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7 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाई, युवक ने 3 साल काटी जेल

7 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाई, युवक ने 3 साल काटी जेल
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इंदौर

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Arjun Richhariya

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Updated: 25 Jun 2018, 2:52 PM IST

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7 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाई, युवक ने 3 साल काटी जेल

विकास मिश्रा. इंदौर. कानून के दुरुपयोग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक मां ने एक युवक के खिलाफ अपनी सात साल की बेटी से दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट पुलिस में लिखा दी। कानून की सख्ती के चलते 24 साल के युवक को अपनी जिंदगी के तीन कीमती साल जेल की सलाखों के पीछे गुजारने पड़े।

तीन साल एक माह तक केस चलने के बाद यह साबित हुआ कि महिला ने आपसी विवाद के चलते युवक को फंसाने के लिए झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। कोर्ट में बच्ची ने खुद स्वीकार किया कि गलत बात का मतलब उसके हिसाब से मारपीट करना और हाथ पकडऩा होता है। इसी आधार पर मां के कहने पर उसने पहले धारा 164 के तहत अपने बयान दर्ज कराए थे।

11 गवाहों के हुए बयान
बच्ची ने कोर्ट के समक्ष यह कहा, कि उसकी मां और नाना ने आरोपी युवक को घटना के बाद कहा था कि वे उसे झूठा फंसा देंगे। जांच अधिकारी सहित कुल ११ गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषमुक्त कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म नहीं होने की बात सामने आई थी। अपर सत्र न्यायाधीश बीके द्विवेदी की कोर्ट से यह फैसला सुनाया गया है।

मां ने बेटी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
मामला आजाद नगर थाने के मूसाखेड़ी क्षेत्र से जुड़ा है। एडवोकेट अखिलेश सक्सेना के मुताबिक 28 अप्रैल 2015 को आजाद नगर थाने में मूसाखेड़ी के पंचशील नगर निवासी सात वर्षीय पीडि़ता की मां ने बेटी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पड़ोसी मनोज वर्मा को गिरफ्तार कर पहले छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया, लेकिन बच्ची के धारा 164 के तहत हुए बयान के बाद भादवि की धारा 376 (दुष्कर्म), लैंगिंग अपराध और एससी एसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।