Patrika Hindi News

> > > > Government not provide facility to Queen Huh Smarak in Ayodhya

UP Election 2017

Photo Icon बदहाल है रानी हो का स्मारक, कैसे मज़बूत होंगे भारत और कोरिया के रिश्ते

Updated: IST ayodhya
1 दिसंबर कि सुबह 8:00 बजे कोरिया से मेहमानों का एक विशेष दल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या पहुंचेगा जहां पर सरयू तट के किनारे स्थित रानी हो के स्मारक पर जाकर कोरियन अतिथि रानी हो को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे ।

अयोध्या। 1 दिसंबर कि सुबह 8:00 बजे कोरिया से मेहमानों का एक विशेष दल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या पहुंचेगा जहां पर सरयू तट के किनारे स्थित रानी हो के स्मारक पर जाकर कोरियन अतिथि रानी हो को श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। कोरिया से आने वाले डेलीगेशन का यह पूरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित है और हर वर्ष अयोध्या और कोरिया के प्राचीन रिश्तों को मजबूती देने के लिए ये प्रतिनिधिमंडल अयोध्या आता है लेकिन आज हम आपको वह तस्वीर भी दिखा रहे हैं जो सच है भले ही कोरियन डेलीगेशन के आने पर इस पार्क को 1 दिन के लिए सजाकर खूबसूरत बना दिया जाता हो लेकिन बाकी साल के 364 दिन इस पार्क के हालात कैसे रहते हैं, यह आपको तस्वीरें बयां करेंगी।

ayodhya

पूरे साल पार्क के गेट पर लगा रहता है ताला

अयोध्या के पवित्र सरयू तट के किनारे बने रानी हो के इस स्मारक में ताला लगा रहने के कारण आम नगरवासी इस स्मारक में नहीं जाते हैं। वहीं उचित रख रखाव ना होने के कारण पार्क में लगे पेड़ पौधे उजड़े हुए से नजर आ रहे हैं। इस बार भी कोरियन मेहमानों के आने में सिर्फ 2 दिन का समय शेष है लेकिन पार्क की हालत क्या है यह आपको तस्वीरें बयान कर रही हैं। अगर इस पार को अच्छे ढंग से सजाया संवारा जाए तो अयोध्या में पर्यटन की दृष्टि से आम श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों के लिए यह एक बेहतर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। लेकिन तमाम वादे और घोषणा के बाद भी यह पार्क बदहाल हालत में है।

ayodhya

कोरियन मेहमानों के आने पर केंद्र और राज्य की सरकारें बनाती हैं बड़ी-बड़ी योजनाएं

जब-जब कोरिया से डेलीगेशन आता है तो भारत सरकार और प्रदेश सरकार तमाम योजनाएं तो बनाते हैं लेकिन इन योजनाओं पर तब तक ही चर्चा होती है जबतक कोरियन डेलीगेशन भारत में होता है। उनके जाने के बाद सारी योजनाएं फाइलों में दबकर रह जाती है। यही वजह है की अयोध्या में रानी हो के नाम से बनने वाले विशालकाय स्मारक की योजना भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। बताया जाता है की अयोध्या की रानी हो नौका यात्रा कर कोरिया पहुंच गई थी जहां कोरिया के राजकुमार से उन्होंने शादी कर ली तब से अयोध्या और कोरिया के बीच एक मधुर संबंध कायम हो गया और इन्हीं संबंधों पर आधारित एक कार्यक्रम में शामिल होने हर वर्ष कोरियाई डेलीगेशन अयोध्या पहुंचता है। इस वर्ष भी ये डेलीगेशन 1 दिसंबर को धार्मिक नगरी अयोध्या पहुंचेगा।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???