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Video Icon कैश के लिए लोग परेशान, बैंक मैनेजर ने कहा- PM से पूछो, क्यों है ऐसी व्यवस्था ?

Updated: IST  People crowd outside bank
नोटबंदी के बाद कैश की कमी के चलते अब आम जनता का सब्र जवाब देने लगा है। वहीं बैंककर्मी भी उन पर झल्ला रहे हैं।

अलीगढ़। नोटबंदी के बाद बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। अलीगढ़ में बुधवार को नौरंगाबाद स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत के बाहर सैकड़ों की तादाद में महिलाओं और पुरुषों की भीड़ देखने को मिली। बैंक में कैश की कमी के चलते यहां लोग परेशान दिखे। लोगों का कहना था कि कि बैंककर्मी चार-छह दिनों तक चक्कर लगाने के बाद टोकन देकर मात्र 2000 रूपये दे रहे। वहीं बैंक मैनेजर से पूछा गया तो उन्होंने बोल दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरबीआई से पूछो कि कैश की कमी क्यों है?

बुजुर्ग और विकलांग बेहाल

नोटबंदी के बाद से हर किसी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण बैंक में लगभग 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रूपये निकालने के लिए पहुंची। जिसे मीडिया का कैमरा देखने के बाद बैंक में घुसने का मौका मिल गया। वहीं बैंक के अंदर एक विकलांग युवक उमाशंकर रुपयों के इंतजार में बैठा था। उसका कहना था कि वो कई दिनों से रुपए निकालने के लिए आ रहा है। आज वो बैंक के अंदर तो आ गया लेकिन रुपए मिल पाएंगे या नहीं, यह नहीं मालूम।

बीमार बुजुर्ग भी लगे लाइन में

वहीं ग्रामीण बैंक के बाहर लाइन में बुजुर्ग राम सिंह खड़े हुए थे। वो चिकनगुनिया से पीड़ित हैं। उनका कहना था कि वह क्या करें बैंक से रूपये नहीं मिल रहे हैं। बीमार हूं लेकिन अपने खाते से रूपये निकालने के लिए आना पड़ा है। बीमारी के इलाज के अलावा घर की जरूरतें भी पूरी करनी है।

कैश के लिए कर रहे छुट्टी

बैंक के बाहर एक और महिला गीता मिली। जिसकी परेशानी सुनी तो पता चला कि सरकारी महकमे में काम करने वालों की सैलरी खाते में आती है लेकिन बैंक से रूपये नहीं निकलने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। छुट्टी लेकर रूपए के लिए लाइन में लगो और यहां से भी निराश हाथ लग रही है। पिछले तीन-चार दिनों से बैंक के चक्कर लगाने के बाद भी हाथ में कुछ नहीं लगा है।

व्यवस्था के बारे में प्रधानमंत्री से पूछो

इस संबंध में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत के ब्रांच मैनेजर रमाशंकर से बात की तो उनका कहना है कि कैश की कमी के बारे में हम क्या बताएं। इस दौरान ब्रांच मैनेजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी भूल गए और मनमोहन सिंह को वर्तमान प्रधानमंत्री बता दिया। बमुश्किल गलती सुधारी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरबीआई से पूछो कि कैश की कमी क्यों है। उन्होंने कहा कि बैंक को रूपये नहीं मिल पा रहे हैं जितना मिलता है सभी ग्राहकों को जरुरत के अनुसार रूपये दिए जा रहे हैं। टोकन व्यवस्था बनाई हुई जो कि बैंक के बाहर ही बांट दिए जाते हैं।

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