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इलाहाबादी अमरूद पर नोट बंदी की मार 

Updated: IST allahabadi guava
इलाहाबादी अमरूद दुनियाभर में अपने खास लाल रंग, मिठास और खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। अपने खास लाल रंगों के साथ मुंह में मिठास घोलने वाले इस अमरुद के व्यापारियों पर नोट बंदी का संकट आ खड़ा हुआ है।

इलाहाबाद.इलाहाबादी अमरूद दुनियाभर में अपने खास लाल रंग, मिठास और खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। अपने खास लाल रंगों के साथ मुंह में मिठास घोलने वाले इस अमरुद के व्यापारियों पर नोट बंदी का संकट आ खड़ा हुआ है। इसके कारण पिछले साल की तुलना में यह काफी सस्ते दाम पर बाजार में बिक रहा है।

मालूम हो कि इलाहाबादी अमरूद की कई किस्म हैं। इनमें सफेदा, लंगड़ा और सुर्खा आदि जोकि नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह से बाज़ार में आना शुरू हो जाते हैं। मार्च के शुरूआती हफ्ते तक लोगों के बीच अपनी मिठास घोलता रहता है। नवम्बर माह का अंतिम सप्ताह शुरू होते ही सुर्खा (सुर्खाब) अमरुद अपने लाल रगों से संगम नगरी में अपनी खुशबू बिखेरना शुरू कर दिया है।

इलाहाबाद के साथ देश के कोने कोने और विदेशों में भी इसकी सप्लाई शुरू हो गयी है। सुर्खा के दीवाने यहां के नेता से लेकर अधिकारी तक हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार इलाहाबादी अमरूद के दाम काफी कम हैं। इसकी मुख्य वजह प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपये की नोट बंदी।

छोटे नोट की कमी और 2000 के आये नये नोट का असर सीधे अमरूद के दाम पर पड़ा है। पत्थर गिरिजाघर स्थित अमरूद बेच रहे व्यापारी दीपक, संजय, अजय सहित अन्य व्यापारियों ने बताया कि नोट बंदी के कारण व्यापार मंदा पड़ गया है। जो सुर्खा 80 से 90 रुपये में बिक रहा था वो इस बार 40 से 50 रूपये किलो में बिक रहा है। खुल्ले पैसे नहीं होने के कारण बिक्री कम हो रही है। जो भी अमरूद खरीदने आता है।

2000 के नोट पकड़ाता है। बाजार में पैसे की कमी से भी पूरा धंधा चौपट कर दिया है। पिछली बार सुर्खा 50 रुपये किलो बेचा था। इस बार 20 रुपये किलो में बेचना मजबूरी हो गया है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि नोट बंदी के कारण अमरुद व्यापारियों का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खुसरोबाग से लेकर पत्थर गिरजाघर, मेडिकल चौराहा, एजी ऑफिस और फाफामऊ सहित विभिन्न मार्केट और संगम नगरी में विभिन्न जगहों पर फुटपाथ किनारे अमरूद की नई मंडी सजी हुई आसानी से देखी जा सकती है। इलाहाबाद जंक्शन पर यात्री तो ट्रेन रुकते ही अमरूद खरीदने दौड़ते नजर आएंगे। लोग ज्यादा से ज्यादा अमरुद की खरीदारी कर लेना चाहते हैं।

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