Patrika Hindi News

> > > > Jain society Pancdshahnika Festival Finale

82 दिन की कठिन तपस्या करने वाले तपस्वियों का वरघोड़ा निकाला

Updated: IST Jain society Pancdshahnika Festival Finale
जैन समाज के 15 दिनी पंचदशाह्निका महोत्सव के समापन पर निकले ऐतिहासिक चल समारोह में देश के विभिन्न प्रदेशों से समाजजन व वाद्य वादक शामिल हुए।

आगर-मालवा. जैन समाज के 15 दिनी पंचदशाह्निका महोत्सव के समापन पर निकले ऐतिहासिक चल समारोह में देश के विभिन्न प्रदेशों से समाजजन व वाद्य वादक शामिल हुए। 82 दिन की कठिन तपस्या करने वाले तपस्वियों का वरघोड़ा जब निकला, तो शहर की गलियां भी छोटी पड़ गईं। झांकियों, घोड़े, बग्घी, पालकी के साथ बैंडबाजों का कारवां इतना लंबा था कि देखने वाले देखते रह गए।

तपस्वियों का वरघोड़ा निकाला
समाजसेवी अशोक नाहर ने बताया कि सकल जैन समाज ने यात्रा के साथ 82 दिन की कठिन तपस्या करने वाले तपस्वियों का वरघोड़ा निकाला। इसमें प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से समाजजन शामिल हुए। पंजाब का नगाड़ा, महाराष्ट्र का तुतारी व गुजरात के विरम गांव की शहनाई के साथ मालवा की संस्कृति की झलक भी दिख रही थी। सुबह 7.30 बजे पुरानी मंडी में सकल जैन समाज की नवकारसी हुई।

इसके बाद 8 बजे छावनी थाना ग्राउंड से जुलूस शुरू हुआ जो प्रमुख मार्गों से होता हुआ पुरानी मंडी पहुंचा। यहां धर्मसभा, अतिथि सत्कार और तपस्वियों का राजकुमारी कनकश्री ने धर्मचक्र तप का पारणा कराया। साध्वीश्री रक्षकीर्ति श्रीजी का 500 आयंबिल का पारणा भी किया। जुलूस में सांसद मनोहर ऊंटवाल, विधायक गोपाल परमार आदि शामिल हुए। यात्रा के आगे रंगोली सजाता कलाकारों का दल अलग छवि बिखेर रहा था। प्रभुजी का भव्य रथ भी आकर्षण का केंद्र था।

Jain society Pancdshahnika Festival Finale

समाजों ने किया स्वागत
जुलूस जहां से भी निकला अन्य समाज के लोगों ने स्वागत किया। काजी वसीउद्दीन ने सरकारवाड़ा पर स्वागत किया और वरिष्ठों को साफा पहनाया वहीं मुस्लिम सामाज के अन्य संगठन से नाना बाजार में पुष्पवर्षा की। नपाध्यक्ष शकुंतला जायसवाल की ओर से पिंटू जायसवाल ने स्वागत किया। डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने श्रीफल तथा मोतियों की माला से तपस्वियों का सम्मान किया।

तपस्या करने से होती है सुख की अनुभूति
मंडी में प्रवचन के दौरान साध्वीश्री अमीझरा श्रीजी ने कहा तपस्या करने से सुख की अनुभूति होती है। धन्य है यह तपस्वी जिन्होंने 82 दिनों की धर्मचक्र तप की कठिन तपस्या की। आगर में यह ऐतिहासिक कार्यक्रम सभी के सहयोग से पूरा हुआ। साध्वीश्री स्नेहझरा श्रीजी ने भी प्रवचन दिए। समापन पर सभी अतिथियों का बहुमान किया।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???