Patrika Hindi News

गुरु के आदर्शों को आत्मसात करने से विश्व शांति के लक्ष्य की प्राप्ति संभव

Updated: IST ahmedabad
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थानीय शाखा की ओर से यहां साबरमती रेलवे कॉलोनी स्थित

अहमदाबाद।दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की स्थानीय शाखा की ओर से यहां साबरमती रेलवे कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन में गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष्य में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में गुरु आशुतोष महाराज के चरणों में आरती व पूजन किया गया।

संस्थान के सचिव स्वामी नरेन्द्रानंद ने सत्संग प्रवचनों के माध्यम से आने वाले समय के विषय में समझाते हुए कहा कि प्रकृति में हो रहे परिवर्तन एक महाविनाश की ओर संकेत कर रहें हैं। विश्व शांति के लक्ष्य प्राप्ति के लिए गुरु के आदर्शों को आत्मसात करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमें भी शिष्य से भक्त बनने की दुर्गम यात्रा पूरी करनी होगी क्योंकि मात्र भक्त ही पूर्णत: ईश्वर प्रेम में डूबा होता है और उसमें भगवत्ता के श्रेष्ट आदर्श उसके जीवन, आचरण, चरित्र में दृष्टिगोचर होते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में मनुष्य को विभिन्न प्रकार से समझाया जाता है फिर भी कोई विशेष परिवर्तन घटित नहीं होता क्योंकि आज का मनुष्य बधिर हो गया है, यह बधिरता तभी समाप्त हो सकती है जब एक सतगुरु जो कि युगपुरुष होते हैं वे महासमाधि में लीन होकर अनेकों दिव्य लोकों से सकारात्मक उर्जा, दिव्य तरंगो को इस धरा पर लाते हैं। इस कारण मनुष्य की निम्न स्तर वाली बुद्धि पर उध्र्वगामी को उच्च स्तर पर आती है और ऐसी अवस्था में उसे समझाई गूढ़ बातें भी समझ में आती है।

सत्संग का सार समझाते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ण गुरु कोई साधारण व्यक्ति नहीं होते, जब तक एक शिष्य अपने गुरु से अंत:करण से नहीं जुड़ता तब तक वह गुरु की गुरुता को समझ नहीं पाता। जब एक शिष्य अपने गुरु से अंत:करण से जुड़ता है तब वह गुरु के आदर्शों को अपने तन-मन से जीता है। फिर गुरु भी ऐसे भक्तों को निमित्त बनाकर सृष्टि सृजन के महान से महान कार्य भी सरलतापूर्वक सम्पादित करवा लेता है। वर्तमान में हमें भी अपने गुरु से अन्त:करण से जुडऩा पड़ेगा तभी हम सब भी विश्व शांति के बृहद लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।

साध्वियों ऋचा भारती, दर्शिता भारती, पुरंदरी भारती, शोभा भारती, गुरु बहनों ऋतंंभरा, रूपल, गुरु भाई बृजभूषण ने प्रभु भजन प्रस्तुत किए। गुरु भाई सुरेन्द्र ने तबले एवं गुरु भाई शिवाजित ने ढोलक पर सहयोग किया। तुलसी के करीब सवा सौ पौधों का वितरण किया गया। पार्षद कल्पना वैद्य, चेतन पटेल के अलावा ईश्वर देसाई, विक्रमसिंह सोलंकी, विनोद वैद्य, राकेश ब्रह्मभट्ट, दीप्ति पटेल, भी मौजूद थे।

अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???