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Video Icon पांच सौ से अधिक गरीब बेटियों का पिता बनकर  धर्मवीर सिंह बग्गा  कर रहा है ऐसा काम

Updated: IST Dharmaveer Singh Bagga
ग्रेजुएट हुआ ये युवा पांच सौ बेटियों का है पिता, पढ़कर आप रहे जाएंगे हैरान

अम्बेडकर नगर. आधुनिकता के इस दौड़ में जब युवाओं को शिक्षा के बाद नौकरी और रोजगार की ललक होती है। साथ ही उनकी यह चाहत भी होती है कि उनका आदर्श कोई बड़ी हस्ती, फ़िल्मी कलाकार या कोई बड़ा सेलिब्रेटी हो, लेकिन अम्बेडकर नगर जिले में एक युवा व्यवसाई अपनी शिक्षा के बाद से एक ऐसा कार्य कर रहा है, जिसकी सोच और जज्बे को सलाम करने का दिल हर किसी का कहेगा।जिले का यह युवा व्यवसाई सिख समुदाय का धर्मवीर सिंह बग्गा है, जिसने अपनी स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद से समाजसेवा को ही अपना सबसे बड़ा कर्तव्य मानते हुए लोगों की सेवा करना ही अपना धर्म बना लिया है। इस कार्य के लिए समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने न तो किसी की जाति धर्म देखि और न ही कभी यह समझा कि इस समाज सेवा के लिए पैसा कहां से आएगा।

धर्मवीर सिंह बग्गा ने पिछले ग्यारह साल से सबसे पहले समाजसेवा करने के लिए सेवाहि धर्मः नाम से एक सामाजिक संस्था की शुरुआत कि और समाज में फैली सबसे गंभीर बुराई कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने के लिए वीणा उठाया। धर्मवीर ने इसके लिए प्रण किया है कि किसी भी गरीब, असहाय और बेसहारा बेटी को सिर्फ इसलिए मरने नहीं दिया जाएगा कि उसके मां बाप गरीब हैं और उनके पास शादी करने के लिए पैसा नहीं है या फिर किसी बेटी के मां-बाप नहीं है और इसलिए उस बेटी की शादी नहीं हो पा रही है। ग्यारह साल से लगातार सर्वधर्म सामूहिक विवाह का आयोजन करने यह युवा व्यवसाई बिना किसी सरकारी मदद और बिना किसी चंदे के अपने दम पर अब तक पांच सौ से अधिक बेटियों की शादी करा चुका है, जिसमें हिन्दू मुस्लिम और सिख समुदाय की बेटियां शामिल हैं। इस बार भी 7 ऐसी बेटियों का पिता बनकर सामूहिक रूप से कन्यादान किया है, जिसमें कई के मां नहीं है तो कई बेटियों के बाप नहीं हैं।

Ambedkar nagar

घरेलू उपहार के साथ सामूहिक भोज के बाद होती है बेटियों की विदाई

जिन बेटियों की शादी का जिम्मा धर्वीर उठाते हैं, यकीनन उनके मां बाप के पास इतना भी पैसा नहीं होता कि वे अपनी बेटी का हाथ पीले कर सकें। साल भर ऐसी गरीब और बेसहारा बेटियों की तलाश की जाती है और एक साथ चाहे जितनी गरीब बेटियां का रिश्ता तय हो जाता है तो उनकी शादी के आयोजन में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाती। वधू पक्ष के अलावा वर पक्ष से भी काफी लोग बारात में आते हैं और इन सारे लोगों के खाने के इंतजाम के अलावा विवाह सम्पन्न होने के बाद दाम्पत्य जीवन को सकुशल चलाने के लिए सभी आवश्यक घरेलू सामान साइकिल, बर्तन, सिलाई मशीन और अन्य जरूरी सामान उपहार में देकर विदा करते हैं। इस बार इन सात बेटियों की शादी के गवाह घराती और बाराती के अलावा सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग भी बने।

Ambedkar nagar

समाजसेवा के लिए ये काम भी करते हैं धर्मवीर सिंह बग्गा

युवा व्यवसाई धर्मवीर सिंह बग्गा तो मुख्यरूप से कपड़े के व्यवसाई हैं, लेकिन इस व्यवसाय के साथ ही पिछले कुछ सालों से उन्होंने एक पेट्रोल पम्प भी लगवाया है, जिसके बगल में ही उन्होंने एक बड़ी सी जगह खरीद कर उसे मेला गार्डन के नाम से सजाया है। इस गार्डेन में ही सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इसके अलावा अपने इसी गार्डन के बाहर उन्होंने एक खुशियों की दीवार बनाई है, जिस पर जाड़ा और गर्मी दोनों मौसम में गरीबों के लिए हमेश मुफ्त कपड़े उपलब्ध रहते हैं।

इस दीवार पर कोई भी व्यक्ति अपने घर के ऐसे कपड़े, जो उसके घर में प्रयोग न हो रहा हो, ऐसे कपड़ों को लाकर रख देता है और कोई गरीब जरूरतमंद उसे वहां से बिना संकोच के ले जा सकता है। इसके अलावा बग्गा पिछले साल से एक भोजन बैंक की शुरुआत की है, जिसमें लोग अपनी ख़ुशी अपना खाता खुलकर सहयोग कर सकते हैं और इस भोजन बैंक में कोई भी व्यक्ति बिना किसी रोक टोक को दोपहर और शाम को निःशुल्क भोजन ले सकता है।

सेवाहि धर्मः को अपने जीवन का आधार बनाने वाले बग्गा के इस नेक कार्य में उनकी पत्नी और उनके भाई के अलावा उनके तमाम मित्रगण भी अपना पूरा सहयोग करते हैं। बग्गा ने अपने जीवन को तो लोगों को समर्पित कर ही दिया है, साथ ही उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद अपने शरीर का भी दान कर दिया है। मुस्लिम त्योहारों में प्रमुख रूप से मनाये जाने वाले ईद में बग्गा हर साल जहां बड़े स्तर पर रोजा इफ्तार की दावत देकर लोगों में साम्प्रदायिक सौहार्द कायम करने का प्रयास करते हैं वहीं सावन के महीने में निकलने वाली कांवर यात्रा में भी कांवरियों की सेवा और इलाज के लिए रात दिन अपने सहयोगियों के साथ जुटे रहते हैं।

समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को शाने अवध सम्मान से किया सम्मानित

जिले के तमाम ऐसे लोग जो सामाजिक कार्यों और अन्य उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से अपने घर परिवार के साथ-साथ जिले का भी नाम रोशन किया है, उन्हें भी इस सर्वधर्म सामूहिक कार्यक्रम में शाने अवध का खिताब देकर सम्मानित किया है। जिले से इस बार चार युवाओं के आईएएस में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को भी इस सम्मन से सम्मानित करने के साथ ही अधिवक्ता समाज के महेंद्र नाथ श्रीवास्तव और दिलीप मांझी को सामाजिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।

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