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टाटानगर स्टेशन पर डॉरमेट्री की बुकिंग ड्यूटी से रेल कर्मचारियों को छुटकारा रेलवे बोर्ड के आदेश पर भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम ने डॉरमेट्री व रिटायरिंग रूम संचालन के लिए टेंडर भी निकाला है।
शिक्षक संघ का कहना है कि इससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान होगा।
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State Employee
एआरटीओ ने विकास भवन में खड़ी गाडिय़ों का किया चालान

लखीमपुर-खीरी। गुरुवार को विकास भवन में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एआरटीओ द्वारा विकास भवन में खड़ी गाडिय़ों को चालान किया जाने लगा। विकास भवन में कार्यरत कर्मचारियों को जब इस बात की जानकारी हुई तब वह आनन-फानन
धनबाद/रांची। एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतनमान लागू होने की तिथि तक के बकाया वेतनादि का भुगतान दो किश्तों में वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में किया जायेगा। यह कार्य राज्य कर्मियों को सप्तम केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किये जाने के फलस्वरूप किया जा रहा है।उक्त बातें राज्य के विकास आयुक्त सह योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित खरे ने बताई। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सप्तम वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने संकल्प संख्या 246 , 25 जुलाई 2016 द्वारा एक जनवरी 2016 से केन्द्रीय कर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किया है।राज्य सरकार अपने सेवीवर्ग को केन्द्रीय सेवाशर्त्तों के साथ केन्द्रीय वेतनमान एवं अन्य भत्ते केन्द्र सरकार के अनुरुप स्वीकृत करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है। उन्होंने बताया कि फिटमेंट कमिटि के प्रतिवेदन के गहन विवेचना से यह स्पष्ट होता है कि प्रतिवेदन के अध्याय-3 एवं 4 में की गई अनुशंसाएँ समिति द्वारा अपनी निर्धारित क्षेर्ताधिकार से बाहर जाकर की गयी हैं। इसलिए इसे अस्वीकार किया गया है।वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने बताया किराज्य कर्मियों को सप्तम केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किये जाने के फलस्वरुप अनुमानित राशि लगभग 1800 करोड़ रुपये तथा पुनरीक्षित पेंशन स्वीकृत किये जाने के फलस्वरुप अनुमानित राशि लगभग 700 करोड़ रुपये वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार पर पड़ेगा।
रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को Seventh Pay देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है राज्य शासन के स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूर्ण कर जल्द सातवां वेतनमान दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने तत्काल मुख्य सचिव को फोन लगाया और फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के संयोजक सुभाष मिश्रा, राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, पीआर यादव, सुरेन्द्र टूटेजा, संजय सिंह सहित कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

ढाई लाख राज्य कर्मचारी और 60 हजार पेंशनर्स इंतजार में

छत्तीसगढ़ में Seventh Pay Commission की सिफारिशों का लाभ लेने के लिए करीब ढाई लाख राज्य कर्मचारी और 60 हजार पेंशनर्स इंतजार में हैं। ये सिफारिशें प्रदेश में जस की तस मंजूर की जाती हैं तो सरकारी खजाने पर लगभग 4 हजार करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाएगा।CG में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की कवायद शुरू, समिति बनीहालांकि राज्य सरकार की माली हालत फिलहाल सातवें वेतन आयोग को लागू करने की स्थिति में नहीं है। सरकार पिछले 1 साल से अपने खर्चों की पूर्ति के लिए सरकार को प्रतिभूतियों की लगातार बिक्री करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से सरकार की कमर टूटना तय है।छत्तीसगढ़ में सातवें वेतन आयोग के लिए 8 महीने करना होगा इंतजारइन सिफारिशों से सरकार का राजस्व घाटा भी विकराल रूप ले सकता है। सरकार के सामने इस घाटे को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती रही है और आयोग की सिफारिशों के बाद यह घाटा लगभग दोगुना हो जाएगा।
लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की कैशलेस इलाज की मांग पूरी कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था के साथ है कैशलेस इलाज की भी सुविधा मिलेगी। यह कैशलेज इलाज स्मार्ट कार्ड के जरिये मिलेगा। फैसले के अनुसार असाध्य, आकस्मिक व अप्रत्याशित रोगों का राज्य राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को मुफ्त इलाज सरकार के अधिकृत व अनुबंधित अस्पतालों में मिलेगा।सरकार उठाएगी खर्चइस फैसले के बाद तहत एसजीपीआई लखनऊ, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान लखनऊ और ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा जैसे अन्य राजकीय पोषित संस्थानों में इलाज कराने पर केवल पांच फीसदी ही भुगतान देना होगा। इसके लिए चिकित्सा अधीक्षकों से बिल सत्यापित कराना होगा। बिल की 95 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खुद वहन करेगी।कर्मचारियों व पेंशनर्स को फायदासरकार के इस फैसले से करीब आठ लाख राज्य कर्मचारियों के अलावा 11 लाख पेंशनर्स को भी लाभ मिलेगा। अगल लाभार्थी 5 फीसदी भुगतान देने के लिए सहमत नहीं होते हैं तो पहले की व्यवस्था के तहत चिकित्या प्रतिपूर्ति ली जा सकेगी। असाध्य एवं अप्रत्याशित रोगों के इलाज की सुविधा सीजीएचएस की तर्ज पर सरकार द्वारा अनुबंधित निजी चिकित्सालयों में मिलेगी। सरकार सभी बड़े प्राइवेट अस्पताल से इसके लिए अनुबंध भी करेगी। दिल्ली एवं एनसीआर में स्थित अस्पतालों सहित अनुबंध वाले अस्पतालों में इलाज कराने के लिए इस्टीमेट का 95% पैसा एक सप्ताह के अंदर राज्य कर्मचारी एवं पेशनर के बचत खाते में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद अग्रिम मिले पैसे का समायोजन तीन महीने में करना होगा।अब मिलेगा 95% एडवांसकैबिनेट ने इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (चिकित्सा परचर्या-द्वितीय संसोधन) नियमावली- 2016 को मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज की भरपाई की वर्तमान व्यवस्था के साथ ही अन्य लाभ भी मिलेंगे। पूर्व में राज्य कर्मचारियों को इलाज की धनराशि का 75 % एडवांस मिलता था वहीं अब 95% एडवांस मिलेगा।
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Central Employee
जबलपुर। स्टेशन लॉबी व रनिंग रूम में पानी सहित खान-पान की अव्यवस्था को लेकर गुस्साए लोको पायलटों ने स्टेशन पर गुरुवार को प्रदर्शन किया। लोको पायलट प्लेटफॉर्म एक स्थित लॉबी के समक्ष एकत्र हो गए। वहां वेस्ट सेंट्रल एम्पलाइज यूनियन के पदाधिकारी भी आ गए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए रेल प्रशासन को रेलों के पहिए रोकने की चेतावनी तक दे दी।खराब पड़ा है फिल्टररेल यूनियन के पदाधिकारी व लोको पायलटों का कहना था कि एक ओर रेलवे बोर्ड रनिंग स्टाफ को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधा देने का आदेश जारी कर रहा है, दूसरी ओर अफसर सोने के लिए बेड, खाना व पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे। जबलपुर व सतना लॉबी का आरओ फिल्टर लगने के बाद से खराब पड़ा है, जिसे आज तक सुधारा नहीं गया। एडीआरएम पिछले सप्ताह सतना गए तो वहां रनिंग रूम में लोको पायलटों को खाना व पानी पिलाने के लिए बैरा उपलब्ध न कराने का निर्देश दे आए। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला, निरंजन कुमार, सुशांत नील, मनोरंजन कुमार, मुरलीधर ने संबोधित किया। इनका कहना हैइस संबंध में नवीन लिटोरिया, डिवीजनल सेक्रेट्री, डब्ल्यूसीआरईयू का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने रनिंग स्टाफ को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधा देने का आदेश जारी किया है। यहां डिवीजन के अफसर इसमें पलीता लगाने में जुटे हैं। लोको पायलटों को सामान्य सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा देते हुए उन्हें गत एक जुलाई से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों को गत एक जुलाई से दो प्रतिशत मंहगाई भत्ता तथा पेंशन धारकों को दो प्रतिशत मंहगाई राहत मिलेगी। मंहगाई भत्ते की यह किस्त सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित फार्मूले के अनुरूप स्वीकार की गई है। उन्होंने बताया कि इससे सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 5, 622 करोड़ 10 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 3748 करोड़ 6 लाख रुपए रहेगा। इस घोषणा से 50 लाख 68 हजार सरकारी कर्मचारियों तथा 54 लाख 24 हजार पेंशन भोगियों को फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों तथा पेंशन भोगियों के लिए एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की थीं। उन्हें गत एक जुलाई से नया वेतन मिलना शुरू हो गया है, जबकि जनवरी से जून तक का बकाया एक साथ दिया गया है।
लखनऊ. अखिलेश सरकार केंद्र की तरह 3500 रुपये की जगह 7000 रुपये दीवाली बोनस प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए दे सकती है। शासन का वित्त महकमा केंद्र के आदेश पर मंथन कर रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस पर जल्द निर्णय की संभावना है।-केंद्र सरकार ने बोनस की अधिकतम सीमा 3500 से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दी है।-वित्त मंत्रालय की ओर से पिछले तीन अक्तूबर को जारी आदेश में कहा गया है कि उसका आदेश संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के उन कर्मचारियों पर भी लागू माना जाएगा जो बोनस के संबंध में केंद्र सरकार की पद्धति का अनुसरण करते हैं तथा जो किसी अन्य बोनस या अनुग्रह स्कीम में नहीं आते हैं।-ऐसे में 2015-16 से बोनस की बढ़ी राशि देने पर विचार हो रहा है।-बोनस दीपावली के पहले दिया जाता रहा है, लिहाजा इस पर अगले सप्ताह निर्णय हो सकता है।-प्रदेश सरकार महंगाई भत्ता (डीए) व बोनस के मामले में केंद्र की रीति का ही पालन करती आई है।-2014-15 के लिए केंद्र के बराबर 3500 रुपये के आधार पर ही बोनस का भुगतान किया गया था।-प्रदेश सरकार आधा बोनस नकद देती है और आधे का भुगतान जीपीएफ में करती है।-ऐसा हुआ तो 3454 रुपये नकद मिल सकता है। बोनस एक महीने के लिए दिया जाता है लेकिन इसकी गणना 30 दिन मानकर की जाती है।-अधिकतम 7000 रुपये बोनस मंजूर किए जाने पर30 दिन का बोनस 6908 रुपये रहने की संभावना है।-सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र व सचिव ओंकारनाथ तिवारी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से केंद्र के कर्मचारियों की तरह राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी 7000 रुपये बोनस का भुगतान कराने की मांग की है।-उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को भी बढ़े बोनस का भुगतान जल्द करना चाहिए।
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Bank Employee
नोटबंदी से बैंककर्मी परेशान, आंदोलन करेंगे
आगरा। आठ नवंबर के बाद से बैंकों पर भारी भीड़ हो रही है। पीएम मोदी की नोटबंदी से बैंककर्मी परेशान हो रहे हैं। समस्याओं से तंग आकर बैंककर्मियों ने आंदोलन की चेतावनी जारी की है। आने वाले दिनों में
गाजीपुर. यूपी के गाजीपुर जिले के महाराजगंज यूनियन बैंक में बुधवार को पैसा नहीं मिलने पर कतार में लगे लोगों का गुस्सा कुछ ऐसा फूटा कि बैंक के कर्मचारी दहशत में आ गए। कर्मचारियों ने खुद को बचाने के लिये अंदर से बैंक को बंद कर लिया। वहां हंगामा मचाने के बाद भी गुस्साई भीड़ की नाराजगी कम नहीं हुई और लोग सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग 29 जा पहुंचे। एनएच जाम कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर तो पहुंच गई, लेकिन दो घंटे बाद जाकर जाम खुलवाया जा सका।गाजीपुर में बैंक के बाहर हंगामाबताया गय है कि यूनियन बैंक की महाराजगंज शाखा के बाहर पैसा निकालने वालों की लम्बी कतार लगी हुई थी। पर जब काफी देर लाइन में लगने के बाद भी लोगों को वहां रुपये नहीं मिले तो उनके सब्र का बांध टूट गया। लोग हंगामा करने लगे। भीड़ का हंगामा देखकर बैंक कर्मचारी और मैनेजर बुरी तरह से डर गए। किसी तरह से कर्मचारियों ने बैंक के अंदर ही खुद को बंद कर लिया।गाजीपुर में बैंक के बहर हंगामाकर्मचारी अंदर बंद रहे और भीड़ बाहर हंगामा करती रही। जब मीडिया के लोग पहुंचे तो बैंक मैनेजर नितेश रंजन ने अंदर से ही बतय कि बैंक में नगदी है ही नहीं। इसीलिये लोगों को भुगतान करने में परेशानी आ रही है। शाम तक रुपये आने की संभवना है। उधर गुस्साए लोग बैंक के बाहर से वाराणसी से गाजीपुर होते हुए गोरखपुर केा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 29 जा पहुंचे। वहां उन्होंने एनएच जाम कर दिया। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो तत्काल स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने में जुट गई। लोगों में इतना गुस्सा था कि वह पुलिस के समझाने के बावजूद मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर तिवारी ने किसी तरह से लोगों को समझाकर दो घण्टे बाद जाम समाप्त कराया।गाजीपुर में बैंक के बाहर जमा भीड़सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बैंक में नगदी न होने के चलते यह समस्या आई। उधर राजमार्ग जाम कर रही भीड़ में शामिल लोगों ने कहा कि किसी के घर शादी पड़ी है तो किसी को इलाज के लिये पैसे चाहिये। पर बैंक जाने पर भी खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। सीमा कुशवाहा ने बताया कि हमारी सास बीमार है उनकी इलाज के लिए पैसे की आवश्यकता है। पैसों के लिए चार दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पैसे नहीं मिले। वहीं भुखली देवी ने बताया कि कल हमारी बिटिया का तिलक जाना है, जिसके लिए पैसे की जरूरत है। दो माह पहले हमने खेत बेचा था कि समय आने पर उन पैसों को बैंक से निकालकर बिटिया की शादी करेगें, लेकिन चार दिन से बैंक के चक्कर लगाने के बाद अब मैनेजर ने कह दिया है कि पैसा नहीं है। उन लोगों का आरोप है कि बड़े और रसूखदार लोगों को बैंक से पैसा दिया जा रहा है।
बांदा। नोटबंदी को लेकर पूरे देश में अफरा-तफरी मची हुई है। देशभर में लोग रुपए जमा करने व निकालने के लिए बैंकों में डेरा जमाए बैठे हैं। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए इसी बीच प्रदेश भर में सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। बांदा में भी सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।बंदी हटाने की कर रहें मांगपूर्व नियोजित घोषणा के अनुसार नोटबंदी को लेकर प्रदेश भर में कॉपरेटिव बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। वहीं बांदा में भी कॉपरेटिव बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नोटबंदी के फैसले को बदलने की मांग की है।इस हड़ताल को लेकर सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमन्त्री को यह नियम हटाने को लेकर ज्ञापन दिया है। नोटबंदी को लेकर पूरे देश में अफरा तफरी मची हुई है। देशभर में लोग रुपए जमा करने व निकालने के लिए बैंकों में डेरा जमाए बैठे हैं।बैंक कर्मियों की मांग हैं की सहकारी बैंक को राष्ट्रिय बैंक की भांती कार्य करने दिया जाय और इस रोक को हटाया जाये, क्योंकि इससे लोगों को तो परेशानी हो ही रही है साथ ही बैंक को भी नुकसान हो रहा है। कहा की नोटबंदी से लोग लाइन में खड़े होकर मर रहे हैं, लड़कियों की शादियों में परेशानियां आ रही हैं, बाजार ठप हैं।
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PSU
बिलासपुर. मस्तूरी के ग्राम खुडूभाठा में युवती से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को 20 लोगों के बयान लिए। 50 लोगों से पूछताछ की। हत्यारों तक पहुंचने एएसपी, सिविल लाइन सीएसपी समेत विशेष टीम मस्तूरी क्षेत्र के पांच गांवों में पतासाजी करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। पूछताछ के लिए पुलिस ने 16 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। ग्राम देवगांव निवासी ममता खाण्डेकर की शुक्रवार रात जयराम नगर स्थित मेडिकल स्टोर्स से लौटते समय अज्ञात लोगों ने दुष्कर्म करके हत्या कर दी थी। शनिवार सुबह ग्राम खूडूभाठा में ममता का शव मिला। घटना के बाद पुलिस ने उसकी तीन सहेलियों से पूछताछ की, लेकिन सुराग नहीं मिला। रविवार को एएसपी अर्चना झा, सिविल लाइल सीएसपी लखन पटले और विशेष टीम के 18 सदस्य पतासाजी करने मस्तूरी पहुंचे। अधिकारियों के साथ विशेष टीम के सदस्यों ने देवगांव, ग्राम खुडूभाठा और आसपास के करीब 5 गांवों के आदतन बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मृतका से प्रतिदिन मिलने और बातचीत करने वाले 20 व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए गए। संयुक्त नागरिक संघर्ष समिति ने किया बंद का आह्वानरविवार को नागरिक संघर्ष समिति के सदस्यों ने घटना की निंदा की। घटना के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 9 जनवरी को बिलासपुर बंद का आह्वान किया गया है। समिति के सदस्यों ने व्यापारिक संगठनों और लोगों से सोशल मीडिया पर अपील की है। समिति के सदस्य सोमवार को नेहरू चौक पर एकजुट होंगे। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर ज्ञापन सौंपेंगे।
ग्वालियर। लहसुन एक जड़ीबूटी है, जिसका सामान्यत: उपयोग भोजन को स्वादिष्ट बनाने वाले मसाले के रूप में किया जाता है। वहीं यह कई प्रकार की बीमारियों को रोकने व इलाज में भी काफी असरकारक सिद्ध होता है। इसकी गंध बहुत ही तेज और स्वाद तीखा होता है। दरअसल लहसुन में एलिया नामक एंटीबायोटिक होता है, जो बहुत से रोगों से बचाव में लाभप्रद है। ग्वालियर के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. राजकुमार के अनुसार नियमित लहसुन खाने से ब्लडप्रेशर कम या ज्यादा होने की बीमारी नहीं होती। इसके अलावा एसिडिटी की समस्या होने पर भी इसका प्रयोग बहुत लाभदायक होता है। कई अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि खाली पेट लहसुन खाने से इसकी शक्ति में और अधिक इजाफा हो जाता है और यह बेहत मजबूत प्राकृतिक एंटीबायोटिक बन जाता है। लहसुन अपने स्वाद, एंटी बायोटिक तत्वों और सेहत लाभ के लिए जाना जाता है, इसलिए आप इसे भोजन में या फिर कच्चा उपयोग करते हैं। लेकिन भुनी हुई लहसुन खाने के भी अपने ही फायदे हैं, जिन्हें जानने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे। यह भी पढें- विंटर्स में अपने बच्चों को यूं बचाएं फ्लू से!यह है भुनी हुई लहसुन खाने के फायदे : 1. सुबह खाली पेट लहसुन को भूनकर खाने से कॉलेस्ट्रॉल कम होता है, और कॉलेस्ट्रॉल से जुड़ी सभी स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय की नलियों में कॉलेस्ट्रॉल का जमाव आदि के लिए यह बेहद फायदेमंद तरीका है। 2. वजन कम करना चाहते हैं तो भी यह फायदेमंद है, क्योंकि कॉलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने के साथ-साथ आपका वजन घटने लगेगा और मोटापा गायब हो जाएगा।यह भी पढें- सेहत व आंखों के उपचार के लिए अपनाएं ये नुस्खे, मिलेगा फायदा3. सर्दी के दिनों में यह सर्दी, खांसी और जुकाम से बचाता है और शरीर में गर्माहट पैदा करने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह रक्तप्रवाह को भी बेहतर बनाए रखता है। 4. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ यह ब्लडप्रेशर को भी नियंत्रित करता है और यह अपने एंटी इंफ्लेमटरी औरं एंटी फंगल गुणों के कारण शरीर की अंदरूनी सफाई कर कई बीमारियों से बचाए रखता है। 5. इसमें मौजूद भरपूर कार्बोहाइड्रेट शरीर की कमजोरी को दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मददगार है और कब्ज से भी बचाता है। यह भी पढें- आपके जन्म की तारिख बताती है आपके भविष्य का हाल
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित किए जाने की तैयारी है। इसको लेकर अधिकारियों ने मंगलवार को न केवल बैठक की बल्कि उनके बीच उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नए केंद्र बनाए जाने पर भी सहमति बनी है।विवि सूत्रों के मुताबिक सेमेस्टर परीक्षा के उत्तरपुस्तिकाओं को मूल्यांकन के लिए प्रदेश के अन्य दूसरे जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में भी नोडल सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा एक नोडल सेंटर प्रदेश के जबलपुर में भी बनेगा। वहीं, सतना में एक रिजनल सेंटर बनाया जाएगा। दूसरे जिलों में सेंटर शिफ्ट सीधी व शहडोल में बनने वाले सेंटर के प्राचार्यों ने हामी नहीं भरी तो ग्वालियर, इंदौर या फिर भोपाल में एक सेंटर बनाए जाने की योजना है। सीधी व शहडोल में ऑटोनॉमस कॉलेजों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना है। इसलिए इस बार वहां का सेंटर दूसरे जिलों में शिफ्ट किया जा सकता है। बाहर के जिलों में हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, होम साइंस व भूगोल जैसे विषयों की उत्तरपुस्तिकाएं भेजी जा सकती हैं।एक सत्र में 6 0 हजार रुपए की सीमा में मूल्यांकनवर्तमान में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन केवल विश्वविद्यालय में दो शिफ्टों में चल रहा है। मूल्यांकन के लिए उत्तरपुस्तिकाओं को बाहर भेजे जाने का निर्णय मूल्यांकनकर्ताओं की पर्याप्त संख्या नहीं होने का नतीजा माना जा रहा है। मूल्यांकन के लिए निर्धारित अधिकतम 6 0 हजार रुपए की सीमा भी इसकी मुख्य वजह है। दरअसल कोई भी मूल्यांकनकर्ता एक सत्र में अधिकतम 6 0 हजार रुपए की सीमा में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकता है। दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे कई विभागविवि में जल्द ही कईविभागों को दूसरे भवनों में शिफ्टकिया जाएगा। इसको लेकर मंगलवार को कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव व कुलसचिव डॉ. आनंद कुमार काम्बले ने विभिन्न विभागों का भ्रमण किया।विवि अधिकारियों की माने तो इंजीनियरिंग सेक्शन को पुरानी कैंटीन में, अंग्रेजी विभाग की कुछकक्षाओं को फॉरेन लंैग्वेज विभाग की बिल्डिंग में व इंडस्ट्रियल रिलेशन एंड पर्सनल मैनेजमेंट विभाग को उसी बिल्डिंग में बने नए सेक्शन में शिफ्टकिया जाएगा। अभी हाल में बनकर तैयार हुए नए सेक्शन का 19 जनवरी को लोकार्पण करने की तैयारी है।
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