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Video Icon शौक या तानाशाही: किराये की कार पर नीली बत्ती लगा ठाठ से घूमते हैं प्राचार्य

Updated: IST red beacon rule
किराये की कार पर नीली बत्ती का प्रयोग करने के सवाल पर प्राचार्य ने साधी चुप्पी।

अलीगढ़। बिना अधिकारी के गाड़ी पर नीली बत्ती लगाना गैरकानूनी है। लेकिन अलीगढ़ के कस्बा खैर में एक डिग्री कॉलेज के प्राचार्य नीली बत्ती लगी कार में घूमते हैं। खास बात ये जिस कार में नीली बत्ती लगी है वो भी भाड़े की है। शासन के निर्देश पर नीली बत्ती लगाने का अधिकार प्रशासनिक व न्यायिक अधिकारियों के लिए वैध समझा जाता है।

नीली बत्ती से प्राचार्य का रुतबा

कस्बा खैर के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर मुकेश जैन ने नीली बत्ती का अपनी जागीर समझ लिया है। वो कॉलेज में बड़े भी रुतबे के साथ नीली बत्ती लगी कार से आते हैं। कार जब रोड पर चलती है सायरन भी बोलता है। किराये की ये कार अकसर कॉलेज परिसर में खड़ी नजर आती है।

किराये की कार पर नीली बत्ती

नोएडा निवासी कार चालक से बातचीत की गयी तो उसने बताया कि प्राचार्य ने कार को किराये पर लिया है। जिसके बाद प्राचार्य ने कार में नीली बत्ती लगवा दी। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि कॉलेज में अकसर अलग-अलग कारों से प्राचार्य आते हैं, जिन पर नीली बत्ती लगी होती है।

वीडियो-

सवालों से बचते नजर आए प्राचार्य

इस प्रकरण में जब प्राचार्य से बातचीत की गयी तो पहले तो उन्होंने कार को अपनी होने से ही मना कर दिया और बाद में सवालों के जवाब से देने से बचते नजर आए। प्राचार्य नीली बत्ती का प्रयोग अपनी भाडे की कार पर किस अधिकार से करते है, ये तो वहीं जाने, लेकिन वो जिस तरह से नीली बत्ती का दुरुपयोग कर रहे हैं वो कानून का उल्लंघन है।

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