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चोरों का कंडोम मशीनों पर निशाना, ले गए दस हजार मशीनें

10,000 condom machines missing

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9/7/2013 8:29:00 AM
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दिल्ली। कंडोम की उपलब्धता को सुगम करने के लिए शुरू की गई सीवीएम स्कीम के तहत लगाई गई कंडोम मशीनों के अधिकत्तर के गायब होने या खराब होने रिपोर्ट सामने आई है। नियंत्रक और महालेखा परिक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक 21 करोड़ रूपए की लागत से लगाई गई कंडोम मशीनों में करीब 10 हजार मशीने गायब और 11 मशीनें खराब थी।

नेशनल एड्स कंट्रोल ऑरगेनाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत लाई गई इन मशीनोें का बाद सरकार का कहना था कि इससे कंडोम की बिक्री कम हो जाएगी लेकिन इतने पैसे खर्च करने के बावजूद भी सरकार का यह अनुमान भी सही नहीं निकला।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय ने इस स्कीम को शुरू करने से पहले अच्छे से स्टडी नहीं की थी। इन स्कीम को कमजोर प्लानिंग के तहत लागू किया गया था। नतीजन नाको की ओर से इस स्कीम को बंद किया गया।

कंडोम की बिक्री नाको के अनुमान से भी कम रही। सीएजी ने कहा है कि हाई रिस्क एरिया वाले क्षेत्रों में कंडोम की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए सीवीएम मशीनों को लगाया गया था लेकिन इन पर 21.54 करोड रूपए खर्च करने के बाद भी नाको अपने मकसद में सफल नहीं हो पाई। पहले फेज में लगाई गई मशीनों की स्थिती को जाने बिना ही मंत्रालय ने दूसरे फेज के लिए भी एक भारी रकम मंजूर कर दी।

मशीनों को दो चरणों में लगाया गया था पहले चरण में 10 करोड़ रूपए एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड को दिए गये थे जिसके तहत सारी मशीने सितंबर 2005 में लगाई गई और दूसरे चरण में भी दस करोड़ रूपए दिए गए जिसके तहत 2008 में सभी मशीने लगाई गई थी। इन मशीनों को रेलवे स्टेशन, रेस्ट्रोरेंट्स बस स्टैंड, सिनेमा हाउस, रेड लाइट एरिया, बैंक और पोस्ट ऑफिस जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया था।

पहले फेज में में 10990 मशीने लगाई गई लेकिन उनमे से केवल 1130 मशीने की ट्रेक हो पाई है नहीं दूसरे फेज में भी करीब 10 हजार मशीने लगाई गई थी जिनमें से 6499 मशीने ही काम करती पाई गई है। बाकी कि या तो गायब हैं या फिर खराब हैं।


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