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चीनी लड़ाकू विमानों ने अमरीकी वायुसेना के विमान को रोका

Updated: IST Us-china air conflict
चीन के दो एसयू-30 लड़ाकू विमानों ने हाल ही में पूर्वी चीन सागर के ऊपर अमरीकी वायुसेना के एक विमान को रोक दिया। बताया जाता है कि यह अमरीकी विमान विकिरण का पता लगाने निकला था।

वॉशिंगटन/बीजिंग. चीन के दो एसयू-30 लड़ाकू विमानों ने हाल ही में पूर्वी चीन सागर के ऊपर अमरीकी वायुसेना के एक विमान को रोक दिया। बताया जाता है कि यह अमरीकी विमान विकिरण का पता लगाने निकला था। अमरीका के एक अधिकारी ने मीडिया से गुरुवार को बताया कि चीनी विमान अमरीकी वायुसेना के डब्ल्यूसी-135 विमान से 150 फुट दूर रह गए थे और उनमें से एक एसयू-30 ने अमरीकी विमान के मार्ग में बाधा पैदा किया।

अमरीकी सेना ने घटना को बताया गैरपेशेवर
वायुसेना के लेफ्टिनेंट कर्नल होज ने एक बयान में कहा कि डब्ल्यूसी-135 विमान के चालकों ने बुधवार की इस घटना को गैरपेशेवर करार दिया है। उन्होंने कहा, "हम अभी इस घटना की जांच कर रहे हैं। अमेरिकी विमान चालकों से मिली प्रांरभिक रपटों में इस घटना को गैरपेशेवर करार दिया गया है। इस मुद्दे को चीन के साथ राजनयिक और सैन्य माध्यम से निपट जा रहा है। मीडिया की रपट के अनुसार, घटना के दौरान चार इंजन वाला डब्ल्यूसी-135 (कॉन्स्टैंट फोनिक्स) विमान किसी परमाणु परीक्षण से निकले किसी प्रकार के विकिरण का पता लगाता है।

दक्षिण चीन सागर के आचार संहिता मसौदे को मंजूरी
चीन और दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) ने दक्षिण चीन सागर के बहुपक्षीय आचार संहिता मसौदे को मंजूरी दे दी है। चीन के गुइयांग में दो दिवसीय बैठकों के बाद चीन और 10 एशियाई देशों (बर्मा, ब्रुनेई, कंबोडिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम) के प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार को इस मसौदा समझौते पर सहमति बनी। विदेश मामलों के उपमंत्री लिउ झेनमिन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मसौदे में अगले दौर की चर्चा का मार्ग प्रशस्त किया गया है। खबरों के मुताबिक, आसियान ने अप्रैल में दक्षिण चीन सागर विवादों को दूर करने के लिए आचार संहिता को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई थी।

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