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अवैध संबंधों का तिलिस्म
चेन्नई। अवैध संबंधों की एक विस्मित करने वाली दास्तां की आरोपी महिला पुलिसकर्मी ने अपने पहले प्रेमी को दूसरे प्रेमी के हाथों मरवा कर उसकी लाश तक को ठिकाने लगा दिया। हालांकि लम्बी पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमिका समेत चार जनों को सलाखों के पीछे डाल दिया।
वेलचेरी पुलिस ने गुरूवार को इस काण्ड का खुलासा करते हुए बताया कि थाना क्षेत्र के दुरैपाक्कम स्थित बिजली बोर्ड में काम करने वाले राजेंद्रन (35) को अवैध संबंधों की सूली पर चढ़ा दिया गया। राजेंद्रन के गत मार्च में लापता होने की शिकायत उसकी मां चेलम्माल ने दर्ज कराई थी और इसी आधार पर की गई छानबीन में उसकी हत्या का खुलासा हुआ। चेलम्माल ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका बेटा गिण्डी में रहता था। उसके कार्यालय नहीं आने की सूचना मिलने के बाद वह यह शिकायत दे रही थी। छानबीन में पुलिस ने राजेंद्रन को मोबाइल पर किए गए फोन कॉल्स की सूची निकलवाई और जांच शुरू की। इस दौरान उसे वडपलनी थाने में कार्यरत महिला पुलिसकर्मी शास्त्रगनी (35) का पता चला। चेलम्माल ने भी बाद में पुष्टि की कि वह और राजेंद्रन काफी करीबी थे।
पुलिस ने बताया कि राजेंद्रन की वर्ष 2007 में अनिता से शादी हुई थी लेकिन कुछ ही महीने बाद वह उसे छोड़कर चली गई। शुरूआत में इसका कारण पारिवारिक कलह बताया गया था लेकिन बाद में शास्त्रगनी व राजेंद्रन के बीच के संबंधों के चलते यह बिखराव होने का पता चला। मार्च माह में राजेंद्रन के गायब होने के बाद 30 अप्रेल को शास्त्रगनी का तबादला भी वेलचेरी से वडपलनी महिला पुलिस थाने में हो गया। राजेंद्रन को किए गए कॉल्स के बारे में जब शास्त्रगनी से पूछा गया तो उसने पूरी घटना को बतौर बयान दर्ज कराया जिसके आधार पर उसे व उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
शास्त्रगनी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मूलत: तिरून्नेलवेली की निवासी है और राजेंद्रन रामनाड निवासी था। दोनों स्कूली दिनों से ही साथ थे व एक-दूसरे को चाहते थे। जब उनके परिवारों को इस बारे में पता चला तो वर्ष 1993 में शास्त्रगनी की शादी सेल्वराज से करा दी गई। शादी के बाद भी राजेंद्रन का उसके घर आना-जाना था। जब इनके संबंधों के बारे में सेल्वराज को पता चला तो उसने शास्त्रगनी को छोड़ दिया। पति से अलग होने के बाद भी इनके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया।
वर्ष 2007 में राजेंद्रन का विवाह अनिता से हुआ। शादी के बाद अनिता को उसकी असलियत का पता चला तो वह उसे छोड़ गई। अनिता की जिन्दगी को बरबाद करने के चलते उसके भाई लोग गुस्सा हो गए और उसे जमकर पीट दिया। राजेंद्रन ने उसे पीटने की शिकायत गिण्डी थाने में दर्ज कराई। इस बीच राजेंद्रन की सास भाग्यलक्ष्मी ने उसके खिलाफ गिण्डी महिला पुलिस थाने में दहेज प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज करा दिया।
राजेंद्रन के खिलाफ मामला लिखाते ही उसने और शास्त्रगनी ने भाग्यलक्ष्मी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शास्त्रगनी जब वेलचेरी पुलिस थाने में थी तब उसकी पहचान फं्रेड्स ऑफ पुलिस के एक सदस्य वीरराजन से हुई। उससे मुलाकात कर शास्त्रगनी ने भाग्यलक्ष्मी को मारने को कहा जिसके लिए उसने 2 लाख रूपए मांगे। वीरराजन ने इस काम के लिए मुरूगन, वेणुगोपालन, पशुपति व सतीश को लगाया।
पच्चीस मार्च 2010 को भाग्यलक्ष्मी को मारने का विश्वास दिलाते हुए इन लोगों ने राजेंद्रन व शास्त्रगनी को तिरूत्तनी चले जाने को कहा ताकि कोई उन पर शक न करे। यहां तक तो राजेंद्रन को सब सही लग रहा था लेकिन उसे क्या पता था कि शास्त्रगनी उसके प्राण हरने वाली है। शास्त्रगनी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में जब वह वीरराजन से मिली तो उसके बाद वह उसके करीब चली गई और बाद में भाग्यलक्ष्मी की जगह राजेंद्रन को मारने का मन बना लिया। इसलिए तिरूत्तनी जाते वक्त मार्ग में उसे खूब शराब पिलाई गई और वीरराजन के सहयोगियों ने कनकम्मालछत्रम के पास उसकी हत्या कर हाथ-पांव काट दिए। बाद में शव को पेट्रोल डालकर जला दिया, लेकिन लाश पूरी तरह नहीं जली। उधर, स्थानीय पुलिस ने राजेंद्रन का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और इसकी पहचान न होने के चलते दफना दिया।
वेलचेरी पुलिस ने शास्त्रगनी के बयान के आधार पर वीरराजन, मुरूगन व वेणुगोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। सतीश और पशुपति फिलहाल भूमिगत हंै। गिरफ्तार आरोपियों को उस जगह ले जाया गया जहां इन लोगों ने मिलकर राजेंद्रन को मारा था। मौके पर आरोपियों ने बताया कि उन्होंने किस तरह राजेंद्रन की हत्या की। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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