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प्रत्याशी को लेकर असमंजस में भाजपा, नहीं घोषित कर पाई एक भी प्रत्याशी

Updated: IST Keshav
भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अभी तक एक भी प्रत्यासी नहीं घोषित किया जा सका है, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति साफ़ दिखाई पड़ रही है.

अम्बेडकर नगर. प्रदेश में विधान सभा चुनाव को लेकर सपा, बसपा और भाजपा पूरी तरह से चुनावी बिगुल बजा चुकी हैं | सपा और बसपा की तरफ से अधिकांश सीटों पर प्रत्यासी भी लगभग तय कर दिए गए हैं और इन पार्टियों के घोषित प्रत्याशी अपना अपना चुनाव प्रचार शुरू भी कर चुके हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अभी तक एक भी प्रत्यासी नहीं घोषित किया जा सका है, जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति साफ़ दिखाई पड़ रही है | इस पार्टी की तरफ से टिकट के दावेदारों की संख्या भी बहुत ज्यादा है | ऐसे में पार्टी आला कमान के सामने और भी संकट उत्पन्न हुए हैं |

जिले की पांच विधान सभा सीटें अकबरपुर, टांडा, जलाल पुर, कटेहरी और सुरक्षित सीट आला पुर में से किसी भी सीट के लिए प्रत्याशी का फाइनल नहीं हुआ है | जिसके कारण इन सभी सीटों पर टिकट मांगने वाले बिना प्रत्याशी घोषित हुए ही अपना-अपना प्रचार प्रसार शुरू कर चुके हैं | एक-एक विधान सभा क्षेत्र संभावित प्रत्याशियों के बैनर, पोस्टर और होर्डिंग से पटे पड़े हैं | सभी अपने आप को संभावित प्रत्याशी के तौर पर मानते हुए एक-एक गाँव का दौरा कर रहे हैं | टिकट के इन दावे दारों के संपर्क अभियान और पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी को लेकर पार्टी भी संभवतः यह नहीं समझ पा रही है कि किसको तिक्त सौंपा जाए | भाजपा के सामने सबसे बड़ी समस्या यह दिखाई पड़ रही है कि एक को टिकट मिलने के बाद बाकी को कैसे संतुष्ट किया जाए |

दूसरे दलों से आये नेता भी टिकट की लाइन में-
भारतीय जनता पार्टी में पहले से जुड़े कार्यकर्ताओं की टिकट की दावेदारी तो रही ही है | अब दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वाले भी जोर शोर से पार्टी में तिक्त मांग रहे है | इतना ही नहीं बाहर से आये लोग भी अपना-अपना प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिए हैं | दूसरे को छोड़ कर भाजपा का दामन थमने वालों में प्रमुख रूप से टांडा विधान सभा क्षेत्र से अजय कुमार उर्फ़ विशाल वर्मा, अकबरपुर विधान सभा क्षेत्र से चन्द्र प्रकाश वर्मा और जलालपुर विधान सभा क्षेत्र से सपा विधायक शेर बहादुर सिंह, जो अब भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं, के पुत्र राजेश सिंह प्रमुख हैं ये सभी लोग भाजपा के प्रमुख दावे दारों में से दिखाई पड़ रहे हैं | भाजपा में टांडा विधान सभा सीट से पहले से ही टिकट मांगने वालों में दिवंगत हिन्दू नेता रामबाबू गुप्ता की पत्नी संजू देवी, लीलावती वर्मा, अजय कुमार वर्मा, कपिल देव वर्मा, राजेन्द्र अग्रवाल उर्फ़ बबुआ समेत एक दर्जन से अधिक लोग तो पहले से लाइन में थे | इसी बीच पिछले दिनों प्रदेश नेत्रत्व के सामने बसपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने वाले पूर्व एमएलसी अजय कुमार उर्फ़ विशाल वर्मा भी टिकट की दावेदारी जता चुके हैं | विशाल वर्मा की दावेदारी के बाद से ही टांडा विधान सभा से भाजपा के टिकट के दावेदारों में खलबली मची हुई है |

इसी तरह से अकबरपुर विधान सभा सीट पर भी नगर पालिका के वर्तमान चेयरमैन और बसपा नेता चन्द्र प्रकाश वर्मा भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही इस सीट पर टिकट के प्रबल दावेदारों में से एक हो गए हैं | जलालपुर विधान सभा क्षेत्र से भी पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक और वर्तमान में भाजपा में शामिल शेर बहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह ने भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है | भाजपा में टिकट मांगने वालों के बीच ही अभी रोचक मुकाबला दिखाई पड़ रहा है |

टिकट के रार में भाजपा उठा सकती है नुकसान-

नरेंद्र मोदी के नेत्रित्व में पिछले लोकसभा चुनाव में जिस तरह की सफलता भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में मिली थी। उसको इस विधान सभा चुनाव में कायम रख पाना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और जिस तरह से टिकट मांगने वालों की संख्या यहाँ देखने को मिल रही है उससे तो यह लगता है कि आने वाले दिनों में जब भाजपा टिकट फाइनल करेगी तो जिनको टिकट नहीं मिलेगा, उनको जरूर सदमा लगेगा और फिर शायद उतने उत्साह से वे चुनाव में हिस्सा भी न ले | भाजपा की जो असल लड़ाई है वह सपा और बसपा दोनों पार्टियों से है। ऐसे में टिकट न पाने वाले अपने ही कार्यकर्ताओं को पार्टी से बांधे रख पाना भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी |

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