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सीएम के सामने काले झंडे, खाली तगारी-फावड़े लेकर करेंगे प्रदर्शन

Updated: IST District President and Congressman Lee press confe
सामूहिक विवाह सम्मेलन में विरोध दर्ज कराएगी कांग्रेस,नोटबंदी, अवैध खनन, आदिवासी संस्कृति से छेड़छाड़ जैसे कई मामले में होगा विरोध दर्ज दो हजार कार्यकर्ता खाली तगारी, फावड़े लेकर करेंगे प्रदर्शन

बड़वानी . सेंधवा में होने वाले सामूहिक विवाह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखा सकते हंै। 19 फरवरी को मुख्यमंत्री आयोजन में शामिल होने के लिए आएंगे। साथ ही विभिन्न मुद्दों पर कांगे्रस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के सामने विरोध भी दर्ज कराएंगे। इस दौरान करीब दो हजार कार्यकर्ता खाली तगारी और फावड़े लेकर प्रदर्शन करेंगे। जिले में एक माह में मुख्यमंत्री का ये तीसरा दौरा है। मुख्यमंत्री के पहले दो आयोजनों में भी विघ्न पड़ा चुका है। अगर कांग्रेस का दमदार विरोध प्रदर्शन हुआ तो जिले में ये लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बिगड़ेगा।

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मुख्यमंत्री कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। जिलाध्यक्ष सुखलाल परमार ने साफ किया कि सेंधवा में 19 फरवरी को होने वाले इस सामूहिक विवाह का कांग्रेस द्वारा 1500 से 2 हजार कार्यकर्ताओं के साथ पूरजोर विरोध दर्ज कराया जाएगा। वार्ता में बताया कि प्रदेश में व्यापम घोटाला, अवैध खनन माफिया, पलायन, किसानों की आत्महत्या आदि समस्याओं को लेकर प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में 22 फरवरी को राजधानी में विधानसभा का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान राजन मंडलोई, इकबाल कापडिय़ा, सुनील यादव, अजयसिंह ठाकुर, ओमप्रकाश गुप्ता पप्पू, राहुल राठौर सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

इसलिए हो रहा विरोध प्रदर्शन

जिलाध्यक्ष सुखलाल परमार ने बताया क्षेत्र के अंतरसिंह आर्य प्रदेश के काबिना मंत्री है और वे आदिवासी समाज से संबंधित होकर आदिवासियों की सामाजिक रीति-रिवाज, परंपरा व संस्कृति से भलीभांति परिचित है। बावजूद 19 फरवरी को प्रदेश शासन की योजनानुसार सेंधवा में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह आयोजन किए जा रहे है। जबकि होलिका स्थापना के बाद आदिवासी समाज में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होते है। इस संबंध में आदिवासी संगठनों ने भी ज्ञापन सौंप अवगत करा दिया है, लेकिन क्षेत्रीय विधायक व काबिना मंत्री सीएम का इस ओर ध्यान आकर्षित नहीं करा रहे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि सामूहिक विवाह में विरोध के दौरान विभिन्न आदिवासी संगठनों का भी समर्थन रहेगा।

ये बात भी रखी

- नमामी देवी नर्मदे यात्रा स्वागत योग्य हैं, लेकिन उद्देश्य समझ से परे है। धार्मिक भावनाओं के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है। जबकि प्रतिदिन नर्मदा के आंचल से अरबों रुपयों की अवैध रेत निकालकर बेची जा रही है। इसमें सत्तापक्ष पार्टी के लोग जुड़े है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं साधु-संत भी इस यात्रा को राजनीति से प्रेरित कह चुके है।

- डूब प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिला और पुन:बसाहट नहीं हुई। वहीं मुख्यमंत्री भाजपा-मां नर्मदा की आड़ में खुलेआम राजनीति कर रहे है।

- किसानों को भारी-भरकम बिजली बिलों से राहत दिलाई जाए। फसलों का उचित दाम दिलाते हुए सभी फसल संबंधित ऋण माफ किए जाए। पीएम फसल बीमा की पर्याप्त राशि दिलाई जाए। सब्जियों के भी उचित दाम दिलवाए जाए।

- सीएम को प्रदेश में 11 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन सामान्य प्रशासन द्वारा अजा-जजा व पिछड़ा वर्ग के विभिन्न सरकारी पदों के रिक्तपद भरने की कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।

- नोटबंदी का फैसला सही है, लेकिन कुप्रबंधन के कारण जनता ने वेदनाएं झेली। लोगों की अकाल मौत हुई है, व्यापार ठप हुए और विकास की गति रुक गई।

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