Patrika Hindi News

मृतक आश्रित परिवारों को योगी सरकार का बड़ा झटका, कहा नहीं देगें नौकरी 

Updated: IST Cm Yogi Government,
वर्ष 2011 से 2014 के बीच नौकरी के दौरान मरे प्रदेश के लगभग कई सौ पुलिस कर्मियों के आश्रित सरकारी नौकरी पाकर दरोगा बनने की आस लगाए बैठे हैं,

इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दो जजों के आदेश के बावजूद मृतकों के आश्रितों को उत्तर प्रदेश सरकार नौकरी नहीं देगी। सरकार के गृह विभाग हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे अपील करने की तैयारी कर रही है। अपील फाइल करने के लिए सरकारी वकील की राय ले ली गयी है। वर्ष 2011 से 2014 के बीच नौकरी के दौरान मरे प्रदेश के लगभग कई सौ पुलिस कर्मियों के आश्रित सरकारी नौकरी पाकर दरोगा बनने की आस लगाए बैठे हैं, परन्तु शासन के सुप्रीम कोर्ट जाने के निर्णय से नौकरी पाने के उनकी उन्मीदों को बड़ा झटका लगेगा।

मालूम हो कि प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने एक निर्णय लिया था कि वर्ष 2011 से 2014 के बीच नौकरी के दौरान मृत उन्हीं पुलिसकर्मियो के आश्रितों को दरोगा पदों पर नौकरी दी जाएगी, जिन्होंने 15 अक्टूबर 2014 तक मृतक आश्रित के रूप मे नौकरी के लिए आवेदन दे रखा है।

इस कट ऑफ डेट तक सैकड़ों आश्रित आवेदन नहीं कर सके। सरकार ने निर्णय लिया कि अब मृतक आश्रितों की दरोगा पद पर नियुक्ति का 19 अगस्त 2015 से नयी नियमावली आ गयी है। इस कारण जिन आश्रितों ने कट आफ डेट 15 अक्टूबर 2014 तक आवेदन नही किया था, उनकी नियुक्ति पर विचार अब नये कानून से होगा। नये कानून में दरोगा पद पर मृतक आश्रित नौकरी के लिए परीक्षा आदि कराकर भर्ती का नियम कड़ा कर दिया गया है। समय सीमा मे आवेदन न कर सके आश्रितों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि वह नये कानून आने के पहले दिए गये सभी आवेदनों पर पुराने नियम के तहत विचार कर आश्रितों को नौकरी दे।

एकल जज के इस आदेश के खिलाफ सरकार ने दो जजों के समक्ष विशेष अपील दायर की तथा कहा कि दरोगा का पद जिम्मेदारी का है इस कारण पुराने नियम मे बदलाव कर नया कानून लाया गया है, ताकि योग्य लोग ही दरोगा बन सके। शेष को सिपाही की नौकरी दी जाएगी। परन्तु हाईकोर्ट ने सरकार की दलील नही मानी और आदेश दिया कि नये कानून आने के पहले दिए गये आश्रितों के आवेदनों पर दरोगा की नौकरी पर सरकार पुराने नियमों से ही करे। सरकार कोर्ट के इस आदेश से असहमत है और इसे सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती देगी।

पीलीभीत जंगलों में रहने वाले राजभर जाति के लोगों की बेदखली पर रोक

इलाहाबाद, पीलीभीत के जंगलों में रहने वाले राजभर जाति के गिरजा सहित 18 की बेदखली पर छह हफ्ते के लिए हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है, साथ ही वन विभाग को याचियों कीशिकायत को तीन हफ्ते में निर्णीत करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने दिया है।

याचीगण का कहना है 1966 से वे वन में रह रहे है। 1975 के शासनादेश से अस्थाई रिहायसी पट्टा दिया गया है। वन घोषित होने के वर्षों बाद घर खाली करने को कहा जा रहा है। याची का कहना है कि 3.12 एकड़ जमीन प्रत्येक को मिली है। अधिकारियों का कहना है कि 6778.37 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। प्रभागीय वन अधिकारी ने जंगल खाली करने का आदेश दिया है और कहा है कि खाली नहीं करते तो बेदखल कर क्षति की वसूली कर ली जायेगी।

Read More...

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???