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चार झोला छापों के क्लीनिक सील्ड, कार्रवाई देख क्लीनिक छोड़ भागे डाक्टर

Updated: IST Ashok nagar
पत्रिका की खबर के बाद हरकत में आया प्रशासन, आगे भी होगी कार्रवाई

ईसागढ़/नईसराय. झोलाछाप डाक्टरों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। बुधवार को नईसराय कस्बे में संचालित 4 निजी क्लीनिकों को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सील्ड कर दिया। कार्रवाई की खबर लगते ही कई डाक्टर क्लीनिकों में ताला डालकर भाग गए। हालांकि, अधिकारियों ने बंद क्लीनिकों में भी अपना ताला डालकर शील्ड कर दिया।

खासबात यह है कि कस्बे में संचालित किसी भी क्लीनिक का रजिस्टेशन स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। बावजूद इसके झोलाछाप धड़ल्ले से एलोपैथी का इलाज कर रहे हैं। ढाकोनी गांव में संचालित एक निजी चिकित्सक के इलाज के बाद हुई एक वर्षीय बच्ची की मौत के बाद पत्रिका ने झोलाछाप डाक्टरों पर नहीं हो रही है कार्रवाई शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद बुधवार को प्रशासन ने नईसराय में कार्रवाई की। ईसागढ़ ब्लॉक में आधा सैंकड़ा से भी ज्यादा निजी क्लीनिक विभिन्न स्थानों पर संचालित हो रही हैं। जानकारी के अनुसार निजी क्लीनिक संचालकों पर एलोपैथिक इलाज की कोई डिग्री और डिप्लोमा नहीं होने के बाद भी उक्त झोलाछाप धड़ल्ले से मरीजों का उपचार कर उनकी जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यही नहीं इन झोलाछाप डाक्टरों के इलाज से कई मरीजों की तो मौत तक हो चुकी है। ताजा उदाहरण ढाकोनी गांव में संचालित एक निजी क्लीनिक का ही लिया जाए। यहां पर बीती 3 अक्टूबर को इलाज के लिए आई एक साल की बच्ची रिषिका की मौत डाक्टर द्वारा इलाज करने के बाद हो गई। इस पर ईसागढ़ पुलिस ने जांच के बाद आरोपी डाक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है।

बुधवार दोपहर एसडीएम जेपी गुप्ता, सीएमएचओ डा. रामवीर सिंह, नईसराय के प्रभारी तहसीलदार नन्हें सिंह कुशवाह ने नईसराय में संचालित निजी क्लीनिकों पर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले अमला निचला बाजार स्थित महेश भैंसारे की क्लीनिक पर पहुंचा और क्लीनिक को शील्ड किया। इसके बाद क्रोजर दवाखाना, बघेल क्लीनिक और कुशवाह क्लीनिक को शील्ड किया। कार्रवाई की खबर लगते ही ज्यादातर डाक्टर अपनी दुकानें बंद कर भाग गए। इस पर एसडीएम प्रभारी तहसीलदार को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान एक मेडीकल स्टोर पर दवाईयों का स्टॉक रजिस्टर नहीं था। इसलिए मेडीकल स्टोर का भी पंचनामा बनाया गया।

निजी क्लीनिकों पर की गई कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने एसडीएम से मिलकर सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का निवेदन किया। लोगों ने बताया कि कोई भी मरीज नहीं चाहता कि वह निजी डाक्टरों के यहां इलाज कराए। लेकिन सरकारी अस्पताल में इलाज की सुविधाएं ही नहीं हैं। इसलिए उन्हें निजी डाक्टरों के यहां उपचार कराना पड़ता है। इस पर एसडीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए भी जल्द कार्रवाई किए जाने की बात कही।

नईसराय में दर्जन भर से भी ज्यादा निजी क्लीनिक संचालित हैं। लेकिन एक भी क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन जिला स्तर पर नहीं है। साथ ही जांच के दौरान किसी भी क्लीनिक पर वैध दस्तावेज नहीं मिले। चार क्लीनिकों को हमने शील्ड कर दिया है। जो भी क्लीनिक संचालक अपनी दुकानें बंद कर भाग गए हैं। उन पर कार्रवाई के लिए प्रभारी तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। ईसागढ़ और कदवाया क्षेत्र में भी निजी क्लीनिकों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। - जेपी गुप्ता एसडीएम ईसागढ़

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