Patrika Hindi News

मुस्लिम फोरम ने कहा- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक पर प्रतिबन्ध लगाए 

Updated: IST  triple talaq
तीन बार तलाक की प्रथा इस्लामिक विधान के अनुसार गलत है।

अलीगढ़। फोरम फॉर मुस्लिम स्टैडीज़ एण्ड एनालिसिस (एफ॰एम॰एस॰ए॰) ने भारतीय मुसलमानों मे प्रचलित तीन तलाक की प्रथा और लॉ कमीशन द्वारा समान नागरिक संहिता पर प्रश्नावली जारी किए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। फोरम का कहना है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भारतीय मुसलमानों में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाना चाहिए।

तीन तलाक इस्लाम के अनुसार गलत
मुस्लिम फोरम के निदेशक डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि भारतीय मुसलमानों में लम्बे समय से एक साथ तीन बार तलाक देने की प्रथा जारी है, जो कि इस्लामिक विधान के अनुसार गलत है। तीनों तलाक के बीच समयाविधि का अन्तर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में समान नागरिक संहिता का प्रावधान है और इसलिए लॉ कमीशन ने प्रश्नावाली जारी की है, परन्तु प्रश्नावली के अधिकतर प्रश्न केवल एक धार्मिक समुदाय को निगाह में रख कर प्रस्तुत किए गए हैं, जोकि अनुचित है।

पर्सनल लॉ बोर्ड कुरीतियों को दूर करे
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भारतीय मुस्लिम समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए। देखा यह गया है कि वह केवल तलाक अथवा सम्बन्धित विषयों पर ही आगे आता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार प्रक्रिया समाज के अन्दर से आनी चाहिए।

समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार हो
उन्होंने कहा कि लॉ कमीशन को अपनी प्रश्नावली में बदलाव करना चाहिए, ताकि मुसलमान और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड अपनी राय दे सकें। उन्होंने कहा कि इससे अधिक बेहतर यह होगा कि लॉ कमीशन समान नागरिक सांहित का मसौदा तैयार करके देश की जनता के सामने प्रस्तुत करे, ताकि उस पर सभी धार्मिक वर्गों के लोग अपनी राय दे सके।

संविधान की गरिमा का पालन कर बोर्ड
डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि मुस्लिम फोरम संविधान सम्मत प्रक्रिया और न्याय का पक्षधर है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का सम्मान करता है, परन्तु बोर्ड को देशहित में बीच का रास्ता निकालना होगा। यह तभी सम्भव है जब वह स्वयं एक ही बार में तीन तलाक को समाप्त करने के लिए आगे आए। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से अपील की वह लॉ कमीशन तथा केन्द्रीय कानून मन्त्री के साथ बैठक करके इस समस्या को हल करें और संविधान की गरिमा को कायम करें।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ?भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???