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आंगनबाड़ी वर्कर्स ने विरोध किया तेज, थाली पीट अखिलेश सरकार को जगाया

Updated: IST protest
मिले राज्यकर्मचारी का दर्जा या मिले 18 हजार मानदेय

इलाहाबाद. जनपद की महिला आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों ने चुनावी समर में अपनी मांग का पिटारा खोल दिया है। कोई हाथ में थाली लिए तो कोई सूप पीट कर सैंकड़ो कार्यकर्ताओं ने गुरूवार सपा कार्यालय में जमकर हंगामा किया। मांगे नहीं पूरी होने पर आने वाले विधानसभा चुनाव में सबक तक सिखाने की बात कह डालीं।

चुनाव का दौर हो और कर्मचारियों की मांग ना उठे। यह भला कैसे संभव होगा। बिना मांग के आज तक कोई भी चुनावी समर नहीं बिता है। 2017 विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक बार फिर से इन्होंने अपनी मांग का पिटारा खोल दिया है। पिछले कई दिनों से आगनबाड़ी की महिला कार्यकर्ता व सहायक लगातार हड़ताल कर रही हैं। वहीं उनकी मांगे सरकार ने अब तक नहीं मानी। ऐसे में इलाहाबाद जनपद की महिला आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सीधे सपा कार्यालय पर ही धावा बोल दिया। हाथ में सूप और थाली पीटते हुए महिलाएं सपा कार्यालय में जा घुसी।

इस दौरान उन्होंने तब तक आंदोलन किया जब तक सपा जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव ने उनकी बात सीएम अखिलेश तक पहुंचाने का आश्वासन नहीं दिया। मामला यहीं शांत नहीं हुआ आश्वासन मिलने के बाद महिला कार्यकर्ताओं ने सपा कार्यालय को छोड बालसन चैराहे पर घंटो नारेबाजी की। महिला आगनबाड़ी कर्मचारियों की मांग है कि इतनी महंगाई में भी आगनबाडी कार्यकर्ता को मात्र 3200 रुपये ही मिल रहे हैं।

जबकि सहायिका को 1500 रुपये दिया जा रहा है। इतनी महंगाई में 32 सौ और 15 सौ रुपये से घर नहीं चलता। ऐसे में उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए या 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। 21 साल से चाका की संजू यादव आगबाड़ी कार्यकर्ता व बेला देवी सहायिका के रूप में कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि हर बार उन्हें चुनाव के समय नियमित करने या उचित लाभ देने की बात कही जाती है लेकिन चुनाव खत्म होते ही सभी अपने वादों से मुकर जाते हैं। ऐसे में इस बार अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो कलम बंद आंदोलन होगा। सरकार चाहे तो इसके बदले हटा भी दे। लेकिन लड़ाई जारी रहेगी।

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