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पनामागेट : शरीफ के बेटे के वकील ने दस्तावेज को 'फर्जी' करार दिया

Updated: IST nawaz sharif
सन् 1990 में देश का प्रधानमंत्री रहते हुए नवाज शरीफ पर अवैध तरीके से लंदन में संपत्ति खरीदने का मामला दर्ज किया गया है, जिसकी सुनवाई बुधवार को दोबारा शुरू हुई

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटे के वकील ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज जमा करते हुए जोर दिया कि लंदन की संपत्ति उनके परिवार की नहीं है। लीक किया गया दस्तावेज फर्जी है। शरीफ के सबसे बड़े बेटे हुसैन नवाज के वकील सलमान अकरम रजा ने अदालत से कहा, ऐसा लगता है कि मोसाक फोंसेका (पनामा पेपर) ने जो दस्तावेज लीक किया है, उसे धोखाधड़ी से तैयार किया गया है।

सन् 1990 में देश का प्रधानमंत्री रहते हुए नवाज शरीफ पर अवैध तरीके से लंदन में संपत्ति खरीदने का मामला दर्ज किया गया है, जिसकी सुनवाई बुधवार को दोबारा शुरू हुई। इस संपत्ति का खुलासा तब हुआ, जब लीक पनामा पेपर्स में कहा गया कि शरीफ के बेटों की विदेशों में स्थित कंपनियों के माध्यम से पैसे को इधर से उधर कर लंदन में संपत्ति खरीदी गई। डॉन न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकरम रजा ने संपत्ति के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज न्यायालय को सौंपे।

सुुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय खंडपीठ ने पूछा, वह असली दस्तावेज कहां है, जिसमें पता चलता है कि लंदन स्थित चार फ्लैटों के मालिक हुसैन नवाज हैं? खंडपीठ ने रजा से यह भी कहा कि वह उन प्रासंगिक दस्तावेजों को पेश करें, जिससे खुलासा होता है कि मिनर्वा फाइनेंशियल सर्विसेज को भुगतान किसने किया।

रजा ने कोर्ट को जो दस्वावेज सौंपे हैं, उनमें कथित तौर पर मिनर्वा सर्विसेज द्वारा दो कंपनियों-निलसेन इंटप्राइजेज लिमिटेड तथा नेसकॉल लिमिटेड को दी गई सेवाओं का खुलासा होता है। लंदन के पार्क लेन स्थित फ्लैटों के मालिकाना हक से संबंधित दस्तावेज भी न्यायालय के समक्ष पेश किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायालय को सौंपे गए दस्तावेज में फ्लैटों के मालिकाना हक का पता नहीं चलता है। दस्तावेज से यह बात भी सामने आती है कि फ्लैटों के लिए भुगतान बार्कले बैंक के माध्यम से मिनर्वा कंपनी ने किया, जिसे एरिना कंपनी ने पैसे दिए।

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