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अधिकारियों को सुविधा, दिव्यांगों की बढ़ी परेशानी

Updated: IST balaghat
कार्यालय के स्थानांतरण से दिव्यांगों और बुजुर्गों को हो रही परेशानी

बालाघाट. जिला पंजीयक और रजिस्ट्रार कार्यालय को नए कलेक्ट्रेट भवन में स्थानांतरित किए जाने के बाद से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। यहां रजिस्ट्री व अन्य कार्य से आने वाले खासकर दिव्यांग व बुजुर्गों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। नए कलेक्ट्रेट भवन के पास स्टाम्प वेंडरों, फोटो कॉपी के अलावा चाय-पान की दुकानों तक की व्यवस्था नहीं है। इस कारण यहां दूर दराज से आने वाले ग्रामीणों को काफी तकलीफों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने अधिकारियों को नए भवन में शिफ्ट कर उन्हें सुविधा तो दिला दी गई, लेकिन लोगों की परेशान बढ़ा दी है।
इसी तरह पुराने रजिस्ट्री कार्यालय के पास स्टाम्प बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले वेंडरों ने बताया कि रजिस्ट्री कार्यालय के स्थानांनतरित होने से उन्हें भी काफी परेशानी आ रही है।
रजिस्ट्री कराने सबसे अधिक स्टाम्प की आवश्यकता होती है। बावजूद इसके स्टाम्प वेंडरों को नए कलेक्ट्रेट भवन में जगह नहीं दी जा रही है। इससे उपभोक्ताओं के साथ ही वेंडरों को परेशानी हो रही है। इन्होंने बताया कि नए कलेक्ट्रेट भवन परिसर या बाहर बाउन्ड्रीवाल के किनारे पंजीकृत वेंडरों और फोटो कॉपी व स्टेशनरी दुकान संचालकों को गुमठियां बनाकर दी जानी चाहिए। ताकि किसी को काई दुविधा न हो।

नहीं है कोई सुविधा
जानकारी के अनुसार नए कलेक्ट्रेेट कार्यालय के आस-पास फोटो कापी, स्टाम्प, नोटरी, टिकिट सहित अन्य कोई आवश्यक सुविधाए नहींहै।। इस कारण रजिस्ट्री करवाने आने पर सबसे पहले लोगों को स्टाम्प के लिए बस स्टैंड आकर स्टाम्प वेंडरों से स्टाम्प लेना पड़ता है। इसके बाद दोबारा यदि किसी चीज की जरुरत पड़ती है, तो बस स्टैंड आना पड़ता है।

नहीं बनाए गए रैम्प और शेड
पुराने रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे बैहर के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि रजिस्ट्रार कार्यालय नए कलेक्ट्रेट भवन चला गया है। वहां जाकर देखा तो बिल्डिंग के दूसरे माले में रजिस्ट्रार कार्यालय संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनके एक साथ एक 80 वर्षीय बुजुर्ग और एक दिव्यांग व्यक्ति भी है। इस कारण पहले तो उन्हें नए भवन पहुंंचने में तकलीफों का सामना करना पड़ा। इसके बाद दो मंजिल उपर चढ़ते समय बुजुर्ग और दिव्यांग को सहारा लेकर चढ़ाना पड़ा। उन्होंने बताया कि पुराने रजिस्ट्रार कार्यालय में रेम्प बनवाया था। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालय में दिव्यांगों और बुजुर्गों के बैठने व आसानी से आवागमन करने रैम्प और शेड बनाए गए हैं। लेकिन नए कलेक्ट्रेट भवन में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि रजिस्ट्री कराने नित्य बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों का आना होता है।

इनका कहना है
नए कलेक्ट्रेट भवन को सर्व सुविधायुक्त बनाया जा रहा है। लोगों की इस समस्या का हल भी निकाला जाएगा।
भरत यादव, कलेक्टर

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