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Photo Icon पुराने नोट से व्यापारियों ने तय किए कपास के दाम

Updated: IST Barwani. Market traders bought outside the cotton
किसानों ने पुराने नोट नहीं लिए तो व्यापारियों ने कम कर दिए भाव, कम भाव मिलने से कई किसान उपज लेकर लौट गए

बड़वानी. नोटबंदी का फायदा रविवार को कपास व्यापारियों ने उठाया। मंडी के बाहर व्यापारियों ने जमकर मनमानी की और किसानों की उपज मनमाने ढंग से खरीदी।

किसानों की उपज का मूल्य क्वालिटी के हिसाब से नहीं बल्कि बड़े और छोटे नोट के हिसाब से दिया गया। जिस किसान ने बंद हुए नोटों की शक्ल में भुगतान लिया, उन्हें तो व्यापारियों ने पूरा मूल्य दिया, जिन किसानों ने बड़े नोट नहीं लिए उन्हें व्यापारियों ने अपनी इच्छा अनुसार भुगतान किया। मजबूरी में किसान कम भाव में ही उपज व्यापारी को दे गया। उधर मंडी में भाव नहीं मिलने की बात पर किसानों ने हंगामा किया और व्यापारियों को लौटा दिया। हालांकि बाद में व्यापारियों को वापस बुलाया गया और नीलामी शुरू हुई।

मंडी में प्रत्येक रविवार को कपास की नीलामी होती है। मंडी में किसानों को चेक से भुगतान या आटीजीएस से भुगतान किया जा रहा है। इससे बचने के लिए किसान मंडी के बाहर ही अपनी उपज बेच रहे है। रविवार को इस बात का फायदा व्यापारियों ने उठाया। मंडी के बाहर बिक रहे कपास की कीमत बड़े और छोटे नोटों ने तय की। छोटी कसरावद से आए किसान प्रकाश सोलंकी ने बताया कि वो डेढ़ क्विंटल कपास लाए थे। व्यापारी ने उनकी उपज का मूल्य पहले 4 हजार रुपए क्विंटल बताया। जब भुगतान की बारी आई तो व्यापारी बंद हुए नोट से कीमत देने लगा। किसान ने मना किया तो सौ-सौ के नोट से 3200 रुपए क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया। मजबूरी में किसान ने 3200 रुपए के हिसाब से पेमेंट लिया। ऐसा ही एक अन्य किसान के साथ भी हुआ। उसका कपास पहले तो व्यापारी ने 4500 रुपए के हिसाब से लगाया, लेकिन जब भुगतान की बारी आई तो छोटे नोट की शक्ल में 3500 रुपए के हिसाब से भुगतान किया।

भाव को लेकर किसान नाराज

मंडी में कपास के खुले भाव को लेकर किसान नाराज दिखाई दिए। पिछोड़ी से एक बैलगाड़ी कपास लेकर आए किसान मंशाराम जलाल ने बताया कि मंडी में उनकी उपज का मूल्य 4775 रुपए क्विंटल के भाव मिला। जबकि बाजार में व्यापारी इसका भाव 4900 रुपए दे रहे थे। अच्छे भाव के लिए मंडी में आया तो निराशा ही हाथ लगी। कल्याणपुरा से एक ट्रैक्टर कपास लाए किसान जगदीश रमेश ने बताया कि मंडी में लूट मचा रखी है। व्यापारियों की मोनोपॉली चल रही है। आसपास की मंडियों में 5200 से ऊपर है। यहां 45 से 4800 रुपए तक ही दिए जा रहे है। खापरखेड़ा से आए किसान लक्ष्मण ने बताया कि वो मंडी में सिर्फभाव जानने आए थे। बड़वानी मंडी से अच्छा भाव तो अंजड़ में मिल रहा है। अपनी उपज को वहीं बेचेंगे। वहीं, मंडी कर्मचारियों ने बताया कि क्वालिटी के हिसाब से माल बिक रहा था। किसान को लगा कि उपज का भाव कम दे रहे है।

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