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ई-ट्रांजेक्शन में गुजरात देश में नम्बर वन

Updated: IST Ahmedabad news
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा के बाद गुजरात इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन (ई-ट्रांजेक्शन) में देशभर में सबसे आगे है। 8 से 29 नवंबर तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2.98 करोड़ से ज्यादा के ई-लेनदेन किए गए

उदय पटेल

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा के बाद गुजरात इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन (ई-ट्रांजेक्शन) में देशभर में सबसे आगे है। 8 से 29 नवंबर तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2.98 करोड़ से ज्यादा के ई-लेनदेन किए गए। वहीं 1.77 करोड़ के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे, 1.69 करोड़ के साथ आंध्रप्रदेश तीसरे, 1.33 करोड़ के साथ तमिलनाडु चौथे तथा 1.30 करोड़ के लेन-देन के साथ तेलंगाना पांचवें स्थान पर हैं। इसमें इनकम टैक्स रिटर्न, वैट, टेलिफोन बिल, बिजली बिल, मनपा की सेवाएं, गैस बिल सहित अन्य लेन-देन शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद ई-लेनदेन का प्रचलन बढ़ा है।

यह काफी उत्साहनजक आंकड़ा है कि गत वर्ष इसी अवधि (8 नवम्बर से 29 नवम्बर 2015) के दौरान गुजरात में ई-लेनदेन की संख्या 1.53 करोड़ थी।

वहीं कई राज्य गुजरात से काफी आगे थे। इस तरह गुजरात के मुकाबले में 200 गुना वृद्धि देखी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक मंत्रालय के तहत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन एकत्रीकरण और विश्लेषण लेयर (ई-ताल) के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा लेन-देन (दो करोड़ से ज्यादा) आयकर रिटर्न व वैट के लिए किए गए हैं।

इसके अलावा इनमें डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत सब्सिडी व स्कॉलरशिप भी शामिल है। टेलिफोन बिल, पानी बिल, बिजली बिल, नगरपालिका सेवाओं व पाइप गैस के बिल को लेकर ई लेन-देन की संख्या 27 लाख तक हुई है। इस दौरान बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल, डीटीएच रिचार्ज काफी कम हुए। यह संख्या सिर्फ 3 हजार 959 रही।

ई-गवर्नेंस पोर्टल/वेबसाइट, फॉर्म, निविदाओं की डाउनलोङ्क्षडग, पासपोर्ट स्टेटस, पीएनआर से जुड़ी जानकारी, परीक्षा परिणाम के लेन-देन की संख्या 53 लाख से ज्यादा रही। पेंशन, मनरेगा जैसे सामाजिक लाभ का लेन-देन 3 हजार से थोड़ा ज्यादा रहा। मोबाइल उपकरण के माध्यम से सेवाएं के मामले में लेन-देन 15 लाख से थोड़ा अधिक पाया गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि गुजरात में धीरे-धीरे ई-गवर्नेंस का दायरा बढ़ता जा रहा है।

मोदी का कैशलेस लेन-देने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार कैशलेस लेन-देन पर जोर दे रहे हैं। इसकी मिसाल मंगलवार को उनके ट्वीटर पर देखने को मिली। उन्होंने अपने ट्वीटर पर कैशलेस लेन-देन पर काफी बल दिया।

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