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अनदेखी: गांव नहीं जाना चाहते नेता व अफसर

Updated: IST Overlooking the village leaders and officials do n
मुख्यालय के स्कूलों में वरिष्ठ अधिकारी बांचेंगे अपने विचार

अनूपपुर. मिल बांचें मध्य प्रदेश कार्यक्रम में ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थी वरिष्ठ अधिकारियों के विचार सुनने से वंचित हो सकते हैं। दरअसल ज्यादातर अधिकारियों ने जिला मुख्यालय और आसपास स्थित स्कूलों में अपनी ड्यूटी लगवाई है। जन प्रतिनिधि भी सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं जाना चाह रहे हैं। बताया जाता है कि 18 फरवरी को जिले में उन्हीं प्रेरणात्मक कार्ययोजना में आयोजित होने वाली 'मिल बांचे म.प्र. कार्यक्रमÓ का लाभ जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल के स्कूली बच्चों को नहीं मिल पाएगा। इसका मुख्य कारण कार्ययोजना मेंं अपनी प्रेरणात्मक भावनाओं को पैदा करने वाले अधिकांश वरिष्ठ अधिकारियों ने गांवों के स्कूलों से दूरी बना ली है। हर वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित स्कूलों को अपनाकर उसे प्रेरित करने की जिम्मेदारी ली है। इनमें सम्भाग के कमिश्नर सहित जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं, लेकिन आश्चर्य जिन्हें प्रेरित करने की आवश्यकता है उन्हें ही दरकिनार कर दिया गया है।
बताया जाता है कि अनूपपुर जिले के 1552 प्राथमिक और माध्यमिक शासकीय विद्यालयों में आगामी 18 फरवरी को राज्य शिक्षा केन्द्र संचालक द्वारा मिल बांचे मप्र. कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
जिसमें विद्यालयीन शिक्षा जीवन में सफलता की नींव को केन्द्रित कर शिक्षा में भाषा ज्ञान सहजता से प्राप्त हो और बच्चे आसानी से अपनी बातों एवं भावनों को अभिव्यक्त कर सके। साथ ही पढऩे के प्रति रूचि और समझ विकसित हो, इसके लिए कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शासकीय सेवक, शासकीय सेवा निवृत्त अधिकारी कर्मचारी, निजी क्षेत्र में कार्यरत पेशेवर व्यक्ति, विद्यालय के पूर्व छात्र, एनसीसी, स्काउट-गाइड, पंजीकृत प्रेरक, पालक-अभिवावक, उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थी एवं प्रबुद्धजनों अपनी उपस्थिति देकर अपने अनुभवों को बच्चों एवं शिक्षकों के बीच संवाद कर प्रोत्साहित करेगें तथा बच्चों के सर्वागींण विकास के लिए उन्हें प्रेरित भी करेगें।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को कोई एक छोटी कहानी सुनाई जाएगी। जो किसी महापुरूष के प्रेरक प्रसंग से जुडी होगी। या स्वयं के अनुभवों एवं जीवन में सफल होने के लिए पढऩा क्यो आवश्यक है? पर केन्द्रित होगी। साथ ही बच्चों से जुडे परिवेश और पहेलियों का उपयोग उन्हें वर्तमान में भविष्य में अंतर समझाने का प्रयास होगा। जबकि मिल बाचें कार्यक्रम में शासकीय सेवक जिन स्कूलों में जाएंगें वहां उस विद्यालय द्वारा प्रतिभा पर्व में मूलभूत दक्षताओं पर आधारित मूल्याकंन शाला में उपलब्ध जानकारी का सत्यापन करेगें तथा बच्चों का वास्तविक स्तर अभिलेख से मिलान करेंगे।
सर्व शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के 1552 स्कूलों के लिए जिलेभर से लगभग 1776 लोगोंं का पंजीयन हुआ। जिसमें शासकीय सेवकों की संख्या मात्र 10 फीसदी है जबकि निजी सेक्टर, पत्रकार, एनजीओ से जुड़े लोग, व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगभग 90 फसदी लोग शामिल हुए। यहां भी शासकीय सेवकों ने अपनी उपस्थिति से परहेज किया।

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