Patrika Hindi News

सभी कन्या विद्यालयों में शौचालय जरूरी: हाईकोर्ट

Updated: IST court
निदेशक से दस दिन में कार्ययोजना तलब

इलाहाबाद. उच्च न्यायालयने गल्र्स विद्यालयों में शौचालय न होने को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कहा कि शिक्षा विभाग सरकार से मशविरा कर बजट की व्यवस्था करे ताकि प्रदेश के हर बालिका विद्यालयों में शौचालय का निर्माण कराया जा सके।

बालिका विद्यालय में शौचालय को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डी.बी.भोसले व जस्टिस यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने कोर्ट में उपस्थित निदेशक बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया कि वह दस दिन के भीतर सरकार से व संबंधित अधिकारियों से बात कर बालिका विद्यालयों में शौचालय के निर्माण को लेकर बजट की कार्ययोजना तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत करें।

कोर्ट का कहना था कि बालिका विद्यालयों में शौचालय के बिना लड़कियों का वहां अध्ययन करना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह आदेश कन्या विद्यालय चुरखी महेवा जिला जालौन में लड़कियों के लिए शौचालय की व्यवस्था न होने को लेकर दाखिल के.पी.तिवारी की एक जनहित याचिका पर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश से कोर्ट में उपस्थित शिक्षा निदेशक ने हलफनामे के मार्फत बताया कि इस स्कूल में दो शौचालय व मूत्रालय क्रियाशील हैं। पेयजल के लिए हैण्डपम्प लगाया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक गल्र्स स्कूल में कम से कम छह शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। इस नाते कार्य योजना तैयार कर कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???