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Bhopal
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छले गए संजय नगर झुग्गीवासी
 

भोपाल । संजय नगर की जिस बेशकीमती जमीन पर डीबी मॉल बन रहा है उसके हस्तांतरण में सरकार को तो करोड़ों रूपए की चपत लगी ही, यहां से हटाए गए हजारों झुग्गीवासी आज भी अपने आपको छला हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रशासन ने इन्हें यहां से हटाते समय जो वादे किए गए थे, वे पूरे नहीं किए गए।

महाराणाप्रताप नगर व्यावसायिक परीक्षा मंडल से लगी हुई जमीन पर काबिज झुग्गीवासी आसपास के घरों में बर्तन मांजने, चौकीदारी, माली, साफ-सफाई का काम करते थे। ये लोग आसपास ही मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। इन्हें प्रशासन ने यहां से काफी दूर बसाया है। वहां इनके व्यवस्थापन के लिए व्यापक प्रबंधन प्रशासन ने नहीं किए हैं। इन झुग्गीवासियों को शहर के बीचोबीच स्थित संजय नगर से हटाकर कोलार रोड पर सर्वधर्म में नाले किनारे, बाग मुगालिया, नयापुरा अस्पताल के पास, शाहपुरा की ओर बसाया गया।

उस समय इन झुग्गीवासियों को एक छोटे भूमि के टुकड़े का पट्टा और सामान ढुलाई, बांस, बल्ली, पन्नी के लिए कुछ राशि दी गई थी। झुग्गीवासियों को पक्के सर्वसुविधायुक्त मकान देने का वादा शासन ने किया था। लेकिन ये झुग्गीवासी परिवार अविकसित जमीन पर सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। दलित पेंथर संघ के प्रदेशाअध्यक्ष आरके महाले का कहना है कि यहां 950 से अधिक झुग्गियों में हजारों लोग रहते थे। इन सभी को यहां से हटाया गया लेकिन पट्टे सभी को नहीं दिए गए।

झुग्गीवासियों को पक्के मकान देना तो दूर आज तक इनके रहने वाले स्थानों पर पक्के शौचालय, सड़क, बिजली और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी प्रशासन ने नहीं की है। शहर से दूर चले जाने के कारण इन्हें मजदूरी करने शहर में आने के लिए एक मोटी रकम परिवहन पर खर्च करना पड़ता है वहीं दूर चले जाने के कारण कई मजदूरों को तो यहां जो काम मिला हुआ था, वह भी छिन गया। उनका कहना है कि प्रशासन ही इन झुग्गीवासियों की सुध नहीं ले
रहा है।

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