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बेटे ने खोला मां की मौत का राज, पुलिस को कहा पापा ने ली है जान

Updated: IST dead bhavna bhagel
नर्स भावना (32) उर्फ भूरी बघेल की जहर खाने से मौत में नया मोड़ आ गया। भावना के बेटे आशीष ने रविवार रात पिता वीरेन्द्र सिंह पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है।

ग्वालियर। नर्स भावना (32) उर्फ भूरी बघेल की जहर खाने से मौत में नया मोड़ आ गया। भावना के बेटे आशीष ने रविवार रात पिता वीरेन्द्र सिंह पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है। आशीष का कहना है पिता वीरेन्द्र सिंह एचडीएफसी बैंक में है। मां रिठौरा कंला (मुरैना) में नर्स थीं।

पिता को मां के चरित्र पर शक था। इसलिए वह उन्हें पीटते थे। यहां तक उसे (आशीष) को अपना बेटा तक नहीं मानते थे। इससे मां दुखी रहती थी। करीब 5 दिन पहले पिता ने मां को मोबाइल में कुछ फोटो दिखा कर झगड़ा किया था। मां रो-रोकर कह रहीं थी फोटो उनके नहीं है। फोटो एडिट किए हैं। लेकिन घर में किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। शुक्रवार रात को भी घर में झगड़ा हुआ। मां ने गुस्से में खाना नहीं खाया। पिता ने उन्हें बहाने से दूध पिलाया। उसके बाद ही मां की हालत बिगड़ी थी।

आशीष पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी शिव कॉलोनी (गोला का मंदिर) ने रविवार रात नाना रामसिंह बघेल निवासी सूर्य विहार कॉलोनी के साथ गोला का मंदिर थाने में शिकायत की। उसने पुलिस से कहा मां (भावना उर्फ भूरी) को घर में करीब 8 साल से प्रताडि़त किया जा रहा था। दादी सुशीला, चाचा नरेन्द्र सिंह, चाची नीरज सिंह भी पिता का साथ देते थे। इसलिए घर में कोई मां की बात नहीं सुनता था। भावना की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हुई थी। चिकित्सकों मौत की वजह जहर खाना बताया था। पुलिस सुसाइड की थ्योरी पर थी। लेकिन रविवार रात को आशीष ने रिश्तेदारों के साथ पुलिस के सामने नया खुलासा किया है। पुलिस का कहना है आशीष जो बता रहा है उसकी जांच की जाएगी।

मुझे बंद किया
आशीष का कहना है मां की मौत के बाद पिता वीरेन्द्र और परिजन ने उसे घर से बाहर जाने दिया। उन्हें डर था वह सच का खुलासा कर सकता है। इसलिए उसे कमरे में बंद कर दिया। राम सिंह बघेल का कहना है बेटी (भावना) को दामाद वीरेन्द्र सिंह तंग करते हैं उन्हें पता था। लेकिन घर की बात बाहर नहीं जाए इसलिए शिकवा शिकायत नहीं की।

बेटे को डराने के लिए खाया जहर झूठी कहानी
रामसिंह का कहना है भावना को पति और उसके ससुराल वाले ने मारा है। यह कहानी सरासर झूठी है कि आशीष बाइक चलाने की जिद कर रहा था। उसे रोकने के लिए भावना ने जहर खाकर डराया था। माता पिता बच्चों को जिद करने से रोकने के लिए डांट सकते हैं, खुद जहर खाने का जोखिम क्यों उठाएंगे। यह तो सभी जानते हैं जहर खाने से उनकी मौत हो सकती है। यह झूठी कहानी वीरेन्द्र सिंह मध्यस्थों के जरिए रची है। जबकि भावना को जहर खिलाने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है इसकी जानकारी उन्हें (रामसिंह ) तक नहीं दी थी। अस्पताल में भावनी की देवरानी नीरज के पिता सूबेदार कुंअर सिंह वर्दी पहनकर अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने खुद को भावना का पिता बताकर सबको गुमराह किया।

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