Patrika Hindi News

औद्योगिक निवेश अब तक के सबसे निचले स्तर पर 

Updated: IST industry gwalior
औद्योगिक विकास दर गिरावट को पुख्ता मध्यप्रदेश का 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण कर रहे हैं। हाल ही में जारी रिपोर्ट में आईआईएम (इण्डस्ट्रीयल एंटरप्रिन्योर मेमोरंडम) के आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं।

ग्वालियर। प्रदेश के साथ-साथ ग्वालियर की औद्योगिक विकास दर इस बार सबसे निचले स्तर पर रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्रोथ रेट दो के नीचे रही है। हालांकि इसके आंकड़े अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए हैं।

औद्योगिक विकास दर गिरावट को पुख्ता मध्यप्रदेश का 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण कर रहे हैं। हाल ही में जारी रिपोर्ट में आईआईएम (इण्डस्ट्रीयल एंटरप्रिन्योर मेमोरंडम) के आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं। इन आंकड़ों में पिछले दस सालों के सबसे कम मेमोरंडम दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ग्वालियर अंचल में तो इन मेमोरंडम की संख्या इकाई में भी नहीं है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 2016 में समूचे मध्यप्रदेश में केवल 85 मेमोरंडम दाखिल हुए हैं। इसमें प्रस्ताव पूंजी निवेश केवल 16,113 करोड़ है। ये प्रस्तावित पूंजी निवेश केवल बड़े एवं मध्यम उद्योगों का है। ग्वालियर अंचल में ऐसे केवल तीन उद्योग हैं, जिन्होंने ये मेमोरंंडम भरा है। सूत्रों के मुताबिक इनमें दो मेमोरंडम मालनपुर और एक सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा है।

केन्द्र को भेजे जाते हैं मेमोरंडम
गौरतलब है कि देश में 1991 में शुरू हुए उदारीकरण के बाद प्रत्येक बड़े पूंजी निवेशक को इण्डस्ट्रीयल एंटरप्रिन्योर मेमोरंडम भरने होते हैं। ये मेमोरंडम भारत सरकार को भेजे जाते हैं। काबिल-ए-गौर है कि वर्ष 2011 में 191 मेमोरंडम भरे गए थे। जिसमें 1,04,529 करोड़ का पूंजी निवेश प्रस्तावित था। इसमें सभी पंूजी निवेश अपवाद छोड़कर धरातल पर उतरे थे।

नहीं हुआ रत्तीभर निवेश
मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण में अहम बात सामने आई है एमएसएमई इण्डस्ट्रीज में इस साल 25 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। हालांकि इनके अंतिम आंकड़े अगले माह तक आने हैं। हालांकि औद्योगिक एसोसिएशंस बता रही हैं कि पिछले वित्तीय साल में उत्पादन नकारात्मक और निवेश रत्ती भर नहीं हुआ है। हालांकि इन आंकड़ों में मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न लोन योजनाओं का आंकड़ा भी शामिल किया गया है। जो स्वरोजगार योजनाओं के तहत दिया जाता है।

एक कारण ये भी
एमएसएमई में कथित निवेश के इजाफे के लिए एक्सपर्ट उद्योग आधार को जिम्मेदार मान रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उद्योग आधार घर बैठे जनरेट किया जा सकता है। इसको कोई भी सरकारी एजेंसी सत्यापित नहीं करती है। अक्सर लोग पूंजी निवेश करने की बात तो करते हैं, लेकिन कितना धरातल पर आया, इसका कोई पुख्ता प्रमाण सरकारों के पास नहीं होता है। एमएसएमई उद्यमी आशीष वैश्य के मुताबिक भारत सहित समूची दुनिया मंदी के दौर में हैं तो एमएसएमई में कैसे इजाफा हो सकता है? हालांकि सरकार के सर्वेक्षण को पूरी तरह बिना समझे कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???