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मैदान में लग रहा प्राइमरी स्कूल

Updated: IST Ashok nagar
बिल्डिंग के तीन कमरे हुए खंडहर, हायर सेकेंडरी व प्राईमरी का एक ही समय करने पर आ रही समस्या, दो कमरों में लग रही हैं हायर सेकेंडरी की छह कक्षाएं

अशोकनगर. ग्राम रांवसर में प्राइमरी स्कूल के बच्चे मैदान में कुत्तों व मवेशियों के बीच बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यहीं से गांव का मुख्य रास्ता भी गया है। वहीं हायर सेकेंडरी की छह कक्षाएं मात्र दो कमरों में संचालित हो रही हैं।

ग्राम रांवसर में मिडिल स्कूल की बिल्डिंग अलग है और प्राथमिक व हायर सेकेंडरी स्कूल एक साथ ही एक ही भवन में लग रहे हैं। पत्रिका टीम गुरुवार को जब ग्राम रांवसर पहुंची तो मैदान में शिक्षक बच्चों को बैठाकर पढ़ा रहे थे।कक्षा 1, 3 व 5 सड़क किनारे लग रही थीं। बच्चों को शिक्षकों ने अलग-अलग दिशाओं में मुंह कर बैठा रखा था। अधिकांश बच्चों को ध्यान आसपास होने वाली गतिविधियों पर था। जब भी कोई वाहन या अन्य कोई वहां से निकलता बच्चों की नजरें अनायास ही उस ओर उठ जाती हैं। ऐसे में बच्चों का ध्यान पढ़ाई में कम और आसपास ज्यादा था। शिक्षक भी अपने आपको एकाग्र नहीं कर पा रहे थे।यानी अध्यापन और अध्ययन दोनों ही कार्य प्रभावित हो रहे थे।

प्राइमरी स्कूल के पास तीन कमरे हैं। जिनमें से एक को इंजीनियर अनुपयोगी करार दे दिया है। ग्राम पंचायत में भी इसका उपयोग न करने का प्रस्ताव डल चुका है। इसकी छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और कभी भी गिर सकती है। इसके कारण केवल दो कमरे ही उनके पास बचे हैं। जबकि स्कूल में बच्चों की कुल संख्या 164 हैं। जिसके कारण एक कमरे में दूसरी व एक कमरें में चौथी कक्षा लगाई जाती। शेष कक्षाएं मैदान में लग रही हैं। स्कूल को अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है।

स्कूल के दो कमरों में हायर सेकेंडरी 11वीं व 12वीं की कक्षाएं लग रही हैं। जिनके जीव विज्ञान, गणित व कला संकाय के बच्चों की कक्षाएं एक साथ लगाई जा रही हैं। एक कमरे में 11वीं की और एक कमरें में 12वीं की कक्षा लग रही है। यहां भी तीनों विषयों के शिक्षक बच्चों का अलग-अलग दिशाओं में बैठाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

पहले प्राइमरी स्कूल का समय सुबह 12.00 से 05.00 बजे तक और हायर सेकेंडरी का समय 07.00 से 12.00 बजे तक था। जिससे दोनों स्कूल आराम से संचालित हो रहे थे।लेकिन कुछ दिन पहले ही अधिकारियों के निर्देश पर स्कूलों का समय 10.30 बजे से 04.30 बजे कर दिया गया है। जिससे दोनों स्कूल एक ही समय पर लग रहे हैं और समस्या खड़ी हो गई है।

9वीं व 10वीं की कक्षाएं हायर सेकेन्डरी के नव निर्मित भवन में लग रही हैं।जो पूरानी बिल्डिंग से करीब दो किमी दूर है।यहां से शिक्षक पीरियड लेने के लिए बाइक से पुरानी बिल्डिंग तक जाते हैं और वहां के शिक्षक यहां आते हैं। इसके साथ ही यहां पानी की व्यवस्था भी नहीं है, जिसके कारण घर से पानी लाना पड़ता है और उसके खत्म होने पर प्यासे ही रहना पड़ता है।

केवल शिक्षकों के बाइक से पीरियड लेना ही नहीं यहां पूरी व्यवस्था ही हौचपौच है। प्राथमिक स्कूल के पास शौचालय न होने से शिक्षक व बच्चे खुले में ही लघुशंका के लिए जा रहे हैं। हायर सेकेंडरी के शौचालय व अतिरिक्त कक्ष मिडिल स्कूल की बाउंड्री के अंदर हैं। शौचालय का उपयोग तो बच्चों और शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन हायर सेकेंडरी की नई बिल्डिंग के शौचालय पानी न होने से ये अनुयोगी हैं और लघुशंका के लिए स्टाफ व बच्चे खुले में जा रहे हैं।

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