Patrika Hindi News

आजमगढ़ के 79409 किसानों का 293.230 लाख रूपये ऋण होगा माफ

Updated: IST  Farmer
मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों की लापरवाही को लेकर जताई नाराजगी

आजमगढ़. फसल ऋण मोचन योजना के तहत जिले में कुल 79409 किसानों का रूपये 293.230 लाख ऋण माफ करने का लक्ष्य है। जिसके लिए जिले के समस्त बैंकों को फसल ऋण लिए किसानों के खातों को फीड करने के लिए शासन की तरफ से फरमान आया था, लेकिन बैंको की लापरवाही के कारण जिले के 5 बैंक की शाखाओं ने किसानों के खातों को फीड करना तो दूर उन्हें लॉगिन तक नही किया।

बैंकों की इस लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के अन्दर लम्बित रहने वाले लाॅगिन के बैंक शाखा प्रबन्धकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जायेगा। सोमवार को कृषि विभाग एवं बैंकों के जिला समन्वयकों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि फसल ऋण मोचन योजना के तहत जिले की 74 बैंक शाखाओं द्वारा लाॅगिन नही की गयी। जिस पर उन्होने नाराजगी जताई तथा चेतावनी दी कि मंगलवार को 12.00 बजे तक लम्बित रहने वाले लाॅगिन के बैंक शाखा प्रबन्धकों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति भेज दी जायेगी।

यह भी पढ़ें:

कानून व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए बड़ा फैसला, बदले गये कई पुलिस अधिकारी, देखें लिस्ट

उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को ही समस्त बैंक शाखाओं को लाॅगिन उपलब्ध करा दिया गया था परन्तु अभी तक 74 शाखाओं द्वारा इसे न खोला जाना घोर लापरवाही दिखाता है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 79409 किसानों का रूपये 293.230 लाख ऋण माफ करने का लक्ष्य है। इसमें सर्वाधिक 34589 यूनियन बैंक, 22424 काशी गोमती ग्रामीण संयुक्त बैंक, 7963 एसबीआई, 0624 पीएनबी, 5472 इलाहाबाद बैंक 5472, बैंक आॅफ बड़ौदा 1565 तथा शेष अन्य बैंकों का है।

एलडीएम मनोज कुमार ने बताया कि 7854 किसानो का खाता विभिन्न बैंकों द्वारा फीड कर लिया गया है। इस कार्य को 22 जुलाई तक पूरा करना है। सभी बैंक इसको समय से पूरा करें ताकि शासन को रिपोर्ट समय से भेजी जा सकें। बैठक में उप निदेशक कृषि डा0 आरके मौर्या, जिला कृषि अधिकारी डा0 उमेश गुप्ता तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???