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Video Icon पुलिस व ग्रामीणों से झड़प के दौरान थाना अध्यक्ष व सिपाही हुए घायल

Updated: IST Injured Police
पुलिस व ग्रामीणों से झड़प के दौरान थाना अध्यक्ष व सिपाही हुए घायल। कई दिनों से लापता युवक का शव मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।

अमेठी. पुलिस व ग्रामीणों से झड़प के दौरान थाना अध्यक्ष व सिपाही हुए घायल। कई दिनों से लापता युवक का शव मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आनन् फानन में मौके पर पहुँच कर पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेने की कोशिश की तो आक्रोश की सीमा लांघते हुए ग्रामीणों ने कानून हाथ में लेते हुए पुलिस कर्मियों से झड़प करने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को पीटना शुरु कर दिया। जिसमें फुरसतगंज के थाना अध्यक्ष और एक सिपाही गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

मामला फुरसतगंज थानाक्षेत्र के दौलत का पुरवा गाँव का है। जहाँ पर बीते माह की 24 तारीख को उसी गाँव का निवासी सुरजीत अचानक से लापता हो गया था। जिसकी सूचना परिजनों ने लगते हुए थाने फुरसतगंज में दी। जिस पर पुलिस ने केवल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। और हादसा होने का इंतजार करती रही। आज सुबह के वक्त ग्रामीणों को गाँव के बाहर स्थित कुँए से गंध आनी शुरू हुई तो उन्हें किसीके लाश होने की आशंका हुई। जिसपर ग्रामीणों ने कुँए के भीतर झाँक कर देखा तो उनके होश पख़्ता हो गए। कुँए में उन्होंने बीते महीने भर से लापता सुरजीत का शव देखा। और उनके आक्रोश का ठिकाना न रहा।

सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने जब शव को कुँए से निकलना चाहा तो ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस पर ही फूट पड़ा। मामला इस कदर बढ़ा कि ग्रामीणों ने फुरसतगंज थानाध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह व एक सिपाही की पिटाई कर दी। इस झड़प के दौरान वे दोनों पुलिस कर्मी घायल हो गए। आनन फानन में दोनों को फुरसतगंज सीएचसी ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। मौके पर पहुँचे आलाधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझा कर मामले को शांत कराया। और शव को पोस्ट मार्टम के लिये भेज दिया है। लेकिन हमारे कानून व्यवस्था को लेकर सवाल जहन में अब भी बरकरार है कि हमारी पुलिसिया तंत्र जो कि आम लोगों की मदद के लिये होती है। उसकी छवि लोगों के बीच कब सुधरेगी। पुलिस विभाग में सहयोग की भावना व मार्मिकता कब आएगी। शायद वक्त रहते पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर कुछ कदम उठाये होते तो एक जिंदगी बच जाती और ग्रामीणों को कानून हाँथ में लेने की नौबत न आती।

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