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CISF जवान ने 32 गोलियां मार कर 4 साथियों को उतारा मौत के घाट

Updated: IST gun fire
बलबीर ने बताया कि यह सब कैसे हो गया, अब मैं खुद नहीं समझ पा रहा। साथियों को गोली मारने का इरादा नहीं था। अचानक सबकुछ हो गया।

औरंगाबाद। जिले में एक सीआइएसएफ के जवान ने अपने चार साथियों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी और वह डिप्रेशन का शिकार था इसीलिए उसने ऐसा किया। जानकारी के अनुसार इंसास रायफल से 32 गोलियां चलाकर अपने चार साथियों को मार दिया।

सीआइएसएफ का जवान बलवीर चार दिन से सोया नहीं था। वह तनाव में रहता था। भाई की मौत के बाद तनाव शुरू हुआ। गुरुवार को उसका यही तनाव साथियों पर भारी पड़ा। बलवीर दिल्ली के मैक्स अस्पताल में डिप्रेशन का इलाज करा रहा था।

घटना के अगले दिन पूछताछ में बलवीर ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कैसे ऐसा हो गया। इस बीच साथियों के भद्दे मजाक से उसे गुस्सा आ गया। कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को बलवीर को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस पूछताछ में शुक्रवार को बलवीर ने कहा कि भाई शेर सिंह की मौत के बाद वह ड्रिपेशन में था। वह अपना इलाज दिल्ली के मैक्स अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक से करा रहा था। 27 नवंबर को दिल्ली से इलाज कराकर औरंगाबाद ड्यूटी पर लौटा था।

वह 11 नवंबर 2014 से नवीनगर बिजली परियोजना में कार्यरत है। उसकी की दिल्ली के दादरी में अंबे क्लॉथ हाउस के नाम से कपड़े की दुकान है। वर्तमान में छोटा भाई विनोद दुकान चलाता है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के पिसावा थाना के रावपुर गांव स्थित घर में उसकी मां सरोज देवी के साथ पत्नी विमलेश देवी, पुत्र विशाल सिंह व सागर सिंह रहते हैं।

योग प्रशिक्षण के बाद बिगड़ गई थी तबीयत

इसी साल 10 से 31 अक्टूबर तक वह योग की ट्रेनिंग के लिए राजस्थान गया था। वहां बीमार पड़ गया और दिल्ली के मैक्स में इलाज हुआ। छुट्टी के सवाल पर कहा कि मैं कुछ ही दिन पहले घर से आया था। मैंने अपने अधिकारियों से छुट्टी नहीं मांगी थी।

जवानों के शव भेजे गए गांव

एनपीजीसी बिजली परियोजना परिसर स्थित सीआइएसएफ कैंप में शुक्रवार को चारों जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद शव गांव भेजे गए। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी अरविंद कुमार का शव पटना से हवाई जहाज से भेजा गया। दरभंगा के एएन मिश्र, पटना के बच्चा शर्मा और झारखंड के गढ़वा के गौरीशंकर राम का शव सड़क मार्ग से गांव भेजा गया।

एडीजी पहुंचे जांच को

शुक्रवार को हत्याकांड की जांच करने सीआइएसएफ के एडीजी राकेश मिश्रा पहुंचे। एडीजी के साथ सीआइएसएफ के आइजी अनिल कुमार, डीआइजी महेश्वर दयाल, सत्येंद्र नाथ ङ्क्षसह एवं एसपी डॉ. सत्यप्रकाश मौजूद रहे।

यह सब कैसे हो गया मुझे भी पता नहीं

बलवीर ने कहा कि गुरुवार को सबकुछ सामान्य था। वह खाना खाकर आराम करने के मूड में था। तभी उसके साथी मजाक करने लगे। उसने सभी को मना किया, लेकिन वे नहीं माने। अंत में उसने फायङ्क्षरग शुरू कर दी। जो सामने आया, उसे गोली मार दी। बलबीर ने बताया कि यह सब कैसे हो गया, अब मैं खुद नहीं समझ पा रहा। साथियों को गोली मारने का इरादा नहीं था। अचानक सबकुछ हो गया।

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