर , 1009 रकबा 0.364 हेक्टेयर कुल रकबा 1512 हेक्टेयर (3.74 एकड़ ) भूमि के एवज में कुल 18 करोड़ रुपए का लोन पंजाब नेशनल बैंक की शाखा कटोरा तालाब रायपुर से लिया था। इसमें कैश क्रेडिट व टर्म लोन की सुविधा मेसर्स सिटी सिटी मॉल विकास प्राइवेट लिमिटेड वगैरह ने बैंक से प्राप्त की थी।
जंपसूट ऐसा परिधान है जो आगामी बारिश के मौसम में आपकी खूबसूरती को और निखार सकता है। यह हर बॉडी टाइप पर अच्छा लगता है, लेकिन इसकी स्लीव्ज या कॉलर का पैटर्न बॉडी के अनुसार बदल जाता है। इसके साथ बेल्ट, पर्स और फु टवियर पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।लूज बॉटम यदि आपकी बॉडी पियर शेप्ड है तो ऐसा जंपसूट चुनें जो आपके ऊपरी हिस्से की ओर ध्यान खींचे। इसके लिए हॉल्टर नेक या स्लीवलेस जंपसूट का चयन किया जा सकता है। प्लंजिंग नेकलाइन वाला जंपसूट भी अच्छा विकल्प है। लूज फिटिंग बॉटम्स वाले जंपसूट्स को अवॉइड करें। स्लिम बॉडी के लिए लूज बॉटम चुना जा सकता है। यदि आपकी बॉडी एपल शेप्ड है, तो निचला हिस्सा हैरम पैंट जैसा हो सकता है।डंगरी और प्लेसूटजंपसूट को डंगरी या प्लेसूट के रूप में भी चुना जा सकता है। यदि प्लेन जंपसूट आपको पसंद नहीं, तो इसके साथ कई प्रयोग किए जा सकते हैं। आप बड़े आकार की इयर रिंग्स पहनें और हाथों में ब्राइट रंग के कड़े पहनिए। इसके अलावा फुटवियर में फ्लैट हील को भी चुना जा सकता है।यदि आपको डेनिम का ट्रेडिशनल नीला रंग पसंद नहीं तो इन दिनों कई हल्के रंगों में भी जंपसूट अवेलेबल हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इसके रंगों को चुन सकती हैं जो आपका लुक और बढ़ा सके। जंपसूट के साथ हेयरस्टाइल ऐसी होनी चाहिए जो आपके बालों को इधर—उधर मूव करने का मौका दे। बालों को खुला भी रख सकती हैं। इनके साथ हील्स पहन सकती हैं और क्लच रख सकती हैं।जूनियर गर्ल्स के जंपसूटइस लुक के लिए आप डेनिम का लेयर्ड जंपसूट चुनें। इसकी लंबाई घुटनों से ऊपर रखिए।फंकी कलर डिमांड में बच्चों के जंपसूट में फंकी कलर्स और डिजाइन पसंद किए जा रहे हैं। इनके साथ मैचिंग एसेसरीज का भी चलन है। बेल्ट और फ्लावर पिन का ध्यान रखें। ऐसे हों प्रिंटजंपसूट के प्रिंट्स में सबसे ज्यादा एथनिक और ट्रॉपिकल प्रिंट पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा फ्लोरल प्रिंट वाले भी चुने जा सकते हैं। लेटेस्ट ट्रेंड में ज्यॉग्राफिकल प्रिंट्स भी जंपसूट में अपना जादू चला रहे हैं।ऐसे हों कलरस्लीवलेस जंपसूट में ब्राइट और डार्क रंगों का चलन सबसे ज्यादा है। ये रंग स्किन टोन के साथ अच्छे से कॉम्प्लिमेंट करने वाले होने चाहिए। नीला और काला रंग सबसे ज्यादा चलन में हैं। इसके अलावा दूसरे डार्क कलर भी पसंद किए जा रहे हैं।
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में नकल पर नकेल कसने के लिए गठित उडऩदस्ता दल के साथ विवि अधिकारियों ने एड़ीचोटी का जोर दिया है। विवि अधिकारियों के साथ अतिरिक्त संचालक व शासन के निर्देश पर उनके द्वारा गठित दल भी कॉलेजों में निरीक्षण के लिए पहुंच रहा है। सेमेस्टर परीक्षा में नकलचियों पर नकेल कसने के लिए अधिकारी इस गर्मी में पसीना तो बहा ही रहे हैं। साथ ही निरीक्षण में विवि व शासन का पैसा भी जमकर बहाया जा रहा है। यह बात और है कि परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण दल के लौटने के साथ मनमाने तरीके से परीक्षा की शुचिता व गोपनीयता की धज्जियां उड़ाने का खेल शुरू हो जा रहा है। परीक्षा 18 मई से शुरू है। तब से अधिकारियों का हर रोज दो या फिर तीनों पाली में निरीक्षण का कार्य जारी है। पूरा होने को है निरीक्षण का एक शतक केवल रीवा जिले की बात करें तो परीक्षा के दौरान उडऩदस्ता दल और अधिकारियों द्वारा निरीक्षण का एक शतक पार होने को है। जिसमें विवि का लाखों रुपए खर्च हुआ है। यह बात और है कि अधिकारियों द्वारा बनाए गए नकल प्रकरणों की संख्या अभी इकाई के अंक तक ही सीमित है। निरीक्षण में हुए तीन लाख खर्चपरीक्षा केंद्रों में निरीक्षण में हुए खर्च का आंकलन किया जाए तो प्रति निरीक्षण औसतन तीन हजार रुपए का खर्च आता है। इस तरह से अब तक किए गए निरीक्षण में कुल खर्च करीब तीन लाख रुपए है। जबकि अभी तो आधे से अधिक परीक्षा बाकी है। दल निरीक्षण नकल प्रकरणउडऩदस्ता दल 40 7कुलपति दल 30 1एडी दल 10 1अन्य अधिकारी 10 0
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