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ऑन लाइन होंगे देशभर के आरटीओ
नई दिल्ली। साल के अंत तक देशभर के लगभग एक हजार सड़क परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ऑन लाइन हो जाएंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 149 करोड़ की लागत से शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी परियोजना परवान चढ़ने वाली है। इसके तहत वाहनों के पंजीकरण एवं ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर स्टेट रजिस्टर बनाने का काम जहां अगले हफ्ते तक पूरा कर लिया जाएगा, वहीं नेशनल रजिस्टर में पांच से छह माह का वक्त लगेगा।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन होने के अगले एक साल तक सभी राज्यों में स्थित आरटीओ को तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें मानव संसाधन के अलावा ऑन लाइन संचालन से जुड़ी सभी अन्य सुविधाएं होंगी।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके जरिए जहां फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी समस्याओं से निजात पा लिया जाएगा वहीं वाहनों के रजिस्टे्रशन एवं नए ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सारी कागजी औपचारिकताएं घर बैठे पूरी की जा सकेंगी। इसके अलावा नया परमिट जारी करने परमिट के नवीकरण, वाहनों को बदलने और रोड़ टैक्स समेत भुगतान से जुड़े सारे मसले ऑनलाइन हो जाएंगे। सबसे अहम नेशनल रजिस्टर तैयार होने के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। सूत्रों ने बताया कि राजस्थान समेत पच्चीस राज्यों एवं एक केन्द्र शासित प्रदेश के कुल 990 आरटीओ में से 919 में कम्प्यूटरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। शेष राज्यों में यह प्रगति पर है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रालय ने नेशनल इंफारमेटिक सेंटर के जरिए इस दिशा में वाहनों के पंजीकरण एवं ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर क्रमश: वाहन एवं सारथी नामक साफ्टवेयर विकसित किया था। गत पांच वर्षो से सरकार ऑन लाइन की कवायद में जुटी थी।
मनोज कुमारेन्द्र
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