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गाय के हमले में खोई रोशनी लौटाई

Updated: IST ahmedabad
गाय के हमले में महिला की खोई रोशनी को शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने लौटाया। एक महीने

अहमदाबाद।गाय के हमले में महिला की खोई रोशनी को शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने लौटाया। एक महीने से यह महिला कई अस्पतालों में भटक चुकी थी। जामनगर जिले के राणावाव में रहने वाली लाभूबेन दिलीप सरवैया (55) अपनी गाय को चारा खिला रही थी तभी गाय ने उस पर हमला कर दिया। हमले में एक सींग उसकी दाहिनी आंख में लग गया, जिससे उसे दिखना बंद हो गया। इस दौरान उसे स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया लेकिन कोई हल नहीं हुआ। परिजनों को लगा था कि अब इसका कोई उपचार नहीं है। बाद में महिला को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल स्थित नेत्र अस्पताल में लाया गया। जांच के बाद महिला का जटिल ऑपरेशन किया गया।

नेत्र अस्पताल के डॉ. सोमेश अग्रवाल ने बताया कि महिला की आंख की पुतली के पीछे के भाग में खून जमा होने से उसकी आंख की रोशनी चली गई थी। करीब दो घंटे चले ऑपरेशन में खून को हटाया गया, जिससे उसकी रोशनी लौटने लगी है। ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. सोनाली शाह, नेहा देसाई, सची देसाई एवं पूजा देसाई भी शामिल थी। चिकित्सकों के अनुसार आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन का खर्च निजी अस्पतालों में साठ से नब्बे हजार रुपए तक हो सकता था, लेकिन सरकारी अस्पताल में निशुल्क किया गया।

पार्किंसन पीडि़त वृद्धा का भी सफल ऑपरेशन

नेत्र अस्पताल में हाल ही में पार्किंंसन पीडि़त 75 वर्षीय महिला का भी सफल ऑपरेशन किया गया। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव निवासी कस्तूरी नाई को पिछले चार वर्ष से पार्किंसन की बीमारी होने के कारण उसका अधिकांश भाग कंपता है। इस बीच उन्हें हाईपर मैच्योर कैटरेक्ट (मोतिया) होने से ऑपरेशन करना भी जरूरी था, लेकिन शरीर के हिलने के कारण उसका ऑपरेशन करने में दिक्कत आ रहीं थीं। अस्पताल के एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. शैलेष बालधा एवं डॉ. कृपाली पटेल की सूझ बूझ से कस्तूरी का ऑपरेशन संभव हुआ। डॉ. सोमेश अग्रवाल ने बताया कि महिला को बेहोश करने में काफी जोखिम था इसलिए उनको गहरी नींद में लाया गया था। उसके बाद उसका ऑपरेशन किया गया।

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