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यहां तो 30 साल से बदहाल है कांग्रेस, नहीं मिल रहा दूसरा स्थान भी 

Updated: IST  Rahul Gandhi, PM Modi, PM Narendra Modi, PM Modi
इस जिले में 1985 से कांग्रेस का हो गया सूपड़ा साफ, कभी था दबदबा

आगरा। उत्तर प्रदेश के 2017 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस जिस नारे के सहारे चुनाव फतह के लिए मैदान में उतरी है ठीक वैसा ही हाल इस जिले में कांग्रेस का हो चला है। कांग्रेस ने '27 साल से यूपी बदहाल' का नारा दिया है लेकिन आगरा में 30 साल से कांग्रेस बदहाल है। हालत यह है कि विधान सभा चुनावों में दूसरा स्थान भी नहीं मिल पा रहा जबकि एक समय कांग्रेस का इन सीटों पर दबदबा बना रहता था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

आगरा उत्तर : वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में आगरा उत्तर पर कांग्रेस प्रत्याशी सुमित गुप्ता को 38,258 मत मिले थे। जो तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 1980 के बाद से कांग्रेस यहाँ से जीत का स्वाद नहीं चख पाई, हालांकि वर्ष 2002 तक दूसरे स्थान पर रही। यहाँ से कांग्रेस पाँच बार चुनाव जीत चुकी है।

आगरा दक्षिण : वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में आगरा दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी नजीर अहमद को 39,962 मत मिले थे जो तीसरे स्थान पर रहे। यहॉ वर्ष 1985 से कांग्रेस का खाता ही नहीं खुला। यहां से कांग्रेस पांच बार चुनाव जीत चुकी है।

आगरा कैंट : यहाँ से वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस बहुत पीछे रही। वर्ष 1985 के विधान सभा चुनाव के बाद कांग्रेस यहां से खाता नहीं खोल सकी। जबकि यहाँ से कांग्रेस 6 बार लगातार चुनाव जीत चुकी है।

आगरा ग्रामीण : वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में आगरा ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी उपेंद्र सिंह को 38,832 मत मिले थे जो तीसरे नंबर पर थे। यहाँ से कांग्रेस चुनाव नहीं जीत पाई ।

बाह : वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में बाह सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अमर चंद्र लड़ाई से बाहर थे। इस सीट से कांग्रेस तीन बार चुनाव जीत चुकी है लेकिन वर्ष 1985 के बाद से चुनाव जीतने का अवसर नहीं मिला।

फतेहाबाद : यहां से वर्ष 1985 के बाद से कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी। जबकि चार बार यहां से कांग्रेस को जीत मिल चुकी है। यहां तो हाल यह है कि नंबर दो पर भी पार्टी नहीं आई।

फतेहपुर सिकरी : यहॉ से कांग्रेस के टिकट पर केवल चम्पावती देवी ही दो बार चुनाव जीत सकी। वर्ष 1974 के बाद से कांग्रेस यहां से चुनाव नहीं जीत सकी। हां, वर्ष 1996 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस दूसरे नंबर पर रहने में कामयाब रही।

खेरागढ़ : यहां से वर्ष 1996 के विधान सभा चुनाव से कांग्रेस बाहर है। लेकिन यहाँ से कांग्रेस 8 बार चुनाव जीतने में सफल रही।
एत्मादपुर : इस सीट से कांग्रेस वर्ष 1980 के बाद से जीतने में सफल नहीं रही। हालांकि यहां से कांग्रेस दो बार विधान सभा चुनाव जीत चुकी है।

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