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जेबा की जुबानी...नेता नहीं हूं, इसलिए झूठे वादे नहीं करूंगी

Updated: IST Zeba
रिजवान तुलसीपुर विधानसभा में अपने पिता की विरासत संभालने निकली हैं।

बलरामपुर. सियासत में दशकों से धमक भरी राजनीति करने वाले रिजवान जहीर की बेटी जेबा रिजवान तुलसीपुर विधानसभा में अपने पिता की विरासत संभालने निकली हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाली जेबा को दलगत राजनीति में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और चुनाव बाद क्या हैं उनके इरादे, जानने के लिए पत्रिका संवाददाता मुधकर मिश्र ने उनसे विस्तार से बातचीत की।

- पत्रकारिता से राजनीति में आने का एकाएक कैसे सूझी?

राजनीति में बदलाव की सोच के साथ आई हूं और मैं जनता से झूठे और बहुत बड़े वादे नहीं करूंगी लेकिन मेरा काम पांच साल बाद लोगों को जरूर देखने को मिलेगा।

- क्या वाकई, यूपी को सपा और कांग्रेस का यह साथ पसंद है?

देखिए, गठबंधन राहुल भैया और अखिलेश भैया के बीच की बात है। आलम यह है कि इस सीट पर लोग गठबंधन को ठीक से नहीं समझ पा रहे हैं। यहां के लोग चाहते थे कि निर्दलीय मैदान में उतरूं, लेकिन कांग्रेस से मौका मिला तो सिंबल लेकर कूद पड़े हैं। गठबंधन से फायदा जरूर होगा।

- लेकिन जनता कैसे जानेगी कि गठबंधन का असली प्रत्याशी कौन है?

देखिए, आने वाले दिनों में बड़े नेता की रैली में यह बात शीशे की तरह साफ हो जाएगी कि असली प्रत्याशी कौन है। फिर चाहे अखिलेश भैया आएं या फिर डिंपल जी आएं।

- राजनीति में किस तरह का बदलाव लाने की कोशिश करेंगी?

धर्म और जाति की राजनीति सिर्फ और सिर्फ यूपी और बिहार में दिखाई देती है। मुझे सभी का खूब स्नेह मिल रहा है क्योंकि मेरे पिताजी ने कभी जाति—धर्म की राजनीति नहीं की। जिस तरह हम महेश भैया के बैठते हैं तो उसी तरह हम उस्मान भैया के यहां जाकर चाय पीते हैं। यह सिलसिला जारी रहेगा।

- क्षेत्र की जनता आखिर आपको क्यों विधायक चुने?

इसके लिए थोड़ा पीछे जाकर देखना होगा। मेरे पिताजी ने बलरामपुर को जिला बनवाया। जिस समय यह क्षेत्र गोंडा में आता था, उस समय मेरे पिता जी सत्ता में नहीं थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी जी से मिलकर यहां की छोटी रेलवे लाइन को लूप लाइन कराया। तुलसीपुर क्षेत्र में जितनी सडक़ें देख रहे हैं, वह सभी मेरे पिताजी ने बनवाई है। इसी काम को आगे बढ़ाना है।

-चुनाव जीतने के बाद प्राथमिक तौर पर कौन से कार्य कराएंगी?

विकास कार्यों के साथ शिक्षा पर ज्यादा जोर दूंगी। विशेष रूप से लड़कियों के लिए ज्यादा ध्यान दूंगी क्योंकि यहां पर तीस—तीस किलोमीटर पर एक स्कूल है। ऐसे में अच्छी शिक्षा के साथ किसी भी घर की बच्ची आसानी से स्कूल पहुंच सके इस पर पूरा ध्यान दूंगी।
-स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर आपके क्षेत्र के लोगों की बड़ी शिकायतें हैं?

इस क्षेत्र का शुमार यूपी के सबसे पिछड़े इलाके के रूप में होता है। सेहत के मोर्चे पर कई चीजें हैं जिसके लिए मैंने प्लान बना रखा है।

- चुनाव में आपका असल मुकाबला किस पार्टी के उम्मीदवार से है?

मेरा किसी व्यक्ति से मुकाबला नहीं है। मेरी किसी से कोई लड़ाई नहीं है, मैं पिछड़ों की लड़ाई लडऩे और क्षेत्र का पिछड़ापन दूर करने के लिए आई हूं। उसी के लिए जनता का साथ मांग रही हूं।

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