Patrika Hindi News
Bhoot desktop

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अब दरगाह में जंजीर से नहीं बांध सकेंगे मानसिक रोगियों को

Updated: IST high court
ईलाज के नाम पर मानसिक रोगियों को बनाया जाता था बंधक

इलाहाबाद. अब दरगाह में मानसिक रोगियों को जंजीर से नहीं बांधा जा सकेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। साथ ही खंड़पीठ ने दरगाहों में जंजीरों में बांधे गए मानसिक रोगियों को मुक्त करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अधिवक्ता स्मृति कार्तिकेय, चार्ली प्रकाश, केंद्र सरकार की ओर से अशोक मेहता व राज्य के अशोक पाण्डेय व रामानन्द पांडे को सुनने के बाद दिया। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवी भोसले एवं जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने जंजीरों में बंधे मानसिक रोगियो को दरगाह से मुक्त करने का आदेश दिया ।

न्यायलय ने हिम्मतगंज दरगाह कमेटी को वहां पर सीसी कैमरा 24 घंटे चलाने का आदेश देते हुए दरगाह परिसर में पुलिस ड्यूटी लगाने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि इस तरह की घटना की किसी भी हाल में अगर फिर से पुनरावृत्ति की गई तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। शुक्रवार को कोर्ट में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एवं दरगाह कमेटी के अध्यक्ष पेश हुए। जिला प्रशाशन ने अपनी रिपोर्ट पेश कर बताया कि अब कोई मरीज जंजीरों में नहीं है।
मामले में सरकार ने न्यायालय को बताया कि मजार में कैमरे इत्यादि की व्यवस्था कर दी गई है, पुलिस बाल तैनात कर दिया गया है।

भविष्य के लिए समुचित व्ययस्था कर दी गई है। राज्य सरकार के आश्वासन के आधार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण किया। सामाजिक संस्था मुहीम ने मानसिक रोगियों को मुक्त कराने के लिए जनहित याचिका दाखिल की थी।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???