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बैलेट पेपर से हो विधानसभा चुनाव

Updated: IST ahmedabad
महिला पाटीदार नेता रेशमा पटेल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की बजाय बैलेट पेपर से राज्य

अहमदाबाद।महिला पाटीदार नेता रेशमा पटेल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की बजाय बैलेट पेपर से राज्य विधानसभा चुनाव कराने की मांग को लेकर गुजरात उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है।

याचिकाकर्ता के वकील रफीक लोखंडवाला के मार्फत दायर इस याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग वर्ष 2000 से प्रत्येक चुनाव ईवीएम से करा रहा है। आयोग की वेबसाइट पर यह लिखा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती, लेकिन आयोग की इस बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि ईवीएम से तकनीकी व यांत्रिक रूप से छेड़छाड़ करना संभव नहीं है। चुनाव आयोग केन्द्र सरकार के मातहत काम करता है। ईवीएम का कभी थर्ड पार्टी मूल्यांकन या ऑडिट नहीं किया गया।

हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कुछ नेताओं व आम लोगों ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। कईयों का कहना है कि भाजपा ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करते हुए यूपी में जीत दर्ज की है। इससे ईवीएम को लेकर लोगों में शंका पैदा हो गई है। इसलिए इन सभी को देखते हुए वर्ष 2017 में गुजरात विधानसभा के चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराया जाए। विश्व के कई देशों में निष्पक्ष चुनाव के लिए बैलेट पेपर का उपयोग किया जाता है।

किसी भी मशीन को 100 फीसदी फूलप्रुफ, हैकप्रूफ बनाना संभव नहीं है। कुछ तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक ईवीएम को आसानी से हैक किया जा सकता है। ईवीएम के मार्फत मतदाता का पूरा प्रोफाइल जाना जा सकता है।

अब तक ईवीएम को लेकर निष्पक्ष तकनीकी टीम ने कोई जांच नहीं की। कोई निष्पक्ष रिसर्च एजेंसी, विश्वविद्यालय व तकनीकी संस्थान इसकी जांच या अध्ययन नहीं कर सकता क्योंकि ईवीएम बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। कुछ देशों में शोध में पता चला है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है।

सिर्फ मतदाता ही नहीं बल्कि कई राजनीतिक दल ईवीएम पर विश्वास नहीं करते हैं और चुनाव लोकतंत्र का आधार है। इसलिए गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान बैलेट पेपर का उपयोग किया जाना चाहिए।

यदि उच्च न्यायालय ईवीएम से मतदान कराने के पक्ष में है तो इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत चुनाव हो जिसमें ईवीएम के साथ वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) लगा हो। याचिका मेंं यह भी कहा गया कि ईवीएम के साथ लगे वीवीपैट सिस्टम की जांच निष्पक्ष विशेषज्ञ तकनीकी टीम से कराई जाए। यह सिस्टम हैक नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जाए। पोलिंग बुथ के स्टाफ को ईवीएम मशीन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए। याचिका में यह भी मांग की गई कि उच्च न्यायालय चुनाव आयोग को यह निर्देश दे कि मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं को कुछ व्यवस्था के साथ मतदान करने दे।

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