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अब ऑनलाइन मिलेगा विस्फोटक पदार्थों का लायसेंस, जाने कब से शुरू होगी प्रक्रिया

Updated: IST balaghat
खैरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट जैसी दुर्घटना भविष्य में न हो इसके लिए शासन ने अधिकारियों को प्रशिक्षित करने बालाघाट मुख्यालय में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया।

बालाघाट. खैरी पटाखा फैक्ट्री विस्फोट जैसी दुर्घटना भविष्य में न हो इसके लिए शासन ने अधिकारियों को प्रशिक्षित करने बालाघाट मुख्यालय में मंगलवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बालाघाट रेंज के डीआईजी एनपी वरकड़े, कलेक्टर भरत यादव, एसपी अमित सांघी, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन नागपुर के संयुक्त मुख्य नियंत्रक ध्रूव शुक्ला, भोपाल के उप नियंत्रक वजीजुद्दीन, संभाग के अन्य जिलों के अपर कलेक्टर, एएसपी, श्रम विभाग के अधिकारी, विस्फोटक लायसेंस शाखा के कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्घटना से रोकने के लिए दी जानकारी
इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को विस्फोटक पदार्थों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा, सावधानियां, लायसेंस देने व उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। कलेक्टर भरत यादव ने विस्फोटक पदार्थ के लायसेंस की प्रतिलिपि श्रम विभाग, स्वास्थ्य व सुरक्षा, पुलिस को भी दी जाए। पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन नागपुर के संयुक्त मुख्य नियंत्रक ध्रुव शुक्ला ने बताया कि विस्फोटक पदार्थ का उपयोग विकास कार्यों के लिए जरूरी है। इसका विध्वंस के कार्य में उपयोग न हो सकंे।
जुलाई माह से शुरू होगी प्रक्रिया
सुरक्षा के व्यापक इंतजामों पर निगरानी करने के लिए विस्फोटक पदार्थों के लायसेंस देने की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को 15 जुलाई तक वेबसाइट में डाटा की एन्ट्री करने कहा गया है। आनलाइन प्रक्रिया में विस्फोटक पदार्थों के परिवहन का रूट भी फिक्स कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन देख सकते हंै कि उनके क्षेत्र से कितने विस्फोटक का परिवहन हो रहा है।
कलेक्टर दे सकते हैं 15 किग्रा विस्फोटक पदार्थ का लायसेंस
कार्यशाला में बताया गया कि जिला दंडाधिकारी को 15 किलोग्राम तक विस्फोटक पदार्थों के लायसेंस देने का अधिकार है। उससे अधिक मात्रा के विस्फोटक पदार्थ के लायसेंस देने का अधिकार नियंत्रक पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन को है। लेकिन इसके लिए एनओसी जिला दंडाधिकारी को देना होता है।
फैक्ट्री के लिए ये भी है नियम
पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में विस्फोटक के रखने, मिक्सिंग व पटाखा बनाने के अलग-अलग कक्ष होने चाहिए। उनके बीच सुरक्षा के लिए एक ब्लास्ट वाल होना चाहिए। यह कक्ष निर्धारित मापदंड के और निश्चित न्यूनतम दूरी पर होने चाहिए। एक कक्ष में दो से ज्यादा व्यक्ति काम नहीं कर सकते है। कार्यशाला में बताया गया कि दीवाली के समय पर पटाखा दुकानों के अस्थायी लायसेंस दिए जाते हैं। अस्थायी लायसेंस देने के समय भी ध्यान रखना चाहिए कि दो दुकानों के बीच में कम से कम तीन मीटर की दूरी हो। दो दुकानों के मुंह आमने-सामने नहीं होने चाहिए। विस्फोटक पदार्थ के परिवहन में इस बात का ध्यान रखा जाए कि डिटोनेटर और जिलेटिन का एक साथ परिवहन न हो।

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