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यहां सरहद पर इस तरह जान गंवा रही देश की युवा पीढ़ी

Updated: IST drug
भारत नेपाल सीमा से सटा रूपईडीहा कस्बा इलाका स्मैक की थोक व फुटकर बाजार की मण्डी बन चुकी है

बहराइच. भारत नेपाल सीमा से सटा रूपईडीहा कस्बा इलाका स्मैक की थोक व फुटकर बाजार की मण्डी बन चुकी है। जिसपर सरहद की सुरक्षा में लगी एसएसबी की टीम कई बार छापेमारी कर कस्बे के कई लोगों में फैले स्मैक के गोरखधंधे से जुड़े लोगों को पकड़कर जेल भेजा है। जिसका असर ये रहा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोग जमानत पर रिहा होकर आने पर और जोश के साथ स्मैक के कारोबार को परवान चढ़ाने में लग गये है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस के गठजोड़ से ही सरहद पर नशे के सौदागरों का धंधा परवान चढ़ रहा है, इस नजरिये से थाना रुपईडीहा कि पुलिस पर उठ रही ऊंगली और बढ़ते नशे के कारोबार को देख स्थानीय पुलिस की मिलीभत से इंकार नहीं किया जा सकता है।

कस्बे की नई बस्ती, राना पेंट्रोल पम्प का आस-पास का इलाका, भट्ठा मोहल्ला, बरथनवा चैराहा, मुस्लिमबाग, रूपईडीहा गांव, हीरो मोटर साइकिल एजेंसी के पीछे का क्षेत्र ही नहीं बल्कि रूपईडीहा से सटे गांव पचपकरी व रंजीतबोझा के युवा भी इस लत के शिकार होते जा रहे है। नेपाली युवकों का इन क्षेत्रों में सुबह से शाम तक स्मैक पीने के लिए मेला लगा रहता है। कुछ दिन पूर्व कस्बे से सटा नेपाली गांव जैसपुर स्मैक का ट्राजिट प्वांट बना हुआ था। परन्तु पड़ोसी नेपाली जिला बांके के एसपी टेक प्रसाद राई के प्रयास से गांव के लोगों को इकट्ठा कर स्मैक से बर्बाद हो रहे युवकों के बारे मे जानकारी देने के कारण वहां स्मैक का कारोबार लगभग ठप सा हो गया है।

नेपाली पुलिस ने लगभग 30 भारतीय युवकों को स्मैक की तस्करी कर ले जाते समय पकड़ कर जेल भेजा है। जो नेपालगंज की जेल में बंद है। अब स्मैक का ट्राजिट प्वांइट कस्बे की नई बस्ती बन गया है। नई बस्ती में कई लोग महिलाओं व बच्चों द्वारा नानपारा से स्मैक मंगवाते है। यही पर नेपाल का युवा वर्ग स्मैक पीता है और नेपाल ले जाता है। थाने में समय-समय पर होने वाली शांति कमेटी की बैठकों में केवलपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मो. जुबेर फारूकी, राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संघ रूपईडीहा इकाई के अध्यक्ष विजय कुमार मित्तल, महामंत्री रजा इमाम रिजवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष सिंह, अध्यापक रामजी सिंह, जेके सिंह, आरएस वर्मा व समाज सेवी रमेश कुमार अमलानी सहित दर्जनों लोग स्मैक के व्यापार पर अंकुश लगाने की आवाजे उठाते रहे है।

परन्तु आज तक पुलिस के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। स्मैक की इस प्रकार हो रही खुलेआम बिक्री से लोग पुलिस की संलिप्ता से इनकार नहीं कर पा रहे है। इस कुलत के कारण कस्बे के 08 युवा मौत का शिकार हो चुके है। दिनेश कुमार मदेशिया, वासिफ, राशिद, टिल्लू, निसार, बच्छऊ तथा मरजीना व शब्बो नामक युवतियां इसी लत के कारण मौत के आगोश में चली गयी। कस्बे के लगभग 50 युवा इस लत के आदी हो चुके है। यदि स्मैक के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही नहीं की गयी तो क्षेत्र की युवा पीढ़ी को बर्बाद होने से नहीं बचाया जा सकेगा।

इसी लत के कारण गरीब युवा कस्बे में अब चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं। इलाके में चोरी के सेंसेक्स का ग्राफ लगातार उछाल मार रहा है, अब देखना है कि सरहद पर नशे की गिरफ्त में बड़ी तेजी से आ रहे नौजवानों को नशे की लत के जाल से कैसे बचाने का प्रबंध जिम्मेदारों द्वारा किया जाता है।

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