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पैसे के लिए हर तरफ मचा हाहाकार, कर्मचारियों ने कहा पल-पल बढ़ती जा रही हैं हमारी मुश्किलें 

Updated: IST money crisis
कर्मचारियों ने की मां कहा- हमारे लिए सरकार कर अलग से व्‍यवस्‍था

आजमगढ़. नोटबंदी के बाद लगातार सरकार की अव्यवस्था के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। लोगों को रोजमर्री की जरूरतों को पूरा करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। न तचो बैंकों से पैसे मिल रहे न तो एटीएम से पैसे निकल रहे। पहली तारीख को इंतजार के बाद भी कई विभागों के कर्मचारियों के वेतन खाते में न आने के कारण कर्मचारियों को मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पत्रिका से खास बातचीत के दौरान कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा जाहिर की।
मसले पर बातचीत करते हुए राजस्‍व लिपिक अशोक श्रीवास्‍तव ने कहा कि कि अभी तक वेतन खाते में नहीं आया। भीड़ के चलते बैंक में लाइन नहीं लगा सकते कारण कि अफिस की जिम्‍मेदारियां भी निभानी है। हालत यह है कि दैनिक जिम्‍मेदारियों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

राजस्‍व निरीक्षक यदुवंश यादव का कहना है कि वेतन न मिलने से परेशानी बढ़ गयी है। बच्‍चों की फीस तक जमा नहीं हो पा रही है। बैंक एक बार में सिर्फ चार हजार रूपये दे रहा है। सरकार को कर्मचारियों के लिए कुछ व्‍यवस्‍था करनी चाहिए।

लेखपाल श्‍यामलाल यादव का कहना है कि वेतन आया नहीं विभाग से भी कोई रियायत नहीं मिल रही है। खेती, खाद-बीज, राशन आदि की जरूरते पूरी नहीं हो रही।

लेखपाल रामनयन यादव का कहना है वेतन नहीं आया। अगर आ भी जाय तो क्‍या होगा। बैंक बामुश्किल दस हजार रूपये दे रहा है। ऐसे में जरूरत को पूरा करना मुश्किल है।

लेखपाल हरबंश सिंह का कहना है कि अभी वेतन नहीं आया है लेकिन कोई खास समस्‍या नहीं है। नोटबंदी का कोई असर नहीं हैं।

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