Asaram ashram skips rent for 10 years, Delhi govt slaps notice

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10 साल से नहीं चुकाया टैक्स, थमाया नोटिस

Asaram ashram skips rent for 10 years, Delhi govt slaps notice

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Asaram ashram skips rent for 10 years, Delhi govt slaps notice
9/7/2013 11:40:00 AM
Asaram ashram skips rent for 10 years, Delhi govt slaps notice
Asaram ashram skips rent for 10 years, Delhi govt slaps notice

नई दिल्ली/जोधपुर। नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में जोधपुर की जेल में बद आसाराम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनके देशभर में स्थित कई आश्रमों, जमीनों और ट्रस्ट के अंतर्गत चल रही गतिविधियों पर केंद्रीय, राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन अपने स्थर पर गहनता से जुट गया है।

गुजरात सरकार द्वारा सूरत स्थित उनके आश्रम को 18.3 करोड़ टैक्स बकाया का नोटिस थमाने के बाद अब दिल्ली सरकार ने भी उन्हें पिछले दस साल से शहर के बीचों-बीच स्थित अपने आश्रम का प्रोपर्टी टैक्स नहीं चुकाने के चलते नोटिस थमाया है।

उत्तर दिल्ली नगर निगम ने गुरूवार को रिज रोड़ स्थित आश्रम को बकाया टैक्स का नोटिस भेजा है। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि हमारे रिकॉर्डस के मुताबिक, आसाराम ने 2004-05 से लेकर 2013-14 तक का प्रोपर्टी टैक्स नहीं चुकाया है।

अधिकारी ने बताया कि ब्याज और जुर्माने को छोड़कर सालाना टैक्स करीब 70 हजार रूपए बैठता है। हालांकि, बकाया राशि इससे ज्यादा हो सकती है क्योंकि आश्रम से फूल, मोमबत्ति और अगरबत्ति जैसी चीजें बेचने के कारण वह वाणिज्यिक क्षेणी में आता है।

तीन एकड़ जमीन पर फैले आश्रम को चलाने वाले आसाराम बापू ट्रस्ट के पास नोटिस का जवाब देने के लिए 12 सितंबर तक का समय है। माना जा रहा है कि आसाराम के पास दुनियाभर में 450 आश्रम हैं। इनमें से अधिकतर गलत तरीके से जमीन हथियाकर बनाए गए हैं।

दिल्ली आश्रम इससे पहले भी विवादों में रह चुका है। वर्ष 1985 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर रिज रोड़ पर बने सभी अवैध निर्माणों को तोड़नी की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने कड़ी शर्तो के साथ आश्रम को चलाने की इजाजत दे दी थी।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार से पहले गुजरात सरकार भी आसाराम को 18.3 करोड़ किराए का नोटिस थमा चुकी है। राज्य सरकार का कहना है कि सूरत के जहांगीरपुरा स्थित आश्रम ने 34 हजार स्कावयर मीटर सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है।

गुजरात सरकार ने सिर्फ सूरत स्थित आश्रम को ही नोटिस नहीं थमाया है। सरकार को शिकायतें मिली हैं कि राज्य भर में आसाराम के आश्रमों ने अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा कर रखा है। इसलिए, सभी जिलों के कलेक्टरों को इन शिकायतों की जांच करने के आदेश दिए हैं।


आसाराम पर कसा एक और शिकंजा, अधिकारियों ने घेरा आश्रम, कार्रवाई शुरू

इंदौर। नाबालिग के साथ यौन शोषण के मामले में जेल की हवा खा रहे आसाराम के आश्रम पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह अफसरों का दल लीज पर दी गई जमीन की नपती करने पहुंचा।

आसाराम बापू को गुरूकुल आश्रम के लिए सरकार ने लिंबोदी और बिलावली गांव में जमीनें एक रूपए लीज पर दी थीं। बापू ने सरकार से मिली जमीन के अलावा अन्य कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत करीब आठ साल पहले जिला प्रशासन को की गई थी जिसमें यह भी बताया गया कि आश्रम की आड़ में आसाराम सरकार को चूना लगाने का काम भी कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अब जब आसाराम युवती के साथ हरकत करने में उलझे और जेल की हवा खा रहे हैं तो प्रशासन जाग गया है। कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने एसडीओ विजय अग्रवाल, तहसीलदार पूर्णिमा सिंगी और एसएलआर राकेश शर्मा का संयुक्त दल बनाया और जांच का जिम्मा सौंपा। यह दल आरआई व पटवारियों को लेकर आज मौके पर पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक जांच जारी थी।


आसाराम संत नहीं, चरित्र ही ऎसा : बाबू लाल

इंदौर। अपने बड़बोलेपन के लिए हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर ने इस बार आसाराम पर हमला बोला। उन्होंने दुष्कर्म के कथित आरोपी आसाराम को संत ही मानने से इनकार कर दिया। आसाराम पर निशाना साधते हुए गौर ने सरकार के ही दूसरे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को आईना दिखा दिया।

गौर ने कहा, आसाराम किसी हालत में संत नहीं हैं। वे महज एक प्रवचनकार है, जिनका ऎसा ही चरित्र होता है। उनके इस बयान ने विजयवर्गीय के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं जो आसाराम के बचाव में लगेे हुए थे।

शुक्रवार को इंदौर प्रवास पर आए गौर से जब पूछा गया कि क्या भाजपा आसाराम का बचाव कर रही है, तो उन्होंने कहा, कोई बचाव नहीं कर रहा। जब गौर यह बात कह रहे थे, तब वहां मौजूद विजयवर्गीय के खास पार्षद चंदू शिंदे का चेहरा देखने लायक था।

आपको याद दिला दें कि, जब आसाराम की गिरफ्तारी की कवायद चल रही थी, तब शिंदे ने भी यह कहते हुए आश्रम में दस्तक दी थी कि आसाराम को फंसाया जा रहा है। उस समय शिंदे के साथ भाजपा विधायक रमेश मेंदोला भी साथ में थे। रमेश मेंदोला भाजपा में कैलाश के सबसे नजदीकी माने जाते हैं।

मंत्री के खिलाफ पर्चा

इस बीच, शहर में एक पर्चा चर्चा का विषय बना, जिसमें मंत्री विजयवर्गीय पर आसाराम का बचाव करने पर अंगुली उठाई है। साथ में मंत्री की करतूतों का भी खुलासा है। परचे में कहा गया है कि अगर विजयवर्गीय ऎसे लोगों का बचाव कर रहे हैं, तो हमसे वोट मांगने क्यों आते हैं?


बाप के बाद बेटे पर भी लगे आरोप, धोखे से करवाई थी शादी

आसाराम के बाद अब उनके बेटे नारायण साई के खिलाफ इंदौर में परिवाद दायर हुआ है। एक महिला ने नारायण साई पर अपने भक्त से धोखे से उसकी शादी करवाने का आरोप लगाया है। महिला के वकील एमए शेख ने बताया, नारायण साई ने 2004 में पीडिता की शादी अपने भक्त ईश्वर वाधवानी से यह कहकर करवाई थी, वह तलाकशुदा है, बाद में पीडिता को पता चला वह शादीशुदा है।


मैं एक ही बापू को जानता हूं : थरूर

आसाराम के यौन उत्पीड़न के मामले में उलझने और उनके द्वारा सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोप के मामले में केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास राज्य मंत्री थुरूर ने इंदौर प्रवास के दौरान कहा कि हमारे तो एक ही बापू हैं और वे हैं महात्मा गांधी। आसाराम बापू को मैं नहीं जानता। वे जो भी आरोप लगा रहे हैं, ऎसे आरोप तो राजनीति में लगते ही रहते हैं। खुद को बचाने के लिए कोई भी आरोप लगा सकता है।

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