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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 85 अधिकारियों का तबादला स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के 85 महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों का स्थानांतरण सेल के अन्य प्लांटों व विभागों में कर दिया गया है...
मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेशव्यापी आव्हान पर लगभग 550 से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं...

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State Employee
एआरटीओ ने विकास भवन में खड़ी गाडिय़ों का किया चालान

लखीमपुर-खीरी। गुरुवार को विकास भवन में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एआरटीओ द्वारा विकास भवन में खड़ी गाडिय़ों को चालान किया जाने लगा। विकास भवन में कार्यरत कर्मचारियों को जब इस बात की जानकारी हुई तब वह आनन-फानन
धनबाद/रांची। एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतनमान लागू होने की तिथि तक के बकाया वेतनादि का भुगतान दो किश्तों में वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में किया जायेगा। यह कार्य राज्य कर्मियों को सप्तम केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किये जाने के फलस्वरूप किया जा रहा है।उक्त बातें राज्य के विकास आयुक्त सह योजना सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित खरे ने बताई। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सप्तम वेतन आयोग की अनुशंसा के आलोक में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने संकल्प संख्या 246 , 25 जुलाई 2016 द्वारा एक जनवरी 2016 से केन्द्रीय कर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किया है।राज्य सरकार अपने सेवीवर्ग को केन्द्रीय सेवाशर्त्तों के साथ केन्द्रीय वेतनमान एवं अन्य भत्ते केन्द्र सरकार के अनुरुप स्वीकृत करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है। उन्होंने बताया कि फिटमेंट कमिटि के प्रतिवेदन के गहन विवेचना से यह स्पष्ट होता है कि प्रतिवेदन के अध्याय-3 एवं 4 में की गई अनुशंसाएँ समिति द्वारा अपनी निर्धारित क्षेर्ताधिकार से बाहर जाकर की गयी हैं। इसलिए इसे अस्वीकार किया गया है।वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने बताया किराज्य कर्मियों को सप्तम केन्द्रीय पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत किये जाने के फलस्वरुप अनुमानित राशि लगभग 1800 करोड़ रुपये तथा पुनरीक्षित पेंशन स्वीकृत किये जाने के फलस्वरुप अनुमानित राशि लगभग 700 करोड़ रुपये वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार राज्य सरकार पर पड़ेगा।
रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को Seventh Pay देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है राज्य शासन के स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूर्ण कर जल्द सातवां वेतनमान दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने तत्काल मुख्य सचिव को फोन लगाया और फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के निर्देश दिए। प्रतिनिधिमंडल में फेडरेशन के संयोजक सुभाष मिश्रा, राज्य कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, पीआर यादव, सुरेन्द्र टूटेजा, संजय सिंह सहित कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

ढाई लाख राज्य कर्मचारी और 60 हजार पेंशनर्स इंतजार में

छत्तीसगढ़ में Seventh Pay Commission की सिफारिशों का लाभ लेने के लिए करीब ढाई लाख राज्य कर्मचारी और 60 हजार पेंशनर्स इंतजार में हैं। ये सिफारिशें प्रदेश में जस की तस मंजूर की जाती हैं तो सरकारी खजाने पर लगभग 4 हजार करोड़ रुपए का बोझ बढ़ जाएगा।CG में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की कवायद शुरू, समिति बनीहालांकि राज्य सरकार की माली हालत फिलहाल सातवें वेतन आयोग को लागू करने की स्थिति में नहीं है। सरकार पिछले 1 साल से अपने खर्चों की पूर्ति के लिए सरकार को प्रतिभूतियों की लगातार बिक्री करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से सरकार की कमर टूटना तय है।छत्तीसगढ़ में सातवें वेतन आयोग के लिए 8 महीने करना होगा इंतजारइन सिफारिशों से सरकार का राजस्व घाटा भी विकराल रूप ले सकता है। सरकार के सामने इस घाटे को नियंत्रित करने की बड़ी चुनौती रही है और आयोग की सिफारिशों के बाद यह घाटा लगभग दोगुना हो जाएगा।
लखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की कैशलेस इलाज की मांग पूरी कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था के साथ है कैशलेस इलाज की भी सुविधा मिलेगी। यह कैशलेज इलाज स्मार्ट कार्ड के जरिये मिलेगा। फैसले के अनुसार असाध्य, आकस्मिक व अप्रत्याशित रोगों का राज्य राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को मुफ्त इलाज सरकार के अधिकृत व अनुबंधित अस्पतालों में मिलेगा।सरकार उठाएगी खर्चइस फैसले के बाद तहत एसजीपीआई लखनऊ, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान लखनऊ और ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा जैसे अन्य राजकीय पोषित संस्थानों में इलाज कराने पर केवल पांच फीसदी ही भुगतान देना होगा। इसके लिए चिकित्सा अधीक्षकों से बिल सत्यापित कराना होगा। बिल की 95 प्रतिशत राशि राज्य सरकार खुद वहन करेगी।कर्मचारियों व पेंशनर्स को फायदासरकार के इस फैसले से करीब आठ लाख राज्य कर्मचारियों के अलावा 11 लाख पेंशनर्स को भी लाभ मिलेगा। अगल लाभार्थी 5 फीसदी भुगतान देने के लिए सहमत नहीं होते हैं तो पहले की व्यवस्था के तहत चिकित्या प्रतिपूर्ति ली जा सकेगी। असाध्य एवं अप्रत्याशित रोगों के इलाज की सुविधा सीजीएचएस की तर्ज पर सरकार द्वारा अनुबंधित निजी चिकित्सालयों में मिलेगी। सरकार सभी बड़े प्राइवेट अस्पताल से इसके लिए अनुबंध भी करेगी। दिल्ली एवं एनसीआर में स्थित अस्पतालों सहित अनुबंध वाले अस्पतालों में इलाज कराने के लिए इस्टीमेट का 95% पैसा एक सप्ताह के अंदर राज्य कर्मचारी एवं पेशनर के बचत खाते में उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद अग्रिम मिले पैसे का समायोजन तीन महीने में करना होगा।अब मिलेगा 95% एडवांसकैबिनेट ने इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (चिकित्सा परचर्या-द्वितीय संसोधन) नियमावली- 2016 को मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को इलाज की भरपाई की वर्तमान व्यवस्था के साथ ही अन्य लाभ भी मिलेंगे। पूर्व में राज्य कर्मचारियों को इलाज की धनराशि का 75 % एडवांस मिलता था वहीं अब 95% एडवांस मिलेगा।
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Central Employee
जबलपुर। स्टेशन लॉबी व रनिंग रूम में पानी सहित खान-पान की अव्यवस्था को लेकर गुस्साए लोको पायलटों ने स्टेशन पर गुरुवार को प्रदर्शन किया। लोको पायलट प्लेटफॉर्म एक स्थित लॉबी के समक्ष एकत्र हो गए। वहां वेस्ट सेंट्रल एम्पलाइज यूनियन के पदाधिकारी भी आ गए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए रेल प्रशासन को रेलों के पहिए रोकने की चेतावनी तक दे दी।खराब पड़ा है फिल्टररेल यूनियन के पदाधिकारी व लोको पायलटों का कहना था कि एक ओर रेलवे बोर्ड रनिंग स्टाफ को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधा देने का आदेश जारी कर रहा है, दूसरी ओर अफसर सोने के लिए बेड, खाना व पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे। जबलपुर व सतना लॉबी का आरओ फिल्टर लगने के बाद से खराब पड़ा है, जिसे आज तक सुधारा नहीं गया। एडीआरएम पिछले सप्ताह सतना गए तो वहां रनिंग रूम में लोको पायलटों को खाना व पानी पिलाने के लिए बैरा उपलब्ध न कराने का निर्देश दे आए। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के मंडल अध्यक्ष बीएन शुक्ला, निरंजन कुमार, सुशांत नील, मनोरंजन कुमार, मुरलीधर ने संबोधित किया। इनका कहना हैइस संबंध में नवीन लिटोरिया, डिवीजनल सेक्रेट्री, डब्ल्यूसीआरईयू का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने रनिंग स्टाफ को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधा देने का आदेश जारी किया है। यहां डिवीजन के अफसर इसमें पलीता लगाने में जुटे हैं। लोको पायलटों को सामान्य सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को दिवाली का तोहफा देते हुए उन्हें गत एक जुलाई से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं को बताया कि सभी केंद्रीय कर्मचारियों को गत एक जुलाई से दो प्रतिशत मंहगाई भत्ता तथा पेंशन धारकों को दो प्रतिशत मंहगाई राहत मिलेगी। मंहगाई भत्ते की यह किस्त सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित फार्मूले के अनुरूप स्वीकार की गई है। उन्होंने बताया कि इससे सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष 5, 622 करोड़ 10 लाख रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 3748 करोड़ 6 लाख रुपए रहेगा। इस घोषणा से 50 लाख 68 हजार सरकारी कर्मचारियों तथा 54 लाख 24 हजार पेंशन भोगियों को फायदा मिलेगा। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों तथा पेंशन भोगियों के लिए एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की थीं। उन्हें गत एक जुलाई से नया वेतन मिलना शुरू हो गया है, जबकि जनवरी से जून तक का बकाया एक साथ दिया गया है।
लखनऊ. अखिलेश सरकार केंद्र की तरह 3500 रुपये की जगह 7000 रुपये दीवाली बोनस प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए दे सकती है। शासन का वित्त महकमा केंद्र के आदेश पर मंथन कर रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस पर जल्द निर्णय की संभावना है।-केंद्र सरकार ने बोनस की अधिकतम सीमा 3500 से बढ़ाकर 7000 रुपये कर दी है।-वित्त मंत्रालय की ओर से पिछले तीन अक्तूबर को जारी आदेश में कहा गया है कि उसका आदेश संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के उन कर्मचारियों पर भी लागू माना जाएगा जो बोनस के संबंध में केंद्र सरकार की पद्धति का अनुसरण करते हैं तथा जो किसी अन्य बोनस या अनुग्रह स्कीम में नहीं आते हैं।-ऐसे में 2015-16 से बोनस की बढ़ी राशि देने पर विचार हो रहा है।-बोनस दीपावली के पहले दिया जाता रहा है, लिहाजा इस पर अगले सप्ताह निर्णय हो सकता है।-प्रदेश सरकार महंगाई भत्ता (डीए) व बोनस के मामले में केंद्र की रीति का ही पालन करती आई है।-2014-15 के लिए केंद्र के बराबर 3500 रुपये के आधार पर ही बोनस का भुगतान किया गया था।-प्रदेश सरकार आधा बोनस नकद देती है और आधे का भुगतान जीपीएफ में करती है।-ऐसा हुआ तो 3454 रुपये नकद मिल सकता है। बोनस एक महीने के लिए दिया जाता है लेकिन इसकी गणना 30 दिन मानकर की जाती है।-अधिकतम 7000 रुपये बोनस मंजूर किए जाने पर30 दिन का बोनस 6908 रुपये रहने की संभावना है।-सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र व सचिव ओंकारनाथ तिवारी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से केंद्र के कर्मचारियों की तरह राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी 7000 रुपये बोनस का भुगतान कराने की मांग की है।-उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को भी बढ़े बोनस का भुगतान जल्द करना चाहिए।
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Bank Employee
बैंक कर्मचारी अतिरिक्त काम को लेकर कर रहे धरना प्रदर्शन
भोपाल। देश में जब अचानक से नोटबंदी का फैसला आया तो पूरे देश में हलचल मच गई। ऐसे में सभी अपना काम छोड़-छोड़कर बैंक के चक्कर लगाने लगे। लेकिन बैंक कर्मचारियों को इस समय बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ी।
आगरा। युनाईटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देश भर के लगभग 10 लाख बैंक कर्मचारी एक बार फिर से हड़ताल पर जाएंगे। बैंक कर्मचारी और अधिकारी सरकार की जनविरोधी बैकिंग, श्रम सुधारों, श्रम संगठनों में दखल देने के सरकारी कदमों और स्थाई कार्यों की आउट सोर्सिंग पर अपना विरोध 28 फरवरी को प्रकट कराएंगे। नोटबंदी में किया था अतिरिक्त कामबैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नोटबंदी के दौर में घंटो अतिरिक्त समय देकर काम किया था। लेकिन उनके लिए सरकारों ने कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि पेमेंट आॅफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत उपदान की सीमा को हटाया जाए। उपदान और अवकाश नगदीकरण करके सेवानिवृत के अवसर पर आयकरसे पूरी छूट दी जाए। सभी बैंकों में तुरंत नियुक्ति हों। बैंकों में कर्मचारियों के लिए अलग से वेतन पुरीक्षण की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए। रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के अनुरूप पेंशन योजना में पेंशन से संबंधित मुद्दों में सुधार किए जाएं। यूपी बैंक इंप्लायी यूनियन के जिलामंत्री मदन मोहन राय ने बताया कि 28 फरवरी को हड़ताल का आह्वान किया जा रहा है। वहीं 17 फरवरी को शाम पांच बजे एक धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। किया प्रदर्शनसरकार द्वारा पांच सहयोगी बैंकों को बन्द करने तथा स्टेट बैंक आॅफ इण्डिया में उनके विलय के प्रस्ताव को मंजूरी देने के विरोध में एआइबीईए और एआईबीओए के आह्वान पर गुरुवार को देशभर के बैंक कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। आगरा में स्टेट बैंक आॅफ पटियाला की नेहरू नगर शाखा पर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसमें यूपीबीईयू आगरा इकाई के अध्यक्ष, अशोक सारस्वत, संयुक्त मंत्री, प्रेमचन्द, सुधीर और राजकुमार आदि ने बैंक साथियों को संबोधित किया।
खंडवा / खेड़ी. नोटबंदी के कारण उपभोक्ताओं को घंटों बैंक के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच एक 70 वर्षीय शांताबाई पति हीरालाल निवासी मलगांव अपनी पेशन की राशि लेने के लिए 2 घंटे से लाइन में लगी हुई थी। थक जाने के कारण उसने चैनल गेट पकड़ रखा था, जब उसका नंबर आया तभी लंच टाइम हो गया। ऐसे में बैंक के कर्मचारी ने बिना कुछ देखे गेट बंद कर दिया और एक झटके में ही वृद्ध महिला की ऊंगली के दो टुकड़े हो गए। चपरासी के सामने ऊंगली कटने के बाद भी उसने इस घटना को अनदेखा गर दिया। महिला बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। वहीं पास में खड़े अन्य ग्राहकों ने बुजुर्ग महिला को अस्पताल पहुंचाया और उपचार कराकर घर भेजा।इसे भी पढ़ें - सीसीटीवी में कैद: अतिथि बनकर शादी में हुआ शामिल, गहनों से भरा बैग लेकर भागाअधिकारी बोले मैं क्या करूंबैंक में आए अन्य ग्राहकों ने जब यह सूचना प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों को दी तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह घटना मेरे सामने नहीं हुई है। इसलिए इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता। इस मामले में उपभोक्ता कुंबर पिता कैलाश व दलापत पिता गुब्बा मलगांव ने आरोप लागया कि घटना की पूरी जानकारी प्रबंधक ने बताया कि अधिकारी इस मामले में पूरी तरह अनजान बने हुए हैं। वहीं चैनसिगं डायवर व विपत पिता राजाराम राई ने घयला बुर्जग महिला के टेम्पों से अपने घर छोड़ा।इसे भी पढ़ें - युवक घर से भगाकर चार दिन साथ रखा फिर छोड़ दिया तो युवती ने केरोसिन डालकर लगा ली आगक्षेत्रवासियों में बढ़ रहा आक्रोशजिससे क्षेत्र की जनता का आक्रोश बैक के प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि ग्राम खेडी में बैक ऑफ इंडिया की शाखा में अभी तक ग्राहक धैर्य के साथ बैक में रोज आ रही समस्याओं को सहन कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बैक के चिपरासी नितिन कुमार की कार्य प्रणालियों से ग्राहक परेशान हंै।इसे भी पढ़ें - दिल दहला देने वाली खबर, नई बाइक खरीदी और मंदिर से लौटते हुए हुई ट्रक से टक्कर, पति-पत्नी की मौत यहां पर बैंक के प्रबंधक ने ही चपरासी व अन्य कर्मचारियों को खुली छूट दे रखी है। नोटबंदी के बाद से बैकों में रुपए जमा करने व निकलवाने की लगातार बढऩे वाली भीड़ में ज्यादा कुछ कमी नहीं हुई है। बैंक प्रबंधक भी जानबूझकर उपभोक्ताओं को घंटों लाइन मे खड़ा रखते हैं, जो काम 10 मिनिट में हो सकता है उसमे घंटों लगा देते हैं। कई बार बैंक कर्मचारियों व उपभोक्ताओं में भी विवाद हो जाता है।इसे भी पढ़ें - इस टीआई ने पेश की मिसाल, स्वीपर से कहा- आप चीफ गेस्ट हैं आप फहराएंगे तिरंगा जानकारी नहीं हैक्या हुआ और कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं है। मामला पता करके बताता हूं।अमित शाह, जोनल अधिकारी, बैंक ऑफ इंडियापता नहींघटना की जानकारी हमारे पास नहीं थी कि कब बैंक के चैनल गेट में बुर्जग महिला की उंगली कट गई।भगतसिगं परिहार बैक प्रबंधक शाखा खेडीइसे भी पढ़ें - करिश्मा:- ओंकारेश्वर में नर्मदा की खतरनाक भंवर से निकलते थे चंद्रमा, सांप व ब्रम्हांण की आकृति वाले शिवलिंग...जाने क्या है राजकार्रवाई करूंगामैंने आज सभी अधिकारियों से बैंक के संबंध में बात की उन्होंने इस तरह की किसी भी घटना के बारे में नहीं बताया, बात करता हूं, यदि गलती होगी तो कार्रवाई करूंगा।केपी सोनिक, एलडीएम
मुंबई। भारतीय एचडीएफसी बैंक की लगता है वित्तीय हालत खराब होती जा रही है। यही कारण है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में 4,581 की कमी आई है। हालांकि बात की जाए तो एक साल पहले की तुलना में बैंक के कर्मचारियों की संख्या में 5,802 का इजाफा हुआ है।बैंक का कहना है कि मुख्य रूप से उसकी प्रणाली की दक्षता बढ़ने तथा छोड़ने वालों की तुलना में कम संख्या में नियुक्तियों की वजह से उसके यहां कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है।दिसंबर तिमाही में बैंक की मुनाफा वृद्धि दर सबसे कम यानी 15 प्रतिशत रही. 31 दिसंबर, 2016 को बैंक के कर्मचारियों की संख्या घटकर 90,421 पर आ गई, जो 30 सितंबर, 2016 को 95,002 थी। ईमेल के जरिये भेजे जवाब में बैंक ने कहा है कि उसके कर्मचारियों की संख्या में कमी की प्रमुख वजह प्रणाली की दक्षता तथा नियुक्तियों में कमी है।भारतीय बैंकिंग उद्योग में नौकरी छोड़ने वालों की सालाना दर 16 से 22 प्रतिशत है। एचडीएफसी बैंक में यह 18 से 20 प्रतिशत है। उद्योग में नौकरी के निकालने की दर का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
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PSU
रीवा। सुबह कार्यालय पहुंचने के बाद साहबों को न केवल खुद से अपनी टेबल साफ करनी पड़ी बल्कि फाइल लेने सहित अन्य कार्य भी खुद से करने पड़े। हम बात अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की कर रहे हैं। मांगों को लेकर पिछले सप्ताह से कार्य बहिष्कार कर रहे कर्मचारियों के साथ सोमवार को साहबों के सेवादार भी साथी कर्मचारियों के साथ हो गए। कार्यालय का ताला खोलने के बाद सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी साथी कर्मचारियों के साथ प्रशासनिक गेट के सामने धरने पर बैठे। गौरतलब है कि गुरुवार को विवि कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांग से संबंधित आदेश जारी नहीं होने पर सोमवार से अधिकारियों का हुक्का-पानी बंद करने की घोषणा की थी। इसके तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सेवादारों) को भी कार्य बहिष्कार में शामिल कर लिया गया है। सभी ने काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया।
खिरकिया. छीपाबड़ का अटल तालाब वर्षों से सौंदर्यीकरण की बाट जोह रहा है। नगर परिषद की बैठकों में कई बार प्रस्ताव लिए, लेकिन सौंदर्यीकरण की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। वर्तमान में तालाब के कुछ भाग में ही पानी शेष है। जनपद पंचायत से प्राप्त हो गई सहमतिकरीब 6 माह पूर्व नगर परिषद को तालाब की सहमति जनपद पंचायत से प्राप्त हुई थी। पहले छीपाबड़ ग्राम पंचायत होने के चलते तालाब जनपद पंचायत अधिकार और संरक्षण में था। छीपाबड़ के नगर परिषद के विलय होने के बाद भी इसका आधिपत्य जनपद के पास ही था, जिसके चलते नगर परिषद को तालाब के विकास और सौंदर्यीकरण में तालाब के हस्तांतरण करने जैसी विभागीय परेशानियां आ रही थी, लेकिन अब जनपद पंचायत द्वारा नगर परिषद को लिखित रूप से पत्र देते हुए तालाब का संरक्षण दे दिया है। मिल सकता है पार्कतालाब को पार्क के रूप में विकसित कर पार्क की समस्या को हल करने का बताया जा रहा है। नगर में लंबे समय से पार्क निर्माण की मांग की जा रही है, अधिकारी हमेशा शासकीय भूमि के अभाव बताकर पार्क निर्माण की मांग को समाप्त कर देते थे, लेकिन तालाब को पार्क तो नहीं, लेकिन पार्क जैसा पिकनिक स्पाट का निर्माण किया जाए तो शासकीय जगह का अभाव भी नहीं रहेगा।इनका कहना है...तालाब हस्तांतरण संबंधी स्वीकृति जनपद पंचायत से प्राप्त हो चुकी है। राजस्व को स्वीकृति के लिए पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही तालाब के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।एआर सांवरे, सीएमओ, नगर पंचायत
जांजगीर-चांपा. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक क्षेत्र के किसानों को धान की फसल से निकलने वाले पैरा को महज थोड़े खर्च में जैविक खाद बनाने का अनोखा तरीका सिखा रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान बजार से मात्र दो रुपए का ट्राईकोडर्मा कैप्सूल लेकर उससे एक एक्सट्रेक्ट तैयार करेंगे। इस एक्सट्रेक्ट को पैरा में डालते ही वह मात्र डेढ़ से दो माह के अंदर खेत में डालने वाली जैविक खाद में तब्दील हो जाएगा। सुनने में यह किसी जादू से कम नहीं लग रहा है, लेकिन यह हकीकत है। विश्वविद्यालय के विषय वस्तु विशेषज्ञ जयंत साहू ने जैविक खाद बनाने की विधि कुछ इस तरह बताई। जयंत के मुताबिक एक्सट्रेक्ट पाऊडर और लिक्विड दो फार्मूले में बनता है। पाउडर फार्मूला तैयार करने के लिए एक किलो चावल की कनकी लेना होगा। इसके बाद आग में पानी उबालना है। कनकी को अच्छे से पानी में धुलना है, इसके बाद इसे उबलते पानी में मात्र डेढ़ मिनट के लिए डालना और उसके बाद पसा देना है। पानी निकलने के बाद गर्म पकी कनकी को चार बराबर भाग में करके चौकोर निर्जिवीकृत प्लास्टिक के डिब्बों में एक सेमी. ऊंचाई में फैला देना है। इसके बाद हर डिब्बे एक-एक ट्राईकोडर्मा कैप्सूल का पाउडर छिड़क देना है। इसके बाद इन डिब्बों को बंद करके डार्क रूम में रख दें। एक सप्ताह में चावल की कनकी हरे रंग में बदल जाएगी और इसमें नारियल के तेल की तरह सुगंध आएगी। इसके बाद इस चावल को दस किलो पाउडर में मिलाकर मिक्स कर लें। आपकी दवा तैयार हो जाएगी, पैरा को खाद बनाने के लिए। कैसे बनती है खाद सूखे पैरा के ढेर को तीन भागों में बांट लें। इसके बाद एक भाग की एक मोटी परत बना दें। परत के ऊपर बारीक सूखी मिट्टी की परत बिछा दें। इसके बाद 4-5 क्विटल के पैरा के ढेर में एक किलो ट्राईकोडर्मा पाउडर डालें। इसके बाद इस परत के ऊपर पानी डाले और इसी प्रक्रिया से तीन परत तक पैरा बिछा सकते हैं। इसके बाद पैरा के ढेर को तिरपाल से ढंक दें, जिससे उसमें नमी बनी रहे। 15-20 दिन में एक बार इस ढेर को ट्रैक्टर या रोटावेटर से पलट दें और फिर ढक दें। 45-60 दिन में पैरे का ढेर खाद के रूप में बदल जाएगा, जिसे किसान सीधे अपने खेत में डालकर उपचाऊ क्षमता को बढ़ा सकते हैं। आलू से बनता लिक्विट फार्मूलाकृषि वैज्ञानिक के मुताबिक ट्राईकोडर्मा एक्सट्रेक्ट लिक्विड फार्मूले में भी बनता है, इसके लिए एक किलो आलू के स्लाइस का उबला हुआ पानी लगभग एक लीटर मात्रा में चाहिए और ऊपर की विधि अपनाकर ही दस लीटर लिक्विड एक्सट्रेक्ट बनाया जा सकता है। बढ़ती है उर्वरा शक्ति पैरा से बनी खाद पूरी तरह से जैविक खाद है। यह उसी तरह काम करती है, जैसे गोबर या अन्य खाद करती है। इसके डालने से खेत की उर्वता शक्ति बढ़ती है। तरीका किसानों को सिखा रहेकिसान पैरा उठाव के खर्च से बचने के लिए उसे खेत में ही जला देते हैं। इसलिए हम पैरा से खाद बनाने का तरीका किसानों को सिखा रहे हैं। इससे किसान कम खर्च में अच्छी खाद तैयार कर खेत की उपजाऊ क्षमता को बढ़ा सकते हैं। -जयंत साहू, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर
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